Reading Comprehension (CTET Paper-II Hindi): Questions 82 - 90 of 592

Get 1 year subscription: Access detailed explanations (illustrated with images and videos) to 827 questions. Access all new questions we will add tracking exam-pattern and syllabus changes. View Sample Explanation or View Features.

Rs. 400.00 or

Passage

मानव जीवन के आदिकाल में अनुशासन की कोई संकल्पना नहीं थी और न ही आज की भाँति बड़े-बड़े नगर या राज्य ही थे। मानव जंगल में रहता था। ‘जिसकी लाठी उसकी भैंस’ वाली कहावत उसके जीवन पर पूर्णत: चरितार्थ होती थी। व्यक्ति पर किसी भी नियम का बन्धन या किसी प्रकार के कर्तव्यों का दायित्व नहीं था, किन्तु इतना स्वतंत्र और निरंकुश होते हुए भी मानव प्रसन्न नहीं था। आपसी टकराव होते थे, अधिकारों-कर्तव्यों में संघर्ष होता था और नियमों की कमी उसे खलती थी। धीरे-धीरे उसकी अपनी ही आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए समाज और राज्य का उद्भव और विकास हुआ। अपने उद्देश्य की सिद्धि एवं आवश्यकताओं के लिए मानव में अन्तत: कुछ नियमों का निर्माण किया, उनमें से कुछ नियमों के पालन करवाने का अधिकार राज्य को और कुछ का अधिकार समाज को दे दिया गया। व्यक्ति के बहुमुखी विकास में सहायत होने वाले इन नियमों का पालन ही अनुशासन कहलाता है। अनुभव सबसे बड़ा शिक्षक होता है। समाज ने प्रारम्भ में अपने अनुभवों से ही अनुशासन के इन नियमों को सीखा, विकसित किया और सुव्यवस्थित किया होगा।

Question number: 82 (7 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

MCQ▾

Question

आदिकाल में मानव प्रसन्न नहीं था, क्योंकि

Choices

Choice (4) Response

a.

उस काल में सामाजिक नियमों का निर्धारण नहीं हुआ था

b.

वह नगरों में न रहकर जंगलों में रहता था

c.

उसकी जीवन आवश्यकताओं की पूर्ति नहीं हो पाती थी

d.

उसका जीवन और रहन-सहन सरल न था

Question number: 83 (8 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

MCQ▾

Question

गद्यांश शब्द से आशय ऐसे व्यक्ति से है

Choices

Choice (4) Response

a.

जो किसी व्यवस्था को न माने

b.

जिसका व्यवहार कुश जैसा न हो

c.

जो अहं भावना से ग्रस्त हो

d.

जो निरपराध एवं निरभिमान हो

Question number: 84 (9 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

MCQ▾

Question

मानव जीवन में प्रयुक्त समास है

Choices

Choice (4) Response

a.

अव्ययी भाव

b.

तत्पुरूष

c.

दव्न्दव्

d.

दव्गु

Passage

मैत्री की राह बताने को,

सबको सन्मार्ग पर लाने को,

दुर्योधन को समझाने को,

भीषण विध्वंस बचाने को,

भगवान हस्तिनापुर आए,

पाण्डवों का सन्देश लाए।

”दो न्याय अगर तो आधा दो

पर इसमें भी यदि बाधा हो,

तो दे दो पाँच ग्राम,

रखो अपनी धरती तमाम।

हम वहीं खुशी से खाएँगे,

परिजन पर असि न उठाएँगे।“

Question number: 85 (1 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

MCQ▾

Question

‘असि’ का अर्थ है

Choices

Choice (4) Response

a.

तलवार

b.

धनुषबाण

c.

गदा

d.

आवाज

Question number: 86 (2 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

MCQ▾

Question

न्याय के अनुसार पाण्डवों को क्या मिलना चाहिए था?

Choices

Choice (4) Response

a.

पूरा राज्य

b.

आधा राज्य

c.

कुछ अंश

d.

None of the above

Question number: 87 (3 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

MCQ▾

Question

कृष्ण सबको किस मार्ग पर लाना चाहते थे?

Choices

Choice (4) Response

a.

दुष्कर मार्ग पर

b.

सन्मार्ग पर

c.

महान मार्ग पर

d.

साधारण मार्ग पर

Question number: 88 (4 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

MCQ▾

Question

पाण्डवों का सन्देश क्या था?

Choices

Choice (4) Response

a.

चुपचाप सारा राज्य दो

b.

हम तुमसे युद्ध करेंगे

c.

हम समझौता नहीं करेंगे

d.

दे दो केवल पाँच ग्राम

Question number: 89 (5 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

MCQ▾

Question

‘सम्’ उपसर्ग से निर्मित शब्द है

Choices

Choice (4) Response

a.

संविधान

b.

संयोग

c.

सन्मार्ग

d.

All a. , b. and c. are correct

Question number: 90 (6 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

MCQ▾

Question

दुर्योधन को समझाने कौन हस्तिनापुर आया था?

Choices

Choice (4) Response

a.

अर्जुन

b.

युधिष्ठिर

c.

श्रीकृष्ण

d.

विश्वामित्र

f Page
Sign In