Reading Comprehension (CTET Paper-II Hindi): Questions 535 - 543 of 592

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Passage

जो छूट फिर कहाँ मिले;

पर बोलो टूटे तारों पर,

कब अम्बर शोक मनाता है?

जो बीत गई सो बात गई।

जीवन में वह था एक कुसुम,

थे उसपर नित्य निछावर तुम,

वह सूख गया तो सूख गया;

मधुबन की छाती को देखों,

सूखी कितनी इसकी कलियाँ,

मुरझाई कितनी वल्लरियाँ,

जो मुरझाई फिर कहाँ खिलीं,

पर बोलों सूखे फूलों पर,

कब मधुबन शोर मचाता है?

जो बीत गई सो बात गई।

- हरिवंश राय बच्चन

Question number: 535 (2 of 6 Based on Passage) Show Passage

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Question

मुरझाई में प्रयुक्त प्रत्याय है

Choices

Choice (4) Response

a.

झई

b.

झाई

c.

d.

आई

Question number: 536 (3 of 6 Based on Passage) Show Passage

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MCQ▾

Question

काव्यांश में आए दो समानार्थी शब्द है

Choices

Choice (4) Response

a.

मधुबन, अम्बर

b.

अम्बर, आनन

c.

कलियाँ, वल्लरियाँ

d.

सूखी, मुरझाई

Question number: 537 (4 of 6 Based on Passage) Show Passage

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Question

अम्बर के पास शोक का क्या कारण है?

Choices

Choice (4) Response

a.

अनेक तारे टूट गये है

b.

अँधेरा हो जाता है

c.

तारे डूब जाते है

d.

अम्बर का आनन देखने योग्य नहीं रहा

Question number: 538 (5 of 6 Based on Passage) Show Passage

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Question

कवि इस पद्यांश में क्या प्रेरणा दे रहा है?

Choices

Choice (4) Response

a.

बहादुर बनने की

b.

कायर न बनने की

c.

सन्मार्ग पर चलने की

d.

सहनशील बनने की

Question number: 539 (6 of 6 Based on Passage) Show Passage

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Question

मधुबन शोर क्यों नहीं मचाता?

Choices

Choice (4) Response

a.

कलियों के सूख जाने पर प्रसन्न होता है

b.

मन-ही-मन दुख झेलता रहता है

c.

नए फूलों का स्वागत करता है

d.

जो हो गया, उसे चुपचाप स्वीकार करता है

Passage

इन्द्रदेवता कोटर में तोते से आकर यूँ बोले।

‘सब पक्षी उड़ गए यहाँ से तुमने पंख न खोले।

रहने लायक हरे वृक्ष देखो हैं कितने वन में?

सूख गया वट वृक्ष गिरेगा, सोच रहे हो क्या मन में?

तोता बोला, ‘इन्द्रदेव मैंने कोटर में जन्म लिया।

वट के फल खाए, इसने रक्षा की, सम्मान दिया।।

सुखसम्पत्ति के साथी, विपदा आए करें किनारा।

देवराज! अबस्वयं बताओ क्या कर्तव्य हमारा?

इन्द्र खुश हुए बोले, ‘प्रिय! जो माँगो वरदान मिले।’

तोता बोला, ‘देव! कृपा से हराभरा यह ठूँठ खिले।।’

‘तथास्तु’ कहकर देवराज फिर दिए न कहीं दिखाई।

हराभरा वट वृक्ष हुआ फिर हरियाली लौट आई।

जननी जन्म भूमि की खातिर कितना मन बलिदानी।

मन-प्राणों में जगी रहे, तोते की यह अमर कहानी।।

Question number: 540 (1 of 6 Based on Passage) Show Passage

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Question

‘अमर’ का समानार्थी शब्द है

Choices

Choice (4) Response

a.

शाश्वत

b.

अजर

c.

सिन्दूर

d.

योग्य

Question number: 541 (2 of 6 Based on Passage) Show Passage

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Question

सभी पक्षी वृक्ष को छोड़कर क्यों उड गए थे

Choices

Choice (4) Response

a.

क्योंकि उन्हें शिकारी का डर था

b.

क्योंकि अन्यत्र प्रचुर मात्रा में भोजन उपलब्ध था

c.

क्योंकि वृक्ष सूख गया था

d.

All of the above

Question number: 542 (3 of 6 Based on Passage) Show Passage

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Question

‘सुख सम्पत्ति’ में प्रयुक्त समास है

Choices

Choice (4) Response

a.

दव्गु

b.

कर्मधारय

c.

तत्पुरूष

d.

दव्न्दव्

Question number: 543 (4 of 6 Based on Passage) Show Passage

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Question

‘वन’ शब्द का पर्यायवाची है

Choices

Choice (4) Response

a.

वाट

b.

व्याल

c.

अनिल

d.

विपिन

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