Reading Comprehension (CTET Paper-II Hindi): Questions 168 - 173 of 592

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Passage

है हमीं प्रकम्पित कर चुके, सुरपति तक भी हृदय। फिर

एक बार हे विश्व! तुम, गाओ भारत की विजय।।

कहाँ प्रकाशित नहीं रहा है तेज़ हमारा,

दलित कर चुके शत्रु सदा हम पैरों द्वारा।

बतलाओं तुम कौन नहीं जो हमसे हारा,

पर शरणागत हुआ कहाँ, कब हमें न प्यारा!

बस युद्ध मात्र को छोड़कर, कहाँ नहीं है हम सदय!

फिर एक बार हे विश्व! तुम गाओं भारत की विजय!

Question number: 168 (5 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

MCQ▾

Question

‘हैं हमीं प्रकम्पित कर चुके, सुरपति तक का भी हृदय’ - से हमारी किस विशेषता का बोध होता है?

Choices

Choice (4) Response

a.

ज्ञान प्राप्ति

b.

दयालुता

c.

वीरता

d.

शरणागत वत्सलता

Question number: 169 (6 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

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Question

विश्व को भारत का जयघोष करने को क्यों कहा गया है?

Choices

Choice (4) Response

a.

हमारी जीतने की शक्ति के कारण

b.

हमारे परम्परा से चले आरहे गुणों के कारण

c.

हमारे समृद्ध अतीत के कारण

d.

हमारे सुरपति तक पहुँचने के कारण

Passage

जिनमें सहिष्णुता की भावना होती है, केवल ऐसे लोग ही अध्यापक होने योग्य होते है। जिनका बच्चों से प्यार भरा लगाव होता है, उनमें धैर्य स्वभावत: आ जाता है। अध्यापकों को जिस अन्तर्निहित गम्भीर समस्या से जूझना पड़ता है, वह यह है कि उन्हें जिनको देखना है वे शक्ति और प्रभुता में उनकी बराबरी के नहीं होते। अध्यापक के लिए एकदम तुच्छा या बिना किसी कारण के या फिर वास्तविक की बजाय किसी काल्पनिक कारण के चलते अपने छात्रों के सामने धैर्य खो देना, उनकी खिल्ली उड़ाना, उन्हें अपमानित या दण्डित करना एकदम आसान और सम्भव है। जो एक निर्बल अधीन राष्ट्र पर शासन करते हैं, उनमें न चाहते हुए भी गलत काम करने की प्रवृत्ति पाई जाती है।

उसी तरह ऐसे अध्यापक होते है जो बच्चों के ऊपर अपने प्रभुत्व का शिकार हो जाते हैं। जो शासन के अयोग्य होते है, उन्हें न केवल कमजोर लोगों पर अन्याय करते हुए कोई अपराध बोध नहीं होता, बल्कि ऐसा करने में उन्हें एक खास तरह का मजा मिलता है। बच्चे अपनी माँ की गोद में कमजोर, असहाय और अज्ञानी होते हैं। माता के हृदय में स्थित प्रचुर प्यार ही उनकी रक्षा की एकमात्र गारण्टी होता है। इसके बावजूद हमारे घरों में इस बात के उदाहरण कम नहीं कि कैसे हमारे स्वाभाविक प्यार पर धीरज का अभाव और उद्धत प्राधिकार विजय प्राप्त कर लेते है और बच्चों को अनुचित कारणों से दण्डित होना पड़ता है।

Question number: 170 (1 of 8 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

Appeared in Year: 2013

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Question

इस गद्यांश का मुख्य भाव यह है कि

Choices

Choice (4) Response

a.

अध्यापक में धैर्य, ममत्व, सहिष्णुता और तार्किकता होनी चाहिए

b.

अध्यापक को सदा निर्लिप्त भाव से पेश आना चाहिए

c.

केवल उचित कारणों पर ही अध्यापक बच्चों को अवश्य दण्ड दें

d.

अध्यापक में अपराध बोध होना चाहिए

Question number: 171 (2 of 8 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

Appeared in Year: 2013

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Question

विद्यालयों में बच्चों को बिना किसी कारण दण्डित करना

Choices

Choice (4) Response

a.

असम्भव है

b.

अध्यापक की धैर्यहीनता का चिन्ह है

c.

अध्यापकीय प्रवृत्ति है

d.

दुर्लभ है

Question number: 172 (3 of 8 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

बच्चे अपनी माँ की गोद में ही स्वयं को सुरक्षित समझते हैं, क्योंकि

Choices

Choice (4) Response

a.

माँ सदैव उनकी गलतियाँ माफ करती रहती है

b.

केवल माँ ही उनका लालन-पालन करती रहती है

c.

माँ के पास सुरक्षा की शक्ति परिपूर्ण है

d.

माँ के हृदय में स्नेह होता है

Question number: 173 (4 of 8 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

Appeared in Year: 2013

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Question

कौनसा शब्द समूह शेष शब्द समूहों से भिन्न है?

Choices

Choice (4) Response

a.

अयोग्य, अज्ञानी, अभाव

b.

अन्याय, अपराध, अपमानित

c.

अभाव, अपमानित, अधीन

d.

असहाय, अपराध, अनुचित

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