Reading Comprehension (CTET (Central Teacher Eligibility Test) Paper-II Hindi): Questions 161 - 168 of 592

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Passage

संकटों से वीर घबराते नहीं

आपदाएँ देख छिप जाते नहीं।

लग गए जिस काम में पूरा किया,

काम करके व्यर्थ पछताते नहीं।

हो सरल अथवा कठिन हो रास्ता

कर्मवीरों को न इससे वास्ता।

बढ़ चले तो अन्त तक ही बढ़ चले

कठिनतर गिरिश्रृंग ऊपर चढ़ गये।

कठिन पन्थ को देखकर मुस्काते सदा

संकटकों के बीच वे गाते सदा।

है असम्भव कुछ नहीं उनके लिए

सरल सम्भव कर दिखाते वे सदा।

यह असम्भव कायरों का शब्द है

कहा था नेपोलियन ने एक दिन

सच बताऊँ जिन्दगी ही व्यर्थ है

दर्प बिन, उत्साह बिन और शक्ति बिन।

Question number: 161 (4 of 6 Based on Passage) Show Passage

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Question

वीरों की एक विशेषता है

Choices

Choice (4) Response

a.

हर कार्य को असम्भव समझते है

b.

उनमें स्वाभिमान की कमी होती है

c.

वे संकटों से वीरतापूर्वक मुकाबला करते है

d.

उनमें उत्साह की कमी होती है

Question number: 162 (5 of 6 Based on Passage) Show Passage

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Question

‘गिरिश्रृंग’ शब्द का अर्थ है

Choices

Choice (4) Response

a.

कर्मवीर

b.

मातृभूमि

c.

उच्चतम पर्वत श्रेणी

d.

आपदा

Question number: 163 (6 of 6 Based on Passage) Show Passage

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Question

शब्द ‘कर्मवीर’ में प्रयुक्त समास है

Choices

Choice (4) Response

a.

कर्मधारय

b.

दव्न्दव्

c.

दव्गु

d.

तत्पुरूष

Passage

है हमीं प्रकम्पित कर चुके, सुरपति तक भी हृदय। फिर

एक बार हे विश्व! तुम, गाओ भारत की विजय।।

कहाँ प्रकाशित नहीं रहा है तेज़ हमारा,

दलित कर चुके शत्रु सदा हम पैरों द्वारा।

बतलाओं तुम कौन नहीं जो हमसे हारा,

पर शरणागत हुआ कहाँ, कब हमें न प्यारा!

बस युद्ध मात्र को छोड़कर, कहाँ नहीं है हम सदय!

फिर एक बार हे विश्व! तुम गाओं भारत की विजय!

Question number: 164 (1 of 6 Based on Passage) Show Passage

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Question

विश्व को भारत का जयघोष करने को क्यों कहा गया है?

Choices

Choice (4) Response

a.

हमारी जीतने की शक्ति के कारण

b.

हमारे परम्परा से चले आरहे गुणों के कारण

c.

हमारे समृद्ध अतीत के कारण

d.

हमारे सुरपति तक पहुँचने के कारण

Question number: 165 (2 of 6 Based on Passage) Show Passage

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Question

‘सदय’ का विलोम है

Choices

Choice (4) Response

a.

निर्दय

b.

दयावान

c.

दयाहीन

d.

कायर

Question number: 166 (3 of 6 Based on Passage) Show Passage

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Question

‘हैं हमीं प्रकम्पित कर चुके, सुरपति तक का भी हृदय’ - से हमारी किस विशेषता का बोध होता है?

Choices

Choice (4) Response

a.

ज्ञान प्राप्ति

b.

दयालुता

c.

वीरता

d.

शरणागत वत्सलता

Question number: 167 (4 of 6 Based on Passage) Show Passage

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Question

इन पंक्तियों में कौनसा रस है?

Choices

Choice (4) Response

a.

श्रृंगार

b.

रौद्र

c.

शान्त

d.

वीर

Question number: 168 (5 of 6 Based on Passage) Show Passage

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Question

हमारी दयालुता किन पंक्तियों से स्पष्ट होती है?

Choices

Choice (4) Response

a.

हैं हमीं प्रकम्पित कर चुके, सुरपति तक का भी हृदय

b.

कहाँ प्रकाशित नहीं रहा है तेज हमारा

c.

पर शरणागत हुआ कहाँ, कब हमें न प्यारा! बस युद्ध मात्र को छोड़कर, कहाँ नहीं है हम सदय!

d.

दलित करचुके शत्रु सदा हम पैरों द्वारा।

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