Reading Comprehension (CTET Paper-II Hindi): Questions 524 - 530 of 592

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Passage

गोस्वामी तुलसीदास के युग में भारत पर मुगल बादशाहों का शासन था। पूरा देश पराधीनता की बेड़ियों में जकड़ा हुआ था। तुलसीदार ने पराधीनता की पीड़ा को अनुभव करते हुए उदास और हताश जनता को राम-भक्ति के रूप में शक्ति और स्वतंत्रता का संदेश दिया। उन्होंने अपने युग के शासकों की दमनकारी नीतियों को रावण के दुराचारों के माध्यम से दर्शाया। रावण ने अपनी तानाशाही नीतियों से सभी को अपना दास बना लिया था तथा किसी को स्वतंत्र नहीं छोड़ा था - ”राखेउ कोउ न सुतन्त्र।“ यही नहीं, उस दुष्ट ने हमारी राष्ट्रीश् प्रतिष्ठा की प्रतीक सीता जी का भी अपहरण कर लिया था। ऐसे युग में तुलसी ने भक्ति और भगवान सभी को स्वतंत्र बताया। शील, शक्ति और स्वतंत्रता के प्रतीक भगवान् राम एक जनतांत्रिक नेता के रूप में दक्षिण भारत की जनजातियों के वीर योद्धाओं की सेना संगठित करके रावण के विरूद्ध एक स्वतंत्रता आन्दोलन का संचालन करते हैं और राष्ट्र की अस्मिता सीता को मुक्त कराने में सफल होते हैं। तुलसी ने अपने महान् ग्रन्थ ‘रामचरित मानस’ के लंका काण्ड में राम की इस समर-विजय का वर्णन किया है। उन्होंने लंका काण्ड के अंत में लिखा है कि जो व्यक्ति भगवान् राम की इस ‘समर-विजय’ को ध्यान में पढ़ेगा या सुनेगा, उसे भगवान् राम विजय, विवेक और वैभव प्रदान करेंगे - ”विजय, विवेक, विभूति नित, तिनहिं देहि भगवान्।“ ऐसा प्रेरक प्रबोधक और प्रभावी है तुलसी की भक्ति का स्वरूप।

Question number: 524 (8 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

MCQ▾

Question

कौनसा कथन शुद्ध है?

Choices

Choice (4) Response

a.

तुलसी ने रामचरित मानस के अरण्य काण्ड में राम की समर-विजय का वर्णन किया है

b.

तुलसी ने रामचरित मानव के लंका काण्ड में राम की समर-विजय का वर्णन किया है

c.

तुलसी ने रामचरित मानस के सुन्दर काण्ड में राम की समर विजय का वर्णन किया है

d.

तुलसी ने रामचरित मानस के अयोध्या काण्ड में राम की समर-विजय का वर्णन किया है

Question number: 525 (9 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

तुलसी के युग में भारत पर ………… शासकों का शासन था। स्थान की पूर्ति के लिए उपयुक्त शब्द है

Choices

Choice (4) Response

a.

तुर्क

b.

मुगल

c.

अफगान

d.

ब्रिटिश

Question number: 526

» Reading Comprehension » Prose or Drama

Appeared in Year: 2010

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Question

‘पूर्वज’ का विलोम शब्द है

Choices

Choice (4) Response

a.

अग्रज

b.

अग्रणी

c.

पूर्वा

d.

Both a. and c. are correct

Passage

तुझे लगा माथे से सारे कष्ट हो कए दूर,

क्षण-भर में ही भूल गया मैं शत्रु-यंत्रणा क्रूर,

सुख-स्फूर्ति का इस काया में हुआ पुन: संचार-

लगता जैसे आज युगों के बाद मिला विश्राम्

माटी, तुझे प्रणाम्

तुझसे बिछुड़ मिला प्राणों को कभी न पल-भर चैन,

तेरे दर्शन हेतु रात-दिन तरह रहे थे नैन,

धन्य हुआ तेरे चरणों मेंआकर यह अस्तित्व-

हुई साधना सफल, भक्त को प्राप्त हो गए राम!

माटी तुझे प्रणाम्

Question number: 527 (1 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

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Question

कवि किसे प्रणाम कर रहा है?

Choices

Choice (4) Response

a.

अपने देश भारत को

b.

माँ को

c.

अपनी मातृभूमि की मिट्टी को

d.

खेतों की माटी को

Question number: 528 (2 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

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Question

मातृभूमि को प्रणाम कर कवि को कैसी अनुभूति हुई?

Choices

Choice (4) Response

a.

जीवन पुन: सचेत हो गया

b.

सबसे शत्रुता दूर हो गई

c.

माटी अत्यन्त अभिराम लगी

d.

माटी की अमरता का बोध हुआ

Question number: 529 (3 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

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Question

‘शत्रु-यन्त्रणा’ में प्रयुक्त समास है

Choices

Choice (4) Response

a.

अव्ययीभाव

b.

तत्पुरूष

c.

कर्मधारय

d.

दव्गु

Question number: 530 (4 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

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Question

माटी से बिछुड़ने पर कवि को कैसा अनुभवा हुआ?

Choices

Choice (4) Response

a.

साधना असफल हो गई

b.

अशान्ति मिली

c.

सुख-स्फूर्ति का संचार हुआ

d.

सबसे शत्रुता हो गई

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