Reading Comprehension (CTET (Central Teacher Eligibility Test) Paper-II Hindi): Questions 101 - 107 of 592

Get 1 year subscription: Access detailed explanations (illustrated with images and videos) to 827 questions. Access all new questions we will add tracking exam-pattern and syllabus changes. View Sample Explanation or View Features.

Rs. 400.00 or

Passage

जीवन एक कुआँ है

अथाह-अगम

सबके लिए एक-सा वृत्ताकार!

जो भी पास जाता है,

सहज ही तृप्ति, शान्ति, जीवन पाता है!

मगर छिद्र होते हैं जिसके पात्र में,

रस्सी डोर रखने के बाद भी,

हर प्रयन्त करने के बाद भी,

वह यहाँ प्यासा का प्यासा रह जाता है।

Question number: 101 (2 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

MCQ▾

Question

यदि किसी को असफलता प्राप्त हो रही है, किन बातों की जाँच परख करनी चाहिए?

Choices

Choice (4) Response

a.

अपनी कमियों को

b.

दूसरों के दोषों की

c.

दूसरों को उसका साथ देने में परेशानी क्यों है

d.

कहीं लक्ष्य गलत तो नहीं है

Question number: 102 (3 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

MCQ▾

Question

कवि ने जीवन की तुलना किससे की है?

Choices

Choice (4) Response

a.

तृप्ति

b.

शान्ति

c.

प्यास

d.

कुआँ

Question number: 103 (4 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

MCQ▾

Question

कवि का मन अनेक प्रयासों के बाद भी प्यासा क्यों रह गया?

Choices

Choice (4) Response

a.

उसने रस्सियाँ ठीक से नहीं बँटी थीं

b.

वह सबको दोष देता रहा

c.

उसने घडे को ठीक से परखा नहीं

d.

उसने अपने दोष्ज्ञों पर नजर नहीं डाली

Question number: 104 (5 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

MCQ▾

Question

‘अगम’ का विलोम है

Choices

Choice (4) Response

a.

निगम

b.

गम्य

c.

सुगम

d.

दुर्गम

Question number: 105 (6 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

MCQ▾

Question

निम्न में से तत्सम् शब्द नहीं है

Choices

Choice (4) Response

a.

तृप्ति

b.

छिद्र

c.

प्रयत्न

d.

डोर

Passage

इस संसार की यही रीति है। सत्यवादी मारा जाता है। आज के सहस्त्रों वर्ष पूर्व ग्रीस देश में एक दार्शनिक रहा करता था। उसका नाम सुकरात था। उसकी बातें सीधी सच्ची पर तीखी होती थी। समाज उन्हें सह नहीं सका और उसे कानूनी आज्ञा का पालन करते हुए विष कय प्याला पीना पड़ा। इसी प्रकार तत्कालीन शासन सत्ता तथा सामाजिक और धार्मिक दुराचारों के विरूद्ध आवाज उठाने पर ईसा को सूली पर चढ़ना पड़ा। सलीब पर ये ईसा का यह आर्तनाद आज भी गूँज रहा है - हे प्रभु हे पिता, तुम हमें क्यों भूल गए हो? साम्प्रादायिक विषय को शान्त करने और लोगों में साम्प्रदायिक सद्भावना फैलाने के लिए गाँधीजी अपने जीवन की बाजी लगाकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर घूमते फिरे, अंत में उन्हें गोली का शिकार होना पड़ा। इन दृष्टान्तों की पुनरावृत्ति अभी हाल ही में अमेरिका में हुई है। वहाँ के काले लोगों को अनेक रंग और जाति के दुर्व्यवहारों से मुक्ति दिलाकर समाज में समुचिज स्थान दिलाने को डॉ. किंग ने अहिंसक आन्दोलन खड़ा किया था। उन्होंने चाहा कि अमेरिका के गोरे लोगों में हृदय परिवर्तन हो और वे नीग्रो अमेरिकनों को नौकरी में और सामाजिक प्रतिष्ठा में वहीं स्थान पाने दें जो श्वेत अमेरिकनों को मिलता है, लेकिन उसको भी निर्भीक सच्चाई बरतने का मूल्य अपने प्राण देकर चुकाना पड़ा। आज संसार के सामने वही पुराना प्रश्न फिर खड़ा हो गया है। क्या दुनिया में सच कहने वालों का और इन्साफ मांगने वालों का इसी प्रकार अंत होता रहेगा? क्या आपसी विदव्ेष को समाप्त करने की सम्भावना, इस दुनिया में सबको पसन्द नहीं हो सकेगी? जरा सोचिए, यदि इन प्रश्नों का उत्तर नकारात्मक हुआ, तो मनुष्य जाति का भविष्य कितना निराशाजनक होगा?

Question number: 106 (1 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

MCQ▾

Question

डॉ. किंग को प्राणों को मूल्य किस लिए चुकाना पड़ा?

Choices

Choice (4) Response

a.

निर्भीक सच्चाई बरतने का मूल्य

b.

साम्प्रदायिक विष फैलाने के लिए

c.

रंगभेद का वातावरण तैयार करने के लिए

d.

सामाजिक न्याय दिलाने के प्रयासों के लिए

Question number: 107 (2 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

MCQ▾

Question

गाँधीजी को गोली का शिकार होना पड़ा, क्योंकि

Choices

Choice (4) Response

a.

धार्मिक दुराचारों के विरूद्ध आवाज उठाने के लिए

b.

साम्प्रदायिक विष शान्त करने एवं साम्प्रदायिक सद्भावना फैलाने के कारण

c.

अहिंसक आन्दोलन चलाने के कारण

d.

काले लोगों को सामाजिक प्रतिष्ठा दिलाने के कारण

f Page
Sign In