Reading Comprehension (CTET Paper-II Hindi): Questions 358 - 365 of 592

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Passage

बच्चे किसी भी देश के सामाजिक तथा राजनीतिक दर्शन के अंग होते हैं। उनके प्रति जो रवैए अपनाए जाते है, वह इस बात का निर्धारण करने में महत्वपूर्ण कारण होते हैं कि क्या उनकी जरूरतें पूरी होगी तथा उनके अधिकार उन्हें मिलेंगे। भविष्योन्मुख कोई भी समाज इस बात का ध्यान रखेगा कि विपदा के समय बच्चों का ख्याल रखा जाए। इस समय विश्व के अनेक भागों में हमें कहना पड़ेगा कि बच्चों को शान्ति तथा भाईचारे की भावना के साथ पाले-पोसे जाने का कोई अवसर प्राप्त नहीं है। युद्ध तथा आतंकवाद के जो अत्यधिक भयावह पत्रकारिता के रिकॉर्ड मिलते हैं, वे हमेशा अपने घरों के खण्डहरों तथा अपने परिवारों के शवों के पास रोने के लिए बचे हुए शिशुओं या छोटे बच्चों की (या इतने सहमे हुए बच्चों की जो रो भी नहीं पाते) तस्वीरे होती है। ऐसे देशों में जहाँ लड़ाई-झगड़ा चल रहा हो, या ऐसे समाजों में जहाँ ऐसी कार्यवाहियों को मनमोहक ढंग से पेश किया जाता हो, वहाँ बच्चों का निर्बाध रूप में खेलना, जीवन की घटनाओं तथा/या ऐसी घटनाओं की सामाजिक स्वीकृति को परिलक्षित करेगा, जो हम सभी को यह सोचने पर मजबूर कर देगा कि क्या इस प्रकार के राष्ट्रीय प्रदर्शनों से प्रभावित करोड़ों बच्चों को शान्ति की भावना के साथ बड़े हाने के अधिकार मिलने की कोई सम्भावना है और निश्चय ही जाति, रंग, लिंग, राष्ट्रीय या सामाजिक मूल के धर्म पर अकेले या कुछ एक के मेल पर आधारित भेदभाव करोड़ों बच्चों की, जरूरतों की सार्वत्रिकता के बावजूद, जिन पर अधिकारी आधारित होते हैं।

Question number: 358 (5 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

प्रौढ़ों का बच्चों के प्रति एक कर्तव्य है। किसी समाज विशेष की देखभाल कितनी अच्छी तरह से होती है, इसका पता इस बात से चल सकता है कि

Choices

Choice (4) Response
a.

विपदा के समय उनके लिए क्या किया जाता है

b.

वे प्रौढ़ों का कितना ख्याल रखते हैं

c.

प्रौढ़ उनके अधिकारों के प्रति कितने संवेदनशील है

d.

समाज कितना समृद्ध है

Question number: 359 (6 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

बच्चे किसी भी देश के सामाजिक दर्शन के …………… होते है।

Choices

Choice (4) Response
a.

जनक

b.

अंग

c.

कारक

d.

मूल

Question number: 360 (7 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

रवैए शब्द से आशय है

Choices

Choice (4) Response
a.

आशा

b.

तरीके

c.

प्रकार

d.

अनुमान

Question number: 361 (8 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

‘विपदा’ का समानार्थी शब्द है

Choices

Choice (4) Response
a.

मुसीबत

b.

समस्या

c.

युद्ध

d.

विराम

Question number: 362 (9 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

भविष्यान्मुख का सही सन्धि विच्छेद है

Choices

Choice (4) Response
a.

भविष्य: + मुख

b.

भविष्यों + मुख

c.

भविष्य: + उन्मुख

d.

भविष्य + उन्मुख

Passage

आज की दुनिया ऐसे पागल हाथियों सी हो रही है जो लड़ते हुए दलदल में उत्तरोत्तर धँसते जा रहे हैं। आखिर इसका प्रतिफल क्या होगा? बच्चे जब आपस में लड़ते हैं, पटाखे चलाते है, तब सयाने लोग उपदेश देते हैं, देखो बच्चो, यह ठीक नहीं। पर जब वे प्रौढ़ दुधमुँहे बच्चों के पटाखे छोड़ने पर आमादा हो जाते हैं तब इन्हें कौन समझाए? सभ्यता के विकास के साथ दन्द-फन्द और कूट चातुरी का जितना विकास हुआ है, उतना विकास मनुष्य और मनुष्यता का नहीं हुआ है, बल्कि ये कम हुए हैं। आज तो आदमी दुनिया बदलने की बात करता है पर उसे मरघट में बदल देता है। यहाँ सप्राण युगान्तर कहीं नहीं दिखता। मरघटों के पुजारी पूज्य बने हुए हैं। जो जितना मारक व विध्वंसक है, वह उतना ही महान है, पूज्य है। ऐसे महानुभाव भी अपने को जनवादी, जनतन्त्रवादी और सत्यवादी कहते हैं, पर दीपक तले अंधेरा है। विडम्बना यह है कि ये कोई जन कल्याण नहीं चाहते है। ये सत्ता और सिंहासन के भूखे हैं। जनता भाड़ में जाए। उसे सब्जबाग दिखाते रहो यही राजनीति काराज है। पर यह सब विषभरा कनक-घट जैसा है। जब तक अपविज्ञान के बदले सद्विज्ञान का विकास नहीं होता तब तक भद्र बर्बरता से मनुष्यता की मुक्ति सम्भव नहीं है।

Question number: 363 (1 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

आज की दुनिया में किसी को बड़ा मानने का क्या पैमाना है?

Choices

Choice (4) Response
a.

दूसरों को नष्ट कर सकने की क्षमता

b.

सबको प्रिय लगने वाली बात को कह सकने की क्षमता

c.

अपने को सर्वोच्च प्रदर्शित करने की क्षमता

d.

अपने वैभव से दूसरों को प्रभावित कर सकने की क्षमता

Question number: 364 (2 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

इस गद्यांश में प्रयुक्त शब्द ‘आमादा’ का उपाय है

Choices

Choice (4) Response
a.

लग जाना

b.

भाग जाना

c.

क्रूरता खािना

d.

बाढ़ की तरह

Question number: 365 (3 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

‘आज की दुनिया दो पागल हाथियों-सी हो रही है।’ ऐसा क्यों कहा गया है?

Choices

Choice (4) Response
a.

लोग अपनी ताकत का प्रदर्शन करने में लगे हुए है

b.

लोग दिखावटी लड़ाई लड़ रहे हैं, जिससे दूसरे मूर्ख बन जाएं

c.

लोक परिणाम जाने बिना आपस में लड़ रहे हैं

d.

यहाँ व्यक्ति एक-दूसरे को नीचा दिखा रहे हैं

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