Reading Comprehension (CTET Paper-II Hindi): Questions 449 - 455 of 592

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Passage

एक संस्कृत किसी नई चीज की खोज करता है, किन्तु उसकी सन्तान को वह अपने पूर्वज से अनायास प्राप्त हो जाती है। जिस व्यक्ति की बुद्धि ने अथवा विवेक ने किसी भी नये तथ्य का दर्शन किया, वह व्यक्ति ही वास्तविक संस्कृत व्यक्ति है और उसकी सन्तान जिसे अपने पूर्वज से वह वस्तु अनायास ही प्राप्त हो गई है, वह अपने पूर्वक की भाँति सभ्य भले ही बन जाए, संस्कृत नहीं कहला सकता। एक आधुनिक उदाहरण लें। न्यूटन ने गुरूत्वाकर्षण के सिद्धान्त का आविष्कार किया। वह संस्कृत मानव था। आज के युग का भौतिक विज्ञान का विद्यार्थी न्यूटन के गुरूत्वाकर्षण से तो परिचित है ही, लेकिन उसके साथ उसे और भी अनेक बातों का ज्ञान प्राप्त है, जिनसे शायद न्यूटन अपरिचित ही रहा। ऐसा होने पर भी हम आज के भौतिक विज्ञान के विद्यार्थी को न्यूटन की अपेक्षा अधिक सभ्य भले ही कह सकें, पर न्यूटन जितना संस्कृत नहीं कह सकते।

प्र. 136. ‘संस्कृत’ का अर्थ है

Question number: 449 (2 of 3 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

Appeared in Year: 2012

MCQ▾

Question

‘विद्यार्थी’ शब्द का सन्धि विच्छेद है

Choices

Choice (4) Response

a.

विद्या + अर्थी

b.

वि + द्यार्थी

c.

विद्या + र्थी

d.

विद्या + थी

Question number: 450 (3 of 3 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

Appeared in Year: 2012

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Question

सभ्य व्यक्ति वह है जो

Choices

Choice (4) Response

a.

नये आविष्कार करता हो

b.

जो आविष्कारों का ज्ञाता हो

c.

अच्दे कपड़े पहनता हो

d.

शिक्षित हो

Passage

आज के शिक्षाक्रम में चरित्रगठन का कोई स्थान नहीं है और न उसे कोई महत्व दिया जाता है। हमारी संस्कृति में गुरू और शिष्य का संबंध बहुत ही सुन्दर और मीठा हुआ करता था। इसका कारण यही था कि दोनों का एक-दूसरे पर विश्वास हुआ करता था। गुरू शिष्यों का पुत्रवत् मानते थे और उन पर स्नेह रखते थे। शिष्य गुरू को पिता-तुल्य और विश्वसनीय समझता था। गुरू का शिष्य के जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा करता था और गुरू और शिष्य के बीच केवल व्यापारिक संबंध जिसमें पैसे के बदले कुछ पुस्तकें पढ़ा देने मात्र का एक सम्पर्क होता है, न रहकर आध्यात्मिक संबंध हो जाता था जो घनिष्ठ हुए बिना नहीं रह सकता था। आज आए दिन समाचार पत्रों में पढ़ने को मिलता है कि कहीं विद्यार्थियों ने शिक्षकों के विरूद्ध हड़ताल कर दी तो कहीं शिक्षकों में भी दल-बन्दियाँ हो गई और विद्यार्थी भी कुछ एक दल में और कुछ दूसरे दल में शामिल हो गए तथा एक या दूसरे का समर्थन करने लगे। हाल ही में एक भयंकर दुर्घटना भी पढ़ने में आई है कि शिक्षक की परीक्षा संबंधी कड़ाई करने से असंतुष्ट होकर कुछ विद्यार्थियों ने शिक्षक के ही प्राण ले लिए। यदि कोई स्कूल का विद्यार्थी ऐसी बात करे तो वह समझ में आ सकती है पद जब किसी यूनिवरसिटी या कॉलेज का विद्यार्थी ऐसे काम करता है तो यह चिन्ता का विषय हो जाता है। जहाँ तक समझ में आता है इसका मौलिक कारण चरित्र गठन पर ध्यान न देना और छात्रों पर शिक्षक वर्ग के नैतिक प्रभाव का न होना ही है। यह कथन किसी प्रदेश विशेष के लिए न होकर साधारणतया यह समस्या सारे देश में विद्यमान है।

Question number: 451 (1 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

पुत्रवत् का आशय है

Choices

Choice (4) Response

a.

पुत्र

b.

पुत्र से बढ़कर

c.

पुत्र के समान

d.

पुत्रों के लिए

Question number: 452 (2 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

चरित्रगठन का सही सन्धि विच्छेद है

Choices

Choice (4) Response

a.

दव्न्दव्

b.

दव्गु

c.

तत्पुरूष

d.

कर्मधारय

Question number: 453 (3 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

उक्त गद्यांश के विषय से सम्बन्धित सर्वाधिक उचित शीर्षक है

Choices

Choice (4) Response

a.

छात्र असन्तोष

b.

शिक्षाक्रम में चरित्रगठन का महत्व

c.

आज की शिक्षा की समस्याएँ

d.

उच्च शिक्षा में हिंसा

Question number: 454 (4 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

भारतीय संस्कृति में गुरू और शिष्य, के सम्बन्ध मधुर होते थे, क्योंकि

Choices

Choice (4) Response

a.

गुरूजन केवल पुस्तकें मात्र नहीं पढ़ाते थे

b.

समाज में गुरूजनों की पूजा की जाती थी

c.

प्राचीन काल में शिष्य अपने गुरूजनों को पिता-तुल्य मानते थे

d.

छात्रों व गुरूजनों के आपसी सम्बन्ध विश्वास पर आधारित थे

Question number: 455 (5 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

उक्त गद्यांश में लेखक ने किस विषय पर विचार प्रकट किए हैं?

Choices

Choice (4) Response

a.

प्राचीन शिक्षा की अच्छाइयों पर

b.

गुरू के महत्व पर

c.

शिक्षा के व्यवसायीकरण पर

d.

शिक्षा के चरित्रगइन के महत्व पर

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