Reading Comprehension (CTET (Central Teacher Eligibility Test) Paper-II Hindi): Questions 499 - 507 of 592

Get 1 year subscription: Access detailed explanations (illustrated with images and videos) to 827 questions. Access all new questions we will add tracking exam-pattern and syllabus changes. View Sample Explanation or View Features.

Rs. 400.00 or

Passage

अब न गहरी नीन्द में तुम सो सकोगे,

गीत गाकर मैं जगाने आ रहा हूँ।

अचल अस्ताचल तुम्हें जाने न दूँगा,

अरूण उदयालय सजाने आ रहा हूँ।

कल्पना में आज तक उड़ते रहे तुम,

साधना से सिहरकर मुड़ते रहे तुम।

अब तुम्हें आकाश में उड़ने न दूँगा,

आज धरती पर बसाने आ रहा हूँ।

- सोहनलाल दव्वेदी

Question number: 499 (2 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

MCQ▾

Question

गहरी नीन्द में सोने का क्या अर्थ है?

Choices

Choice (4) Response

a.

मृत्यु को प्राप्त होना

b.

परिश्रमी होना

c.

बेखबर होना

d.

चिन्तायुक्त होना

Question number: 500 (3 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

MCQ▾

Question

कवि किस तरह के व्यक्तियों को सम्बोधित कर रहा है?

Choices

Choice (4) Response

a.

जो अत्यधिक प्रेरित हैं

b.

जो बहुत परिश्रमी हैं

c.

जो जीवन की कठोर वास्तविकताओं से बेखकर हैं

d.

जो आकाश की ऊँचाइयों को छूना चाहते हैं

Question number: 501 (4 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

MCQ▾

Question

कविता का उपयुक्त शीर्षक हो सकता है

Choices

Choice (4) Response

a.

हर्ष

b.

कोलाहल

c.

आकाश

d.

जागृति

Question number: 502 (5 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

MCQ▾

Question

कवि लोगों को क्यों जगाना चाहता है?

Choices

Choice (4) Response

a.

ताकि लोग गीत सुन सकें

b.

ताकि मनुष्यों में गतिशीलता आ सकें और वे प्रगति के पथ पर आगे बढ़ सकें

c.

सुबह हो गई है

d.

ह कवि का दायित्व है

Question number: 503 (6 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

MCQ▾

Question

‘अतुल अस्ताचल तुम्हें जाने न दूँगा’ पंक्ति में कौनसा अलंकार है

Choices

Choice (4) Response

a.

श्लेष अलंकार

b.

उपमा अलंकार

c.

रूपक अलंकार

d.

अनुप्रास अलंकार

Passage

युग-युग तक चलती रहे कठोर कहानी-

‘रघुकुल में भी थी एक अभागिन रानी।’

निज जन्म -जन्म में सुनें जीव यह मेरा-

‘धिक्कार! उसे था महा स्वार्थ ने घेरा।’-

”सौ बार धन्य वह एक लाल की माई,

जिस जननी ने है जना भरत-सा भाई“

पागल सी प्रभु के साथ सभा चिल्लाई-

”सौ वार धन्य वह एक लाल की माई।“

- मैथिली शरण गुप्त

Question number: 504 (1 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

MCQ▾

Question

राम के साथ पूरी सभा ने रानी की

Choices

Choice (4) Response

a.

प्रशंसा की

b.

उसे पागल कहा

c.

उस पर थूका

d.

उसे धिक्कारा

Question number: 505 (2 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

MCQ▾

Question

ये पक्ति कौन कह रहा है?

Choices

Choice (4) Response

a.

भरत

b.

कौशल्या

c.

कैकयी

d.

समस्त सभा

Question number: 506 (3 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

MCQ▾

Question

शब्द ‘रघुकुल’ में प्रयुक्त समास है

Choices

Choice (4) Response

a.

तत्पुरूष

b.

दव्गु

c.

दव्न्दव्

d.

बहुब्रीहि

Question number: 507 (4 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

MCQ▾

Question

अभागिन से तात्पर्य है?

Choices

Choice (4) Response

a.

जिसका कोई न हो

b.

जिसका भाग्य न हो

c.

जो अनाथ हो

d.

जिसके पुत्र न हो

f Page
Sign In