Reading Comprehension-Prose or Drama (CTET (Central Teacher Eligibility Test) Paper-II Hindi): Questions 71 - 77 of 413

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Passage

संसार के सभी देशों में शिक्षित व्यक्ति की सबसे पहली पहचान यह होती है कि वह अपनी मातृभाषा में दक्षता से काम कर सकता है। केवल भारत ही एक देश है जिसमें शिक्षित व्यक्ति वह समझा जाता है जो अपनी मातृभाषा में दक्ष हो या नहीं, किन्तु अंग्रेजी में जिसकी दक्षता असंदिग्ध हो। संसार के अन्य देशों में सुसंस्कृत व्यक्ति वह समझा जाता है जिसके घर में अपनी भाषा की पुस्तकों का संग्रह हो और जिसे बराबर यह पता रहे कि उसकी भाषा के अ च्छे लेखक और कवि कौन हैं तथा समय-समय पर उनकी कौनसी कृतियाँ प्रकाशित हो रही है। भारत में स्थिति दूसरी है। यहाँ प्राय: घर में साज-सज्जा के आधुनिक उपकरण तो होते हैं किन्तु अपनी भाषा की कोई पुस्तक या पत्रिका दिखाई नहीं पड़ती। यह दुवस्था भले ही किसी ऐतिहासिक प्रक्रिया का परिणाम है, किन्तु वह सुदशा नहीं, दुवस्था ही है और जब तक वह दुवस्था कायम है, हमें अपने आपको सही अर्थों में शिक्षित और सुसंस्कृत मानने का ठीकठाक न्याय संगत अधिकार नहीं है।

इस दुवस्था का एक भयानक दुष्परिणाम यह है कि भारतीय भाषाओं के समकालीन साहित्य पर उन लोगों की दृष्टि नहीं पड़ती जो विश्वविद्यालयों के प्राय: सर्वोत्तम छात्र थे और अब शासत्र तन्त्र में ऊँचे ओहदों पर काम कर रहे हैं। इस दृष्टि से भारतीय भाषाओं के लेखक केवल यूरोपीय और अमेरिकी लेखकों से ही हीन नहीं है, बल्कि उनकी किस्मत मिस्त्र, बर्मा, इण्डोनेशिया, चीन और जापान के लेखकों की किस्मत से भी खराब है क्योंकि इन सभी देशों के लेखकाेें की कृतियाँ वहाँ के अत्यन्त सुशिक्षत लोग भी पढ़ते हैं। केवल हम ही है जिनकी पुस्तकों पर यहाँ के तथाकथित शिक्षित समुदाय की दृष्टि प्राय: नहीं पड़ती। हमारा तथाकथित उच्च शिक्षिक समुदाय जो कुछ पढ़ना चाहता है, उसे अंग्रेजी में ही पढ़ लेता है, यहाँ तक कि उसकी कविता और उपन्याय पढ़ने की तृष्णा भी अंग्रेजी की कविता और उपन्यास पढ़कर ही समाप्त हो जाती है और उसे यह जानने की इच्छा ही नहीं होती कि शरीर से वह जिस समाज का सदस्य है उसके मनोभाव उपन्यास और काव्य में किस अदा से व्यक्त हो रहे है।

Question number: 71 (9 of 9 Based on Passage) Show Passage

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MCQ▾

Question

सर्वोत्त में प्रयुक्त समास है

Choices

Choice (4) Response

a.

कर्मधारय

b.

अव्ययीभाव

c.

तत्पुरूष

d.

