Reading Comprehension (CTET Paper-II Hindi): Questions 418 - 424 of 592

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Passage

मैं रोई, माँ काम छोड़कर,

आई, मुझको उठा लिया,

झाड़-पोंछकर चूम-चूमकर

गीले गालों को सुखा दिया।

आ जा बचपन! एक बार फिर

दे दे अपनी निर्मल शान्ति,

व्याकुल व्यथा मिटाने वाली,

वह अपनी प्राकृति विश्रान्ति।

वह भोली-सी मधुर सरलता,

वह प्यारा जीवन निष्पाप,

क्या फिर आकर मिटा सकेगा,

तू तेरे मन का संताप?

- सुभद्रा कुमारी चौहान

Question number: 418 (2 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

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Question

संताप शब्द से आशय है

Choices

Choice (4) Response

a.

अशान्ति

b.

गुस्सा

c.

मधुरता

d.

भ्रम

Question number: 419 (3 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

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Question

कवयित्री को बचपन क्यों याद आ रहा है?

Choices

Choice (4) Response

a.

उसका बच्चा चला गया है

b.

वह बड़ी हो गई है

c.

वह बचपन जैसा निश्चित जीवन फिर बिताना चाहती है

d.

उसके लिए बचपन को भुलाना कठिन है

Question number: 420 (4 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

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Question

निर्मल में प्रयुक्त सन्धि है

Choices

Choice (4) Response

a.

दीर्घ

b.

गुण

c.

व्यंजन

d.

विसर्ग

Question number: 421 (5 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

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Question

झाड़-पोछ में कौनसा समास है?

Choices

Choice (4) Response

a.

झाड़कर पोंछा गया है जो - कर्मधारय समास

b.

झाड़ना और पोंछना - दव्न्दव् समास

c.

झाडू लगाना और फिर पोंछना - दव्न्दव् समास

d.

झाडू-पोंछ की है जिसने - बहुब्रीहि समास

Question number: 422 (6 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

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Question

निष्पाप शब्द में प्रयुक्त समास है

Choices

Choice (4) Response

a.

दव्न्दव्

b.

कर्मधारय

c.

अव्ययीभाव

d.

तत्पुरूष

Passage

जिन्होंने भी बच्चों को पढ़ाने की कोशिश की है - चाहे वे माता-पिता हों या शिक्षक - उनके खाते में असफलता के साथ-साथ असफलता और निराशा भी दर्ज होती है। ऐसे में एक सवाल उठता है कि आखिर इतना मुश्किल क्यों है पढ़ाना?

एक मुख्य समस्या तो यह है कि पढ़ाने वालों का विश्वास बच्चों की क्षमताओं या योग्यताओं पर काफी कम होता है। यह बात मैं यूँ ही नहीं कह रही बल्कि एक अभिभावक, एक शिक्षक और एक शिक्षक प्रशिक्षक होने के आधार पर कह रही हूँ।

कई बार मैं उस पाठ को लेकर बच्चों (दूसरी, तीसरी या फिर पाँचवीं) के सामने खड़ी होती हूँ तो मुझे उन्हें पढ़ाना है। मेरे पास कुछ जानकारी है जो मैं बच्चों को देना चाहती हूँ। लेकिन मैं यह जानकारी उन्हें क्यू देना चाहती हूँ? क्योंकि मुझे लगता है कि वे इसके बारे में नहीं जानते; इसे जानने में उन्हें मजा आएगा; यह दुनिया के बारे में उनके नजरिए को विस्तृत करने में मदद करेगी; यह उन्हें बेहतर इन्सान बनने में कदद करेगा, भली ही थोड़ा-सा।

लेकिन कभी-कभार पढ़ाना शुरू करने से पहले ही मेरे दिमाग में यह ख्याल बुदबुदाना शुरू कर देता है कि शायद उन्हें वह पहले से ही मालूम हो जो मैं उन्हें बताना चाहती हूँ, तो उन्हें कुछ बताने की बजाय मैं उनके सामने सवाल रख देती हू ँ।

Question number: 423 (1 of 7 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

Appeared in Year: 2012

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Question

लेखिका को कौनसा ख्याल परेशान करता है?

Choices

Choice (4) Response

a.

जो हम पढ़ाने जा रहे हैं कहीं बच्चे उसके विषय में पहले से ही तो नहीं जानते

b.

बच्चों को भला इन्सान कैसे बनाया जाए

c.

बच्चों को सही तरीके से कैसे पढ़ाया जाए

d.

बच्चों के रोचक तरीके से कैसे पढ़ाया जाए

Question number: 424 (2 of 7 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

Appeared in Year: 2012

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Question

अनुच्छेद में किस मुख्य समस्या की बात की गई है?

Choices

Choice (4) Response

a.

पढ़ाना अपने आप में बहुत मुश्किल काम है

b.

छोटी कक्षाओं को पढ़ाना

c.

शिक्षक अच्छी तरह से पढ़ाते नहीं है

d.

बच्चों की योग्यता में विश्वास नहीं किया जाता

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