Reading Comprehension (CTET Paper-II Hindi): Questions 578 - 586 of 592

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Passage

तत्त्ववेत्ता शिक्षाविदों के अनुसार विद्या दो प्रकार की होती है। प्रथम वह जो हमें जीवनयापन के लिए अर्जन करना सिखाती है और दव्तीय वह, जो हमें जीना सिखलाती है। इनमें से एक का अभाव भी जीवन को निरर्थक बना देता है। बिना कमाए जीवन निर्वाह सम्भव नहीं। कोई भी नहीं चाहेगा कि वह परावलम्बी हो, माता-पिता, परिवार के किसी सदस्य, जाति या समाज पर आश्रित रहे। ऐसी विद्या से विहीन व्यक्ति का जीवन दूभर हो जाता है। वह दूसरों के लिए भार बन जाता है। साथ ही दूसरी विद्या के बिना सार्थक जीवन नहीं जिया जा सकता। बहुत अर्जित कर लेने वाले व्यक्ति का जीवन यदि सुचारू रूप से नहीं चल रहा, उसमें यदि वह जीवन शक्ति नहीं है, जो उसके अपने जीवन को तो सत्पथ पर अग्रसर करती ही है, साथ ही वह अपने समाज, जाति एवं राष्ट्र के लिए भी मार्गदर्शन करती है, तो उसका जीवन भी मानव जीवन का अभियान नहीं पा सकता। वह भारवाही गर्दभ बन जाता है या पूँछ- सींग विहीन पशु कहा जाता है। वर्तमान भारत में पहली विद्या का प्राय: अभाव दिखाई देता है, परन्तु दूसरी विद्या का रूप भी विकृत ही है, क्योंकि न तो स्कूलों-कॉलेजों में शिक्षा प्राप्त करके निकला छात्र जीविकोपार्जन के योग्य बन पाता है और न ही वह उन संस्कारों से युक्त हो पाता है, जिन्हें ‘जीने की कला’ की संज्ञा दी जाती है, जिनसे व्यक्ति ‘कु’ से ‘सु’ बनता है, सुशिक्षित और सुसंस्कृत कहलाने का अधिकारी होता है।

वर्तमान शिक्षा पद्धति के अन्तर्गत हम जो विद्या प्राप्त कर रहे है, उनकी विशेषताओं को सर्वथा नकारा भी नहीं जा सकता है। यह शिक्षा कुछ सीता तक हमारे दृष्टिकोण को विकसित भी करती है, हमारी मनीषा को प्रबद्ध बनाती है तथा भावनाओं को चेतन करती है किन्तु कला, शिल्प, प्रौद्योगिकी आदि की शिक्षा नाम मात्र ही होने के फलस्वरूप इस देश के स्नातक के लिए जीविकोपार्जन टेढ़ी खीर बन जाता है।

Question number: 578 (9 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

MCQ▾

Question

टेढ़ी खीर बन जाना

Choices

Choice (4) Response

a.

खीर में स्वाद नहीं होना

b.

अकड़ जाना

c.

कठिन हो जाना

d.

निर्मम होना

Question number: 579

» Reading Comprehension » Poetry

Appeared in Year: 2012

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Question

कविता शिक्षण में आप सर्वाधिक महत्व किसे देंगे?

Choices

Choice (4) Response

a.

कविता का भावपूर्ण पठन और रसानुभूति

b.

कविता में अलंकारों की पहचान

c.

कविता का भाव विश्लेषण

d.

कविता के तत्वों के आधार पर उसकी समीक्षा

Passage

सारी शीतल कोमल नूतन,

माँ रहे तुझसे ज्वाला-कण

विश्व-शलभ सिर धुन कहता ‘मैं

हाय न जल पाया तुझ में मिल’।

सिहर-सिहर मेरे दीपक जल!

जलते नभ में देश असंख्यक,

स्नेहहीत नित कितने दीपक,

जलमय सागर का उर जलता

विद्युत ले घिरता है बादल!

विहँस विहँस मेरे दीपक जल!

Question number: 580 (1 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

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Question

इस काव्यांश की शैली कैसी हो?

Choices

Choice (4) Response

a.

प्रतीकात्मक

b.

सम्बोधन

c.

चित्रात्मक

d.

None of the above

Question number: 581 (2 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

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Question

‘विहँस’ शब्द का अर्थ है

Choices

Choice (4) Response

a.

हंस पक्षी

b.

प्रसन्न

c.

हँसी

d.

संसार

Question number: 582 (3 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

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Question

दीपक में मिलकर कौन जलना चाहता है?

Choices

Choice (4) Response

a.

मनुष्य

b.

सागर का जल

c.

आसमान में छाये तारे

d.

विरहरूपी पतंगा

Question number: 583 (4 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

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Question

इस काव्यांश में कवि ने दीपक के माध्यम से किसे सम्बोधित किया है?

Choices

Choice (4) Response

a.

मनुष्यों को

b.

ईश्वर को

c.

शलभ को

d.

सागर को

Question number: 584 (5 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

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Question

शब्द ‘ज्वाला’ का पर्यायवाची है

Choices

Choice (4) Response

a.

नलिन

b.

अनल

c.

लोचन

d.

सहग

Question number: 585 (6 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

MCQ▾

Question

इस काव्यांश की भाषा कैसी है?

Choices

Choice (4) Response

a.

सरल साहित्यिक हिन्दी

b.

शुद्ध साहित्यिक खड़ी बोली

c.

शुद्ध संस्कृतनिष्ठ खड़ी बोली

d.

ब्रजभाषा

Passage

तिमिर दारूण मिहिर बरसो।

ज्योति के कर अन्ध कारागार का सजग परसो।

खो गया जीवन हमारा

अन्धता से गत सहारा

गात के सम्पात पर उत्थान देकर प्राण बरसो।

क्षिप्रतर हो गात हमारी,

खुले प्रतिकली कुसुम क्यारी,

सहज सौरभ से समीरण पर सहस्त्रों किरण हरसो।

Question number: 586 (1 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

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Question

शब्द ‘उत्थान’ का विपरीतार्थक शब्द है

Choices

Choice (4) Response

a.

उत्कर्ष

b.

पतन

c.

अनुन्तीर्ण

d.

अधम

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