Reading Comprehension-Prose or Drama (CTET Paper-II Hindi): Questions 134 - 140 of 413

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Passage

विचार विनिमय के लिए केवल मनुष्य को ही वाणी का वरदान प्राप्त है। पशु-पक्षी अपने भाव और विचार शारीरिक मुद्राओं और संकेतों द्वारा प्रकट करते हैं। वाणी के अनेक रूप है जो भाषाया बोली कहलाते हैं। प्राय: सभी स्वतंत्र देशों की अपनी-अपनी भाषाएँ है। उनके साथ स्थानीय बोलियाँ भी है जो भाषा का ही प्रादेशित रूप हैं। सबसे अधिक सुगम, सरल और स्वाभाविक भाषा मातृभाषा कहलाती है। यह बालक को जन्मजात संस्कार से मिलती है। अन्य भाषाएँ अर्जित होती है जो अभ्यास द्वारा सीखी जाती है। अपने घर-परिवार, वर्ग, जाति और देश के मध्य विचार-विनिमय के लिए सबसे सरल भाषा मातृभाषा ही है। अपनी मातृभाषा द्वारा जितनी सहजता से भाव व्यक्त किया जा सकता है वैसा सहज सामर्थ्य किसी अन्य अर्जित भाषा में नहीं होता। राष्ट्र की एकता और पारस्परिक विचार-विनिमय की सुविधा के लिए राष्ट्रभाषा की आवश्यकता में किसी भी संदेह नहीं हो सकता। सभी राष्ट्र अपनी राष्ट्रभाषा को सम्मान देते और व्यवहार में लाते हैं। स्वतंत्र भारत में भी हमें अपने राष्ट्र व भाषाओं को अपनाना चाहिए। राष्ट्रीय गौरव और स्वाभिमान के लिए यह आवश्यक है।

Question number: 134 (6 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

शब्द ‘विनियम’ का आशय है

Choices

Choice (4) Response

a.

लेन-देन

b.

आवागमन

c.

परिवर्तन

d.

गमन

Question number: 135 (7 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

मातृभाषा वह भाषा रूप है जो

Choices

Choice (4) Response

a.

सर्वाधिक ग्राह्य, लचीला और स्वाभाविक है

b.

कठोर, निरर्थक और दुरूह है

c.

मस्तिष्क का विकास अवरूद्ध करता है

d.

ज्ञान क्षेत्र को सीमित करता है

Question number: 136 (8 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

राष्ट्रभाषा का महत्व इस तथ्य में निहित है कि वह

Choices

Choice (4) Response

a.

राष्ट्र को खण्डित करने में सहायक होती है

b.

राष्ट्रीय एकता की द्योतक है

c.

राष्ट्रीय शक्तियों को दृढ़ करती है

d.

जातीय विकास में सहायक है

Question number: 137 (9 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

राष्ट्र का गौरव सुरक्षित रह सकता है

Choices

Choice (4) Response

a.

भाषायी विवादों का प्रश्रय देने से

b.

विदेशी भाषाओं को अपनाने से

c.

स्व-भाषाओं को ग्रहण करने से

d.

राष्ट्रभाषा का विरोध करने से

Passage

बाल श्रम ने भारतमाता के दैदीप्यमान मस्तक को मलिनतापूर्ण बना दिया है। उद्योगों और विभिन्न कल-कारखानों में हाड़तोड परिश्रम करते बच्चें को देख मानवता रो पड़ती है। भट्टियों पर काम करते हुए मालिकों के लिए अपने शरीर को होम करने वाले मासूम आँख, नाक एवं फेफड़ों की गम्भीर बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। इनकी नियति ही ऐसी है कि मनुष्य जीवन के चक्र का अहम भाग जवानी इनके लिए नहीं बनी है। ये तो सीधे ही वृद्धावस्था को प्राप्त करते हैं। कथित मालिकों की झिड़कियाँ और गाहे-बगाहे मार झेलने इन बच्चे बालक-बालिकाओं का जीवन देखकर प्रतीत होता है कि सृष्टा ने अत्यधिक क्रूरता ये इनका भाग्य रचा है। नियोक्ताओं के लिए बाल श्रम का उपयोग निपारद है। इसके माध्यम से वे अनुचित लाभ उठाकर अपना पथ कंटक विहीन कर लेता हैं।

बाल श्रम रूपी असुर के बन्धन में जकड़ी बालिकाओं और किशोरियों की स्थिति और भी भयानक है। माता-पिता की दारिद्रय-मुक्ति हेतु भागीरथी प्रयास करती बालिकाएँ स्वयं एक सर्वभोग्या जलधारा के रूप में प्रवाहमान है। जिन्हें जग चाहे ठेकेदार और नियोक्ता पी डालते है और अभिभावक विवशतावश चूँ भी नहीं की पाते। यौनाचार को जो घिनौना चेहरा आज सम्पूर्ण सजाम में दिखाई दे रहा है उसके पीछे बाल श्रम की अभिवृद्धि भी प्रमुख रूप से उत्तरदायी है। सिंगापुर, थाईलैण्ड, मलेशिया, इण्डोनेशिया, नेपाल जैसे देशों में पर्यटन के बहाने मौजमस्ती करने आए लोग दस-बारह वर्ष की वय वाली लड़कियों की माँग करते हैं ताकि वे एड्स से बचे रहें। दलालों के लिए यह सौदा फायदे का होता है। वे बाल श्रम में लगी लड़कियों और उनके मजबूर माता-पिता को अपना शिकार बनाते हैं और देह व्यापार के गहरे गर्त में धकेल देते हैं।

राज्य का दायित्व है कि वह बाल श्रम कानून का कड़ाई से पालन करवाये और दोषियों को कठोर दण्ड का प्रावधान करें। बाल श्रमिकों के पुर्ननिवास हेतु उनके संरक्षकों को समुचित सहायता करायें। तभी हम देश के भविष्य अपने नैनिहालों को पल्लवित होने का अवसर देकर राष्ट्रगौरव को निष्प्रभ होने से बचा सकेंगे।

Question number: 138 (1 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

‘मानवता’ शब्द में प्रयुक्त प्रत्यय है

Choices

Choice (4) Response

a.

ता

b.

अता

c.

वता

d.

Question number: 139 (2 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

दारिद्रय मुक्ति का पर्याय है

Choices

Choice (4) Response

a.

गरीबी का निवारण

b.

मजदूरी करना

c.

व्यवसाय करना

d.

धन कमाना

Question number: 140 (3 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

‘बालिकाएँ स्वयं एक सर्वभोग्या जलधारा के रूप में प्रवाहमान है।’ यह कथन किस तथ्य को रेखांकित कर रहा है?

Choices

Choice (4) Response

a.

देश की बालिकाएँ नदियों के समान पवित्र है

b.

बालिकाएँ दरिद्रतावश घर-घर जाकर काम करती है

c.

बाल यौनाचार ने समाज रूपी सरिता को सर्वभोग्या बना डाला है

d.

बाल श्रम से बालिकाओं के यौन शोषण की प्रवृत्ति बढ़ रही है

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