बहुब्रीहि

Passage

इस संसार की यही रीति है। सत्यवादी मारा जाता है। आज के सहस्त्रों वर्ष पूर्व ग्रीस देश में एक दार्शनिक रहा करता था। उसका नाम सुकरात था। उसकी बातें सीधी सच्ची पर तीखी होती थी। समाज उन्हें सह नहीं सका और उसे कानूनी आज्ञा का पालन करते हुए विष कय प्याला पीना पड़ा। इसी प्रकार तत्कालीन शासन सत्ता तथा सामाजिक और धार्मिक दुराचारों के विरूद्ध आवाज उठाने पर ईसा को सूली पर चढ़ना पड़ा। सलीब पर ये ईसा का यह आर्तनाद आज भी गूँज रहा है - हे प्रभु हे पिता, तुम हमें क्यों भूल गए हो? साम्प्रादायिक विषय को शान्त करने और लोगों में साम्प्रदायिक सद्भावना फैलाने के लिए गाँधीजी अपने जीवन की बाजी लगाकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर घूमते फिरे, अंत में उन्हें गोली का शिकार होना पड़ा। इन दृष्टान्तों की पुनरावृत्ति अभी हाल ही में अमेरिका में हुई है। वहाँ के काले लोगों को अनेक रंग और जाति के दुर्व्यवहारों से मुक्ति दिलाकर समाज में समुचिज स्थान दिलाने को डॉ. किंग ने अहिंसक आन्दोलन खड़ा किया था। उन्होंने चाहा कि अमेरिका के गोरे लोगों में हृदय परिवर्तन हो और वे नीग्रो अमेरिकनों को नौकरी में और सामाजिक प्रतिष्ठा में वहीं स्थान पाने दें जो श्वेत अमेरिकनों को मिलता है, लेकिन उसको भी निर्भीक सच्चाई बरतने का मूल्य अपने प्राण देकर चुकाना पड़ा। आज संसार के सामने वही पुराना प्रश्न फिर खड़ा हो गया है। क्या दुनिया में सच कहने वालों का और इन्साफ मांगने वालों का इसी प्रकार अंत होता रहेगा? क्या आपसी विदव्ेष को समाप्त करने की सम्भावना, इस दुनिया में सबको पसन्द नहीं हो सकेगी? जरा सोचिए, यदि इन प्रश्नों का उत्तर नकारात्मक हुआ, तो मनुष्य जाति का भविष्य कितना निराशाजनक होगा?

Question number: 72 (1 of 8 Based on Passage) Show Passage

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Question

डॉ. किंग को प्राणों को मूल्य किस लिए चुकाना पड़ा?

Choices

Choice (4) Response

a.

निर्भीक सच्चाई बरतने का मूल्य

b.

साम्प्रदायिक विष फैलाने के लिए

c.

रंगभेद का वातावरण तैयार करने के लिए

d.

सामाजिक न्याय दिलाने के प्रयासों के लिए

Question number: 73 (2 of 8 Based on Passage) Show Passage

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Question

गाँधीजी को गोली का शिकार होना पड़ा, क्योंकि

Choices

Choice (4) Response

a.

धार्मिक दुराचारों के विरूद्ध आवाज उठाने के लिए

b.

साम्प्रदायिक विष शान्त करने एवं साम्प्रदायिक सद्भावना फैलाने के कारण

c.

अहिंसक आन्दोलन चलाने के कारण

d.

काले लोगों को सामाजिक प्रतिष्ठा दिलाने के कारण

Question number: 74 (3 of 8 Based on Passage) Show Passage

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Question

डॉ. किंग ने अहिंसक आन्दोलन चलाया

Choices

Choice (4) Response

a.

गोरे लोगों के हृदय परिवर्तन के लिए

b.

अश्वेत लोगों की स्वतंत्रता के लिए

c.

आर्थिक सहभागिता के लिए

d.

सत्ता परिवर्तन के लिए

Question number: 75 (4 of 8 Based on Passage) Show Passage

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Question

ईसा का आर्तनाद कहाँ से गूँज रहा था?

Choices

Choice (4) Response

a.

किलों पर से

b.

सूली पर से

c.

सलीब पर से

d.

चोटी पर से

Question number: 76 (5 of 8 Based on Passage) Show Passage

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Question

सुकरात को विष का प्याला क्यों पीना पड़ा?

Choices

Choice (4) Response

a.

वे खरी-खोटी कहते थे

b.

वे जाति-पाँति का भेदभाव करते थे

c.

उनकी सीधी-सच्ची एवं तीखी बातें समाज सह नहीं सका

d.

वे लड़ाकू वृत्ति के थे

Question number: 77 (6 of 8 Based on Passage) Show Passage

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Question

ग्रीस देश के एक दार्शनिक का नाम था

Choices

Choice (4) Response

a.

अरस्तू

b.

सुकरात

c.

प्लेटो

d.

वाल्टेयर

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