Reading Comprehension (CTET Paper-II Hindi): Questions 8 - 15 of 592

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Passage

साहित्य में आदर्श शब्द का प्रयोग दर्शन अथवा राजनीति की भाँति किसी रूढ़िगत अर्थ में नहीं किया जाता है। साहित्य का आदर्शवाद मानव जीवन के आन्तरिक पक्ष पर जोर देता है। जीवन के दो पक्ष हैं आन्तरिक और बाह्य। आन्तरिक पक्ष में मानसिक सुख, प्रसन्नता, परितोश, आनन्द आ जाते हैं। बाह्य पक्ष में ऐश्वर्य, वैभव तथा भौतिक उन्नति का स्थान है। आदर्शवादी साहित्यकार का विश्वास है कि मनुष्य जब तक आन्तरिक सुख प्राप्त नहीं करता, उसे वास्तविक आनन्द की उपलब्धि नहीं हो सकती। मानव की चेतना तब तक भटकती रहेगी जब तक वह शाश्वत, चिरन्तन सत्य अथवा आनन्द नहीं प्राप्त कर लेता। इस प्रकार आदर्शवाद मानव जीवन की आन्तरिक व्यवस्था करता है, उसकी उच्च सम्भावनाओं के प्रकाशन में तत्पर होता है। वह उन मानव मूल्यों को ग्रहण करता है, जो कल्याणकारी है, शुभ है, सर्जनात्मक हैं। भारतीय साहित्यशास्त्र में रस की जो महत्ता है, वह जीवन के आन्तरिक परितोष अथवा आनन्द का ही दूसरा रूप है। आदर्शवादी साहित्यकार भाव और कला की महत्तर ऊँचाइयों पर जाने का प्रयास करता है। अन्तर्मुखी होने के कारण कभी-कभी उसकी चेतना आध्यात्मिक, यहाँ तक कि रहस्यवादी हो जाती है। यूरोप का मध्यकालीन साहित्य इसका प्रमाण है। चिरन्तन मानव मूल्यों को महत्व देने के कारण लगभग प्रत्येक महान् साहित्यकार किसी सीमा तक आदर्शवादी होता है क्योंकि महान् साहित्य सर्जन के लिए शाश्वत मानव मूल्यों के ग्रहण के साथ मानव की उच्चतम सम्भावनाओं का प्रकाशन आवश्यक है। एक विदेशी विचारक के अनुसार ”आदर्श काव्य में आनन्द और उपदेश का एक सुन्दर समन्वय होता है।“ साहित्य में आदर्शवाद के विरोध में यथार्थवादी जीवन दृष्टि है, जो जीवन के भौतिक मूल्यों को प्रमुखता देती है। यथार्थवादी साहित्य वस्तुजगत को नग्न रूप में प्रस्तुत करने का पक्षपाती है। यथार्थवादी का वर्ण्य विषय है धरती, जो कुछ भी है वह है जबकि आदर्शवादी का वर्ण्य विषय है धरती, जो कुछ उसे होना चाहिए।

Question number: 8 (8 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

आदर्शवादी साहित्यकारों के अनुसार मानव चेतना तब तक भटकती रहेगी जब तक

Choices

Choice (4) Response

a.

वह आध्यात्मिक और रहस्यवादी नहीं हो जाती

b.

उसे जीवन के बाह्य सुख प्राप्त नहीं हो जाते

c.

वह शाश्वत, चिरन्तन सत्य प्राप्त नहीं कर लेती

d.

उसे जीवन के यथार्थ का ज्ञान नहीं हो जाता

Question number: 9 (9 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

आदर्शवादी साहित्यकार जीवन के किस पक्ष का निरूपण करता है?

Choices

Choice (4) Response

a.

दार्शनिक पक्ष का

b.

आन्तरिक पक्ष का

c.

आनन्ददायक पक्ष का

d.

यथार्थ पक्ष का

Passage

हैं जन्म लेते जगह में एक ही,

एक ही पोधा उन्हें है पालता!

रात में उन पर चमकता चाँद भी,

एक ही-सी चाँदनी है डालता।

छेद कर काँटा किसी की उँगलियाँ,

फाड़ देता है किसी का वर वसन।

प्यार में डूबी तितलियों के पर कतर,

भौंर का है बेध देता श्याम तन।

फूल लेकर तितलियों की गोद में,

भौंर को अपना अनूठा रस मिला।

निज सुगन्धों का निराले ढंग से,

है सदा देता कली जी की खिला।

है खटकता एक सबकी आँख में

दूसरा है सोहता सुर-सीम पर।

किस तरह कुल की बड़ाई काम दे,

जो किसी में हो बड़प्पन की कसर।

Question number: 10 (1 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

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Question

‘बड़प्पन’ शब्द का अर्थ है

Choices

Choice (4) Response

a.

स्वभाव

b.

स्वचरित्र

c.

बारिश

d.

महानता

Question number: 11 (2 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

‘फूल’ के माध्यम से किसके स्वभाव के बारे में कहा गया है?

Choices

Choice (4) Response

a.

दुर्जनों के

b.

कायरों के

c.

सज्जानों के

d.

तितलियों के

Question number: 12 (3 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

‘कली’ में अलंकार है

Choices

Choice (4) Response

a.

अनुप्रास

b.

यमक

c.

श्लेष

d.

उपमा

Question number: 13 (4 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

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Question

प्रस्तुत पद्यांश का उचित शीर्ष है

Choices

Choice (4) Response

a.

फूल और काँटे

b.

बड़प्पन की कसर

c.

जन्म

d.

चाँदनी

Question number: 14 (5 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

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Question

कवि ने पद्यांश में किसके स्वभाव को ज्यादा महत्व दिया है?

Choices

Choice (4) Response

a.

स्वचरित्र और अपने स्वभाव को

b.

कुल गोत्र को

c.

दुर्जनता को

d.

भौंरों के स्वभाव को

Question number: 15 (6 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

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Question

‘काँटों’ के माध्यम से किसके स्वभाव के बारे में कहा गया है?

Choices

Choice (4) Response

a.

सज्जनों के

b.

दुर्जनों के

c.

कायरों के

d.

वीरों के

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