Reading Comprehension (CTET Paper-II Hindi): Questions 223 - 229 of 592

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Passage

मैथिलीशरण गुप्ता गाँधी युग के प्रतिनिधि कवि हैं - अपने जीवन के प्रौढ़िकाल में ही वे इस गौरव के अधिकारी हो गए थे। गाँधी युग का प्रतिनिधित्व एक सीमा तक सम्पूर्ण आधुनिक काल का प्रतिनिधित्व भी माना जा सकता है। गाँधी युग की प्राय: समस्त मूल प्रवृत्तियाँ-राष्ट्रीय, सामाजिक और सांस्कृतिक आन्दोलन-गुप्तजी के काव्य में प्रतिफलित है। वह प्रतिफलन प्रत्यक भी है और परोक्ष भी। कुछ रचनाओं में युग-जीवन का स्वर मुखर है और उनमें वातावरण की हलचल का प्रत्यक्ष चित्रण किया गया है। इसनमें कवि राष्ट्रकवि के दायित्व का भी पालन करता है। कुछ अन्य रचनाओं में युग चेतना अत्यन्त प्रखर है परन्तु वह प्रच्छन्न है। गुप्तजी के संस्कार मूलत: सामन्तीय थे और उसके घर का वातावरण वैष्णव था, तथापि वे समय के साथ चलने का निरन्तर प्रयन्त करते थे तथा देश के विभिन्न आन्दोलनों को समझने का भी प्रयत्न्त करते थे। उनकी प्रतिक्रिया प्राय: प्रखर और प्रबल होती थी। गाँधी युग की समस्याओं का चित्रण प्रेमचन्द ने भी किया और अपने ढंग से प्रसाद ने भी। प्रेमचन्द की दृष्टि बहिर्मुखी थी, उनकी चेतना सामाजिक-राजनीतिक थी। प्रसाद की दृष्टि अन्तर्मुखी थी औरउनकी चेतना एकान्त रूप में सांस्कृतिक थी - गाँधी युग की प्राय: सभी प्रमुख समस्याओं को उन्होंने ग्रहण किया, परन्तु उनके बहिरंग में उनकी रूचि नहीं थी। अपने नाटकों में प्रसाद ने उन्हें पूर्णत: सांस्कृतिक रूप में प्रस्तुत किया और कामायनी में आध्यात्मिक धरातल पर। अपने उपन्यासों में प्रसाद उन्हें राजनीतिक-सामाजिक धरातल पर ग्रहण करते है परन्तु शीघ्र ही उनके बहिरंग रूपों को भेदकर उनमें निहित सांस्कृतिक तत्वों का चित्रण भी करने लगते हैं। गुप्तजी की स्थिति मध्यवर्ती है, उनका दृष्टिकोण राष्ट्रीय-सांस्कृतिक है। उनमें न तो प्रेमचन्द के समान व्यावहारिकता का आग्रह है और न प्रसाद की तरह दार्शनिकता का। उनमें सगुण तत्व अधिक हैं। प्रेमचन्द में धर्म भावना का अभाव है तो प्रसाद में लोकभावना का। गुप्तजी में लोक चेतना का प्रतिनिधित्व अपेक्षाकृत अधिक मिलता है।

Question number: 223 (6 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

‘आध्यात्मिक’ का विलोम शब्द है

Choices

Choice (4) Response
a.

राजनीतिक

b.

सामाजिक

c.

भौतिक

d.

सैद्धान्तिक

Question number: 224 (7 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

इनमें से कौनसा इक प्रत्यय का उदाहरण है?

Choices

Choice (4) Response
a.

सैद्धान्तिक

b.

राजनीतिक

c.

सामाजिक

d. All a. , b. and c. are correct

Question number: 225 (8 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

गाँधी युग की समस्याओं का चित्रण किया है

Choices

Choice (4) Response
a.

प्रेमचन्द ने

b.

मैथिलीशरण गुप्त ने

c.

जयशंकर प्रसाद ने

d. All a. , b. and c. are correct

Question number: 226 (9 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक है

Choices

Choice (4) Response
a.

गाँधी युग की काव्य चेतना

b.

मैथिलीशरण गुप्त का काव्य

c.

प्रेमचन्द का साहित्य

d.

आधुनिक हिन्दी काव्य की मूल प्रवृत्तियाँ

Passage

अभी भी इस बारे में बहुत कम जानकारी है कि आधुनिक कही जाने वाली आज की दुनिया आखिर कैसे संचालित हो रही है। हालांकि हरेक देश के पास इसकी कोई न कोई आधिकारिक व्याख्या जरूर है कि वे कैसे और किन सन्दर्भों में आधुनिक हो रहे हैं। लेकिन इस बारे में मेरा कहना है कि आधुनिकता को समझने के लिए जरूरी है कि आप अपने अन्दर झाँक सकें। इससे आपको पता चलेगा कि आधुनिकता की राह पर बढ़ने के लिए समाज को किन चीजों की जरूरी होती है। बेशक, आज हर कोई मॉडर्न होना चाहता है, लेकिन आधुनिकता की राह उतनी स्पष्ट नहीं है, जितनी वह मानी जाती है। इसीलिए मैं यह बात बार-बार कहता हूँ कि पश्चिमी समाज कभी-कभी आधुनिक नहीं रहे। पश्चिम के समय एकमात्र उल्लेखनीय चीज है साइन्स, जिसमें उसने तरक्की की लेकिन जिन साइंटिस्टों के बलबूते वहाँ आधुनिकता का परचम लहराया जाता है, खुद वे साइंटिस्ट अपने कल्चर में उलझे रहते हैं। उनका यह कल्चर आधुनिकता का झण्डाबरदार है। यह भी नहीं कहा जा सकता है कि उनके कल्चर पर दूसरी संस्कृतियों और लोकाचारों का असर नहीं हुआ होगा। अगर यह असर हुआ है तो सिर्फ वही आधुनिक क्यों कहा जाए? (ब्रूनो लातूर - फ्रेन्च सोशल साइंटिस्ट)

Question number: 227 (1 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

Appeared in Year: 2011

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Question

लेखक इस गद्यांश में क्या कहना चाहता है?

Choices

Choice (4) Response
a.

पश्चिमी समाज आधुनिक है

b.

वैज्ञानिकों को केवल अपने संस्कृति का ज्ञान है

c.

विज्ञान में उन्नति करना ही आधुनिक होने का मानदण्ड नहीं है

d.

आधुनिक होने के लिए विज्ञान में तरक्की करना जरूरी है

Question number: 228 (2 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

Appeared in Year: 2011

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Question

‘पश्चिमी समाज कभी-कभी आधुनिक नहीं रहे।’ लेखक ने ऐसा क्यों कहा होगा?

Choices

Choice (4) Response
a.

पश्चिमी समाज दूसरे कल्चर का असर ग्रहण कर रहा है

b.

पश्चिमी समाज के पास साइन्स है

c.

पश्चिमी समाज यह नहीं जानता कि आधुनिक का अर्थ क्या है और कौनसी चीजें समाज को आधुनिक बनाती हैं

d.

पश्चिमी समाज आधुनिक नहीं है

Question number: 229 (3 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

Appeared in Year: 2011

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Question

लेखक ने किस बात की अस्पष्टता की ओर संकेत किया है?

Choices

Choice (4) Response
a.

आधुनिक बनने की मानदण्डों में वैविध्य

b.

पश्चिम देश की संस्कृति

c.

तरक्की का अर्थ

d.

आधुनिकता की सही व्याख्या

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