Reading Comprehension (CTET Paper-II Hindi): Questions 34 - 43 of 592

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Passage

”युद्ध देही“ कहे जब पामर

दे न दुहाई पीठ फेरकर

या तो जीत प्रीति के बल पर

या तेरा पथ चूमे तस्कर

प्रति हिंसा भी दुर्बलता है

पर कायरता अधिक अपावन

कुछ भी बन, बस कायर मत बन,

तेरी रक्षा का न मोल है

पर तेरा मानव अनमोल है

यह मिटता है, बनता है

यह सत्य की सही तोल है

अर्पण कर सर्वस्व मनुज को

कर न दुष्ट को आत्मसमर्पण

कुछ भी बन बस कायर मत बन।

Question number: 34 (3 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

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Question

इस काव्यांश का उचित शीर्षक है

Choices

Choice (4) Response
a.

युद्धदेहि

b.

मानवता

c.

कायर मत बन

d.

दुर्बलता

Question number: 35 (4 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

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Question

कवि क्या करने की प्रेरणा दे रहा है?

Choices

Choice (4) Response
a.

मनुज के सामने सर्वस्व अर्पण

b.

दुष्ट के सामने आत्मसमर्पण

c.

प्रतिहिंसा

d. All of the above

Question number: 36 (5 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

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Question

कवि ने दुर्बलता किसे कहा है?

Choices

Choice (4) Response
a.

अहिंसा को

b.

दुष्टता को

c.

हिंसा का उत्त हिंसा से देने का

d.

कायरता को

Question number: 37 (6 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

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Question

दुष्ट व्यक्ति को किसके बल पर जीतने की कोशिश करनी चाहिए

Choices

Choice (4) Response
a.

कायरता

b.

आत्मसमर्पण

c.

प्रीति

d. Question does not provide sufficient data or is vague

Passage

नारी की तत्कालीन दशा से प्रेमचन्द संतुष्ट नहीं थे। स्त्रियों को जिस दोहरे शोषण का शिकार होना पड़ा था, उससे प्रेमचन्द अनभिज्ञ नहीं थे। शतरचन्द्र की तरह प्रेमचन्द्र की सम्पूर्ण सहानुभूति स्त्रियों के साथ थी। शरत की तरह प्रेमचन्द मानते थे कि पतित कही जाने वाली स्त्रियों में भी मानवीय गरिमा काभाव होता है। आवश्यकता उसके प्रस्फुटन की है। लेकिन प्रेमचन्द का नारी संबंधी दृष्टिकोण ज्यादा वस्तुपरक था। उनकी सहानुभूति केवल भावना के स्तर पर नहीं थी। यही कारण है कि प्रेमचन्द के कथा साहित्य में नारी जीवन के जितने रूप मिलते है, उतने शरतचन्द्र के यहाँ नहीं हैं। केवल भावनात्मक सहानुभूति के कारण शरत की नायिकाएँ पथभ्रष्ट, पतित और समाज द्वारा परित्यक्त होने के बावजूद सि क्रयता और संघर्ष से वंचित है, अभिजात गरिमा से मण्डित रहती है और उपन्यासों में व्यक्त उनके चरित्र से उनकी चरित्रहीनता प्रकट नहीं होती। वे समाज की रूढ़ियों की शिकार हैं, लेकिन उनके प्रति विद्रोह नहीं करती, पुरूषों द्वारा किए जाने वाले हर अत्याचार को सहती है परन्तु उसका प्रतिकार नहीं करतीं। शरत की नायिकाएँ त्यागमयी, सहनशील, करूणामयी है लेकिन उनके सारे गुणों का सामाजिक धरातल लुप्त है। इसके विपरीत प्रेमचन्द की नारी पात्राएँ कहीं ज्यादा सक्रिय, संघर्षशील और सचेतन है इसलिए वे ज्यादा विश्वसनीय लगती हैं। उनके जीवन की समस्याएँ केवल उनकी नहीं है। वे तत्कालीन भारत की नारी जाति को समष्टिपरक समस्याएँ हैं जिनसे उस युग की नारी संघर्ष कर रही थी। प्रेमचन्द ने अपने साहित्य में इसी संघर्ष को अभिव्यक्ति प्रदान की है।

Question number: 38 (1 of 8 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

प्रतिकार शब्द का समानार्थी है

Choices

Choice (4) Response
a.

विचार

b.

इनकार

c.

बहिष्कार

d.

जवाब

Question number: 39 (2 of 8 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

प्रेमचन्द की नारी पात्राएँ क्या नहीं है?

Choices

Choice (4) Response
a.

निष्क्रिय

b.

सक्रिय

c.

संघर्षशील

d.

सचेतन

Question number: 40 (3 of 8 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

पथभ्रष्ट में प्रयुक्त समाज है

Choices

Choice (4) Response
a.

तत्पुरूष

b.

कर्मधारय

c.

दव्न्दव्

d.

दव्गु

Question number: 41 (4 of 8 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

शरतचन्द्र के नारी पात्रों में कौनसी विशेषता नहीं है?

Choices

Choice (4) Response
a.

करूणा

b.

विद्रोह की प्रवृत्ति

c.

त्यागशीलता

d.

सहनशीलता

Question number: 42 (5 of 8 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

प्रेमचन्द के अनुसार भारतीय नारी की समस्याएँ हैं

Choices

Choice (4) Response
a.

निवृत्तिपरक

b.

व्यक्तिपरक

c.

समष्टिपरक

d.

नीतिपरक

Question number: 43 (6 of 8 Based on Passage) Show Passage

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Question

निम्नलिखित में से कौनसा कथन गलत है?

Choices

Choice (4) Response
a.

शरतचन्द्र और प्रेमचन्द की सहानुभूति स्त्रियों के साथ थी

b.

प्रेमचन्द स्त्रियों के दोहरे शोषण से परिचित नहीं थे

c.

शरत की नायिकाएँ अभिजात गरिमा से युक्त है

d.

प्रेमचन्द का नारी संबंधी दृष्टिकोण वस्तुपरक है

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