Reading Comprehension (CTET (Central Teacher Eligibility Test) Paper-II Hindi): Questions 280 - 289 of 592

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Passage

लोभ का सबसे प्रशस्त रूप वह है, जो रक्षा मात्र की इच्छा का प्रवर्तक होता है, जो मन में यही वासना उत्पन्न करता है कि कोई वस्तु बनी रहे, चाहे वह हमारे किसी उपयोग में आए या न आए। इस लोभ में दोष का लेश उसी अवस्था में आ सकता है, जबकि वह वस्तु ऐसी हो, जिससे किसी को कोई बाधा या हानि पहुँचती हो। कोई सुन्दर कृष्णसार मृग नित्य आकर खेती की हानि किया करता है।उ सके सौन्दर्य पर मुग्ध होकर उसकी रक्षा चाहने वाला यदि बराबर उसकी रक्षा में प्रवृत्त रहेगा, तो बहुतों सेउसकी अनबन हो सकती है। वह लोभ धन्य है, जिससे किसी के लोभ का विरोध नहीं और लोभ की जो वस्तु अपने सब लोभियों को एक-दूसरे का लोभी बनाए रहती है, वह भी परम पूज्य है। घर का प्रेम, पुर या ग्राम का प्रेम, देश का प्रेम इसी पवित्र लोभ के क्रमश: विस्तृत रूप हैं। मनुष्य के प्रयत्नों की पहुँच बहुत ही परिमित होती है। अत: जो प्रेम क्षेत्र जितना ही निकटस्थ होगा उसमें उतने ही अधिक प्रयन्त की आवश्यकता होगी और जो जितनी ही दूर होगा, प्रयत्नों का उतना ही कम अंश उसके लिए आवश्यक होगा। सबसे अधिक घर की रक्षा का, फिर पुर या ग्राम की रक्षा का और भी देश की रक्षा का ध्यान जनसाधारण के लिए स्वाभाविक है, पर जिनकी दृष्टि बहुत व्यापक होती है, जिनके अन्त: करण में परार्थ को छोड़ स्वार्थ के लिए अलग जगह नहीं होती। वे इस क्रम का विपर्यय कर दिखाते हैं। वे देश की रक्षा के लिए अवसर पड़ने पर घर का लोभ क्या प्राण तक का लोभ छोड़ देते हैं। पर ऐसे लोग विरले होते हैं। सबसे ऐसी आशा नहीं की जा सकती।

Question number: 280 (8 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

इस गद्यांश का मुख्य विषय है

Choices

Choice (4) Response

a.

स्वार्थ

b.

वासना

c.

लोभ

d.

प्रेम

Question number: 281 (9 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

शब्द ‘विरले’ से आशय है

Choices

Choice (4) Response

a.

बिखरे हुए

b.

बहुत कम

c.

अधिक

d.

कम

Passage

पृथ्वी निवासियों को जिसने प्रथम जगाया,

शिक्षित किया सुधारा, वह देश कौनसा हैं?

छोड़ो स्वराज्य तृणवत् आदेश से पिता के,

वह राम था जहाँ पर, वह देश कौनसा है?

नि: स्वार्थ शुद्ध प्रेमी भाई भले जहाँ थे,

लक्ष्मण-भरत सरीखे, वह देश कौनसा है

निष्पक्ष न्यायकारी जन जो पढ़े-लिखे हैं,

वे सब बता सकेंगे, वह देश कौनसा है?

- राम नरेश त्रिपाठी

Question number: 282 (1 of 6 Based on Passage) Show Passage

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Question

‘निष्पक्ष’ का विपरीतार्थी हो सकता है

Choices

Choice (4) Response

a.

सपक्ष

b.

पक्ष

c.

पक्षपाती

d.

Question does not provide sufficient data or is vague

Question number: 283 (2 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

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Question

‘पृथ्वी’ का पर्यायवाची शब्द है

Choices

Choice (4) Response

a.

मातरिश्वा

b.

वसुधा

c.

लक्ष्मी

d.

विभावरी

Question number: 284 (3 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

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Question

शब्द ‘तृणवत्’ में प्रयुक्त समास है

Choices

Choice (4) Response

a.

कर्मधारय

b.

तत्पुरूष

c.

दव्न्दव्

d.

अव्ययीभाव

Question number: 285 (4 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

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Question

यह काव्यांश मन के किस भाव को दर्शाता है?

Choices

Choice (4) Response

a.

प्रकृति प्रेम

b.

देश प्रेम

c.

पूर्वजों की प्रशंसा

d.

ईश्वर प्रदत्त गुणों की सराहना

Question number: 286 (5 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

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Question

इस पद्यांश का उपयुक्त शीर्षक हो सकता है

Choices

Choice (4) Response

a.

देश प्रेम

b.

हमारा देश

c.

राम-महिमा

d.

पितृ भक्ति

Question number: 287 (6 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

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Question

राम ने पिता के आदेश से राज्य को तिनके तरह त्याग दिया, इससे उनकी किस विशेषता का पता लगता है?

Choices

Choice (4) Response

a.

शरणागति

b.

प्रजा वल्सलता

c.

पितृ भक्ति

d.

मोह न होना

Passage

माँगी नाव न केवट आना। कहै तुम्हारा मरम मैं जाना।।

चरण-कमल राज कहँ सबु कहई। मानुष करनि मृरि कछु अहई।।

छुवत सिला भई नारि सुहाई। पाहन ते न काठ कठिनाई।।

तरनिंउ मुनिघरनी होई जाई। बाट परइ मोरी नाव उड़ाई।।

एहि प्रतिपालों सबु परिवारू नहिं जानौ कछु और उबारू

जौं प्रभु पार अवसि या चहहू। मोहि पदय दुग पखारन कहहु।।

Question number: 288 (1 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

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Question

इस पद्यांश में किस रस का भाव प्रकट हो रहा है

Choices

Choice (4) Response

a.

वात्सल्य

b.

शान्त

c.

भक्ति

d.

वीर

Question number: 289 (2 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

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Question

इस पद्यांश के आधार पर निम्नलिखित में से कौनसा कथन असत्य है?

Choices

Choice (4) Response

a.

पद्यांश में भक्ति रस का प्रयोग किया गया है

b.

पद्यांश में कृष्ण लीला का वर्णन किया गया है

c.

पद्यांश महाभारत से संबंधित है

d.

Both b. and c. are correct

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