Reading Comprehension (CTET Paper-II Hindi): Questions 74 - 81 of 592

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Passage

सुना है दधिची का वह त्याग, हमारी जातीयता विकास।

पुरन्दर ने पंखि से है लिखा, अस्थियुग का मेरे इतिहास।

सिन्धु सा विस्तृत और अथाह एक निर्वासित का उत्साह।

दे रहा आभा दिखाई भग्न, मग्न रत्नाकर में वह राह।

धर्म का ले-लेकर जो नाम, हुआ करती बलि, कर दी बन्द।

हमी ने दिया शान्ति संदेह, सुखी होते देकर सानन्द।

विजय केवल लोहे की नहीं, धर्म की रही धरा पर धूम।

भिक्षु होकर रहते सम्राट, दया दिखलाई घर-घर घूम।

Question number: 74 (5 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

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Question

कौनसा सम्राट भिक्षु बना था?

Choices

Choice (4) Response

a.

अशोक

b.

गौतम बुद्ध

c.

बिम्बसार

d.

राम

Question number: 75 (6 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

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Question

‘धर्म के नाम पर बलि’ से क्या आशय है?

Choices

Choice (4) Response

a.

पशुबलि

b.

नरबलि

c.

राजा बलि

d.

बलशाली

Passage

मानव जीवन के आदिकाल में अनुशासन की कोई संकल्पना नहीं थी और न ही आज की भाँति बड़े-बड़े नगर या राज्य ही थे। मानव जंगल में रहता था। ‘जिसकी लाठी उसकी भैंस’ वाली कहावत उसके जीवन पर पूर्णत: चरितार्थ होती थी। व्यक्ति पर किसी भी नियम का बन्धन या किसी प्रकार के कर्तव्यों का दायित्व नहीं था, किन्तु इतना स्वतंत्र और निरंकुश होते हुए भी मानव प्रसन्न नहीं था। आपसी टकराव होते थे, अधिकारों-कर्तव्यों में संघर्ष होता था और नियमों की कमी उसे खलती थी। धीरे-धीरे उसकी अपनी ही आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए समाज और राज्य का उद्भव और विकास हुआ। अपने उद्देश्य की सिद्धि एवं आवश्यकताओं के लिए मानव में अन्तत: कुछ नियमों का निर्माण किया, उनमें से कुछ नियमों के पालन करवाने का अधिकार राज्य को और कुछ का अधिकार समाज को दे दिया गया। व्यक्ति के बहुमुखी विकास में सहायत होने वाले इन नियमों का पालन ही अनुशासन कहलाता है। अनुभव सबसे बड़ा शिक्षक होता है। समाज ने प्रारम्भ में अपने अनुभवों से ही अनुशासन के इन नियमों को सीखा, विकसित किया और सुव्यवस्थित किया होगा।

Question number: 76 (1 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

इस गद्यांश का प्रतिपाद्य है कि मनुष्य को

Choices

Choice (4) Response

a.

आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए पशु बल का प्रयोग करना चाहिए

b.

अधिकारों के लिए संघर्ष करना चाहिए

c.

सामाजिक नियमों का पालन करना चाहिए

d.

स्वतंत्र और निरंकुश होना चाहिए

Question number: 77 (2 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

चरितार्थ का सही सन्धि विच्छेद है

Choices

Choice (4) Response

a.

चर + इतार्थ

b.

चरि + अर्थ

c.

चरि + तार्थ

d.

चरित्र + अर्थ

Question number: 78 (3 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

शब्द ‘उद्भव’ का समानार्थी शब्द है

Choices

Choice (4) Response

a.

अनुभव

b.

उत्पत्ति

c.

विकास

d.

वृद्धि

Question number: 79 (4 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

निरंकुश से पर्याय है

Choices

Choice (4) Response

a.

जिसका अंत न हो

b.

जिसका राज्य हो

c.

जिसका कोई धर्म न हो

d.

जिस पर कोई प्रतिबन्ध न हो

Question number: 80 (5 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

1. इस गद्यांश का सर्वाधिक उपयुक्त शीर्षक हो सकता है

Choices

Choice (4) Response

a.

जीवन का उद्देश्य

b.

अनुशासन की संकल्पना

c.

जिसकी लाठी उसकी भैंस

d.

आवश्यकता आविष्कार की जननी है

Question number: 81 (6 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

‘अनुशासन’ से अभिप्रेरित है

Choices

Choice (4) Response

a.

शासन द्वारा निर्धारित नियमों की पहचान और परख

b.

व्यक्ति द्वारा अपने बहुमुखी विकास के लिए बनाए गए सामाजिक नियमों का पालन

c.

प्रजा पर शासक का पूर्णरूप से नियंत्रण जिससे राजव्यवस्था सुचारू बन सके

d.

शासित द्वाराशासक के आदेशों का सम्यक् रूप से पालन

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