Reading Comprehension (CTET (Central Teacher Eligibility Test) Paper-II Hindi): Questions 341 - 347 of 592

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Passage

गाँधी मानते थे कि सामाजिक जीवन की ओर बढ़ने से पहले कौटुम्बिक जीवन का अनुभव प्राप्त करना आवश्यक है। इसलिए वे आश्रम जीवन बिताते थे। इससे समय और धन तो बचता ही था, सामूहिक जीवन का अभ्यास भी होता था। लेकिन यह सब होना चाहिए, समय-पालन, सुव्यवस्था और शुचिका के साथ।

इस ओर लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए गाँधीजी स्वयं भी सामूहिक रसोईघर में भोजन करते थे। भोजन के समय दो बार घण्टी बजती थी। जो दूसरे घण्टी बजने तक भोजनालय में नहीं पहुँच पाता था, उसे दूसरी पंक्ति के लिए बरामदे में इन्तजार करना पड़ता था। दूसरी घण्टी बजते ही रसोईघर का द्वार बन्द कर दिया जाता था, जिसके बाद आने वाले व्यक्ति अन्दर न आने पाएँ।

एक दिन गाँधीजी पिछड़ गए। संयोग से उस दिन आश्रमवासी श्री हरिभाऊ उपाध्याय भी पिछड़ गए। जब वे वहाँ पहुँचे तो देखा कि बापू बरामदे में खड़े हुए बैठने के लिए ने बैंच है, न कुर्सी। हरिभाऊ ने विनोद करते हुए कहा, ”बापूजी आज तो आप भी गुनहगारों के कठघरे में आ गए हैं।“

गाँधीजी खिलखिलाकर हंस पड़े, बोले ‘कानूनी के सामने तो सब बराबर होते हैं न’

हरिभाऊ जी ने कहा, ‘बैठने के लिए कुर्सी लाऊँ, बापू? ’ गाँधीजी बोले, ‘नहीं, उसकी जरूरत नहीं है। सजा पूरी भुगतनी चाहिए। उसी में सच्चा आनन्द है।’

Question number: 341 (6 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

गाँधी ने किस बात की पूरी सजा भुगतान की पूरी बात की?

Choices

Choice (4) Response

a.

देर से रसोई घर में पहुँचने की

b.

सामूहिक जीवन की

c.

आश्रम जीवन बिताने की

d.

गलत नियम बनाने की

Question number: 342 (7 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

सभी भोजनालय में एक साथ भोजन करते थे। इससे

Choices

Choice (4) Response

a.

सुव्यवस्था रहती थी

b.

गाँधीजी और हरिभाऊ जी को बहुत असुविधा हुई

c.

सामूहिक जीवन का महत्व पता चलता था

d.

केवल धन की बचत होती थी

Question number: 343 (8 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

‘भोजनालय’ का सन्धि विच्छेद है

Choices

Choice (4) Response

a.

भोजन + आलय

b.

भोजन + लय

c.

भोज + नालय

d.

भोजन + अलय

Question number: 344 (9 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

सामूहिक जीवन बिताने के लिए सबसे महत्वपूर्ण है

Choices

Choice (4) Response

a.

समूह के लिए बनाए गए नियमों का पालन

b.

सब समान स्तर के हों

c.

समान विचारधारा होना

d.

समूह के सदस्यों की आपसी प्रतिस्पर्द्धा

Passage

विकास के उच्च शिखर पर पताका फहराते हुए आज हम विज्ञान के उत्कर्ष काल में जी रहे हैं। परन्तु ये कैसी विडम्बना है कि मैला उठाने की सर्वाधिक घृणित प्रथा आज भी हमाने समाज में विद्यमान है। घर-घर मैला साफ करते नर-नारियों के प्रति हमारा समाज संवेदनशील न हो, ऐसा नहीं। हमारी संवेदनाएँ या तो तीव्रता से उठती नहीं या स्वार्थ के आवरण में आवृत्त होकर घुट-घुट कर मर जाती हैं। बड़ी नालियों-नालों में नंगे बदन सफाई करते इंसान देखकर अपने सभ्य होने पर हमें लज्जा क्यों नहीं आती? सड़क पर गाड़ियों, ठेलों और कमर पर मैला उठाते नर-नारियों को देखकर हम शर्म से धरती में क्यों नहीं गड़ जाते? सीवर टैंकों की सफाई के समय जहरीली गैसों के प्रभाव से असमय ही काल-कलवित हो जाने वाले युवकों की माताओं के कारूणिक रूदन का श्रवण हम क्यों नहीं कर पाते?

प्रतिकूल मौसमी दशाओं की मार झेलती, दुधमुँहे शिशुओं को रोता-बिलखता छोड़ घर-घर मैला उठाने वाली नारियाँ भोर होते ही निकल पड़ती है। हमारे लिए जो निकृष्ट और घृणित कर्म है, उनके लिए वही एक सत्कर्म है। हम देवत्व का मिथ्यावरण लपेटे घण्टो और शंख ध्वनियों के बीच पुरोहिती का राग अलपाते है और उन्हें तिरस्कृत कर पास भी नहीं फटकने देते। गन्दगी उठाने वाले इस वन्दनीय समाज की सेवा से हम सभी उऋण नहीं हो सकते। यह तिरस्कार नहीं वन्दना का पात्र है। इस कुप्रथा को समूल उखाड़ फेंकने के लिए सामूहिक प्रयास अपरिहार्य है।

Question number: 345 (1 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

शब्द ‘आवृत्त’ का समानार्थी शब्द होगा

Choices

Choice (4) Response

a.

आवरण

b.

घेरा

c.

अनावृत्त

d.

गोला

Question number: 346 (2 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

‘काल कलवित हो जाना’ से तात्पर्य है

Choices

Choice (4) Response

a.

मृत्यु हो जाना

b.

बीमारी से ग्रस्त हो जाना

c.

निर्धन होना

d.

शारीरिक क्षति होना

Question number: 347 (3 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

‘हमारे लिए जो निकृष्ट और घृणित कर्म है, उनके लिए वही एक सत्कर्म है।’ इस कथन में सत्कर्म से क्या अभिप्राय है?

Choices

Choice (4) Response

a.

भीख मांगना

b.

पुरोहिती का राग अलापने का कार्य

c.

शोषित और तिरस्कृत लोगों को मुक्ति दिलाने का कार्य

d.

मैला उठाने का कार्य

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