Reading Comprehension (CTET Paper-II Hindi): Questions 465 - 471 of 592

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Passage

चन्दा-तारों सी सहज क्रान्ति, नदियों में है मुस्कान भरी,

है पवन-झकोंरों में दुलार खेतों में है दौलत बिखरी,

पग-पग मेरा विश्वास भरा,

तप से है यह जीवन निखरा,

प्रखर कर्म का पाठ सतत-

पढ़ती मैं भारत माता हूँ।।

मैं वज्र-सदृश विपदाओं को भी अनायास सह लेती हूँ,

सुधा-दान कर औरों को, मैं विषय पीकर मुस्काती हूँ।

Question number: 465 (6 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

MCQ▾

Question

निम्नलिखित में से कौनसा कथन उपयुक्त नहीं है?

Choices

Choice (4) Response
a.

कष्ट सहना सिखाती है

b.

कर्महीनता का पाठ पढ़ाती है

c.

बन्धुता-प्रेम का फैलाती है

d. Question does not provide sufficient data or is vague

Passage

भाषा का प्रयोग दो रूपों में किया जा सकता है - एक तो सामान्य जिससे लोक में व्यवहार होता है तथा दूसरा साहित्य रचना के लिए, जिसमें प्राय: अलंकारित भाषा का प्रयोग किया जताा है। साहित्यिक रचना के लिए भाषा लोक-भाषा का कार्य करते हुए भी उससे भिन्न होती है। क्योंकि इसमें कवि की कल्पना भी काम करती है तथा उसे परिमार्जित रूप में प्रस्तुत करती है। विद्वानों का अनुमान है कि जब से संसार में साहित्य का सृजन आरम्भ हुआ है तभी से अलंकारिक भाषा प्रयोग में लाई जा रही है। संसार का प्राचीनतम ग्रन्थ ऋग्वेद तथा आदि महाकाव्य रामायण इस बात के प्रत्यक्ष ग्रन्थ प्रमाण हैं। इन दोनों रचनाओं में अलंकृत भाषा के उत्कृष्ट उदाहरण प्राप्त होते हैं। संसार के समस्त कवियों एवं साहित्यकारों ने इसी प्रवृत्ति का अनुकरण किया है। वस्तुत: अलंकृत भाषा के अभाव में काव्य, काव्य नहीं कहलाता। इसी बात का समर्थन करते हुए कहा भी गया है कि अलंकारविहीन कविता, विधवा के समान होती है। आचार्य भामाह का भी कथन है कि जिस प्रकार किसी रमणी की सुन्दरता अलंकारों बिना पूर्ण नहीं होती, उसी प्रकार साहित्य भी आभूषणों के बिना शोभा नहीं पाता। आचार्य दण्डी ने अलंकारों को काव्य का शोभा विधायक धर्म माना है। आचार्य मम्मट और विश्वनाथ ने भी काव्य में अलंकार की महत्ता स्वीकारते हुए क्रमश: उन्हें सौन्दर्य के उपकारक तथा शब्दार्थ के शोभातिशायी धर्म कहा है।

Question number: 466 (1 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

शब्द ‘उत्कृष्ट’ का विलोम शब्द है

Choices

Choice (4) Response
a.

अपकृष्ट

b.

व्यर्थ

c.

निकृष्ट

d.

विकराल

Question number: 467 (2 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

संसार के अधिकांश कवियों ने जिस भाषा विषयक प्रवृत्ति का अनुकरण किया है, वह प्रवृत्ति है

Choices

Choice (4) Response
a.

लाक्षणिक एवं व्यंजना प्रधान भाषा का प्रयोग

b.

अलंकृत भाषा का प्रयोग

c.

लोक व्यवहार की भाषा का प्रयोग

d.

कोमलकांत पदावली का प्रयोग

Question number: 468 (3 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

साहित्यिक भाषा और लोक भाषा में एक प्रमुख अन्तर यह है कि प्रथम

Choices

Choice (4) Response
a.

परिमार्जित होती है और दूसरी अपरिमार्जित

b.

अलौकिक होती है और दूसरी लौकिक

c.

धर्म ग्रन्थों में प्रयुक्त होती है और दूसरी लोक कथाओं में

d.

आदर्शों पर आधारित होती है दूसरी कल्पना पर

Question number: 469 (4 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

शब्द ‘महाकाव्य’ में कौनसा समास है?

Choices

Choice (4) Response
a.

अव्ययीभाव

b.

दव्गु

c.

कर्मधारय

d.

दव्न्दव्

Question number: 470 (5 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

शब्दार्थ के शोभातिशायी धर्म अलंकार के समर्थन आचार्य है

Choices

Choice (4) Response
a.

आचार्य मम्मट और विश्वनाथ

b.

आचार्य भामह और जगन्नाथ

c.

आचार्य दण्डी और जगन्नाथ

d.

आचार्य भामह और बाणभट्ट

Question number: 471 (6 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

‘शब्दार्थ’ शब्द में कौनसी सन्धि है?

Choices

Choice (4) Response
a.

यण

b.

दीर्घ

c.

अयादि

d.

गुण

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