Reading Comprehension (CTET Paper-II Hindi): Questions 486 - 494 of 592

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Passage

ऋषि-मुनियों, साधु-सन्तों को

नमन, उन्हें मेरा अभिनन्दन।

जिनके उपदेशों को सुनकर

सँवर जाए जन-जन का जीवन।

सत्य-अंहिसा जिनके भूषण

करूणामय है जिनकी वाणी

जिनके चरणों में है पावन

भारत की यह अमिट कहानी

Question number: 486 (4 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

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Question

ऋषि-मुनियों के भूषण क्या है?

Choices

Choice (4) Response

a.

सत्य-अहिंसा

b.

मोम-दीप

c.

स्वर्ण-मुद्रिका

d.

गेरूआ-वस्त्र

Question number: 487 (5 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

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Question

सत्य अहिंसा में प्रयुक्त समास है

Choices

Choice (4) Response

a.

दव्गु

b.

दव्न्दव्

c.

कर्मधारण

d.

बहुब्रीहि

Question number: 488 (6 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

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Question

इस सेट में प्रयुक्त शब्द पावन से तात्पर्य है

Choices

Choice (4) Response

a.

आग

b.

पवन

c.

पवित्र

d.

पानी

Passage

मानव जीवन में स्वावलम्बन की महत्ता सर्वोपरि है। जो व्यक्ति अपनी शक्ति पर भरोसा रखता है, दूसरों की सहायता पर निर्भर नहीं रहता, वही सच्चा आत्मनिर्भर अथवा स्वावलम्बी है। आत्मनिर्भरता सभी सुखों का स्त्रोत है। स्वावलम्बी व्यक्ति विपरीत परिस्थितियों पर सरलता से विजय प्राप्त कर लेता है। उसमें विघ्नों से जूझने की असीम शक्ति और प्रेरणा होती है। आत्मनिर्भरता आत्मविश्वास को बढ़ाती है। यह आत्मविश्वास ही सब प्रकार की उन्नति का द्वार है। यह मनुष्य को आशावादी और आस्तिक बनाता है। परमात्मा भी उन्हीं की सहायता करता है, जो स्वयं अपनी सहायता करते हैं। स्वावलम्बी व्यक्ति बने-बनाये मार्गों पर नहीं चलते, वरन् अपने साहस और संघर्ष से नये पथों का निर्मामा करते हैं और लोक कल्याण के क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योग देते हैं।

स्वावलम्बन की महत्ता को ध्यान में रखकर ही हमारे प्राचीन ग्रन्थों में ‘स्वाध्याय’ पर विशेष बल दिया गया है। स्वाध्याय का अर्थ है किसी अन्य व्यक्ति की सहायता के बिना, स्वयं अपनी समझ के भरोसे पर पुस्तकों का अध्ययन करना और उनसे ज्ञान अर्जित करना। मनुष्य जो ज्ञान अपने प्रयत्नों से प्राप्त करता है, वह उसके व्यक्तित्व का अभिन्न अंग बन जाता है। वह उसे कभी भूल नहीं सकता। जो ज्ञान हमारे अन्दर दूसरों के द्वारा बाहर से ठूँसा जाता है, उस पर हमारा कभी पूरा अधिकार नहीं हो पाता। इसके विपरीत जो ज्ञान हम अपने प्रयत्नों से स्वयं अर्जित करते है, वह हमारी अपनी गाढ़ी कमाई है, हमारी निजी स्थायी सम्पत्ति हैं। स्वाध्यायशील व्यक्ति ही महान् मौलिक चिन्तक बन कर ज्ञान-विज्ञान के नये क्षेत्रों का विकास करते हैं।

Question number: 489 (1 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

प्राचीन ग्रन्थों में किस पर विशेष बल दिया गया है

Choices

Choice (4) Response

a.

आज्ञा पालन

b.

आज्ञा पाल

c.

स्वाध्याय

d.

मोक्ष प्राप्ति

Question number: 490 (2 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

इनमें से कौनसा ‘स्व’ उपसर्ग का उदाहरण है?

Choices

Choice (4) Response

a.

स्वाधीनता

b.

स्वावलम्बन

c.

स्वाध्याय

d.

All a. , b. and c. are correct

Question number: 491 (3 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

उपरोक्त अवतरण का सर्वाधिक उपर्युक्त शीर्षक है

Choices

Choice (4) Response

a.

स्वावलम्बन और मौलिक चिन्तन

b.

स्वावलम्बन और आत्मोन्नति

c.

स्वावलम्बन की महत्ता

d.

स्वावलम्बन और स्वाध्याय

Question number: 492 (4 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

आत्मविश्वास ही सब प्रकार की ……………. का द्वार है। रिक्त स्थान की पूर्ति के लिए उपयुक्त शब्द है

Choices

Choice (4) Response

a.

सुविधाओं

b.

प्रतिष्ठाओं

c.

उन्नतियों

d.

ऊँचाइयों

Question number: 493 (5 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

स्वयं अपनी सहायता करने वाले व्यक्ति की सहायता कौन करता है?

Choices

Choice (4) Response

a.

विपक्षी

b.

देवगण

c.

परिवेश

d.

परमात्मा

Question number: 494 (6 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

कौनसा कथन सही नहीं है

Choices

Choice (4) Response

a.

स्वावलम्बी व्यक्ति विघ्नों पर विजयी पाता है

b.

स्वावलम्बी व्यक्ति दम्भी और उद्देण्य हो जाता है

c.

स्वाध्याय से व्यक्ति मौलिक चिन्तक बन जाता है

d.

स्वावलम्बन से व्यक्ति मौलिक चिन्तक बन जाता है

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