CTET Paper-II Hindi: Questions 647 - 652 of 827

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Passage

संस्कृति किसी दो मंजिला मकान की तरह होती है। पहली मंजिल पर एकदम मूलभूत मगर चिरन्तन जीवन मूल्य होते हैं। इसमें परस्पर सहकार्य, न्याय, सौन्दर्य जैसे मूलभूत तत्व आते है। ये मूल्य समय से परे होते हैं। पहली मंजिल पर दूसरी मंजिल का निर्माण किसी समाज की विशिष्ट आवश्यका के अनुरूप होता है। धार्मिक ऐतिहासिक परम्परा, आर्थिक लेनदेन, स्त्री-पुरूष सम्बन्ध और परिस्थितिजन्य अन्य मूल्यों का निर्माण में योगदान होता है। इससे पहली मंजिल के मूलभूत मूल्यों की उपेक्षा होने लगती है। समाज को भ्रम होने लगता है कि दूसरे मंजिल की मूल व्यवस्था ही अपनी सच्ची संस्कृति है। भ्रम से कई तरह की विकृति उत्पन्न होती है, जो सामाजिक परिवर्तन से संघर्ष करने लगती है। वस्तुत: आज इन्हीं परिस्थितियों को मात देकर नई संस्कृति का निर्माण करना देश के सामने सबसे बड़ा कार्य है। इसमें शिक्षा पद्धति और प्रसार माध्यम महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। शिक्षा के भावी पीढ़ी पर सांस्कृतिक निष्ठा के संस्कार डाले जाते हैं। हमारी शिक्षा इस कसौटी पर खरी नहीं उतरी है। समाज में विषमता की खाई चौड़ी करने में ही इसका योगदान रहा है। यह अमीरों की दोस्त और गरीबों की दुश्मन हो गई है। एकाध ठीकठााक पाठशाला में बच्चों को प्रवेश दिलाने में बीस हजार रूपए एक ‘हफ्ता’ देना पड़ता है।

Question number: 647 (3 of 8 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

शिक्षा पद्धति सफल क्यों नहीं हो रही है?

Choices

Choice (4) Response

a.

वह अमीरों और गरीबों के बीच खाई चौड़ी कर रही है

b.

वह केवल अमीरों की दोस्त और गरीबों की दुश्मन है

c.

वह संस्कृति के प्रति पूज्य भाव के संस्कार नहीं डाल पा रही है

d.

वह हर बार बदल दी जाती है

Question number: 648 (4 of 8 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

परस्पर सहकार्य, न्याय तथा सौन्दर्य को संस्कृति के मूल तत्व क्यों कहा गया है?

Choices

Choice (4) Response

a.

ये समय के साथ नहीं बदलते

b.

इन्हें प्राप्त करने में बहुत कठिनाई होती है

c.

इनकी जड़े बहुत गहरी हैं

d.

इसमें समाज की अधिक आस्थ होती है

Question number: 649 (5 of 8 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

‘अनुरूप’ शब्द का विपरीतार्थी शब्द है

Choices

Choice (4) Response

a.

प्रतिरूप

b.

कुरूप

c.

स्वरूप

d.

रूप

Question number: 650 (6 of 8 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

स्त्री-पुरूष में प्रयुक्त समास है

Choices

Choice (4) Response

a.

अव्ययीभाव

b.

कर्मधारय

c.

दव्न्दव्

d.

दव्गु

Question number: 651 (7 of 8 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

संस्कृति के पुनर्निमाण में सबसे अधिक सहायक कौन हो सकता है?

Choices

Choice (4) Response

a.

लोगों की दृढऋ इच्छाशक्ति

b.

संस्कृति का सरलीकरण

c.

शिक्षा पद्धति में बदलाव

d.

पद्धति में बदलाव

Question number: 652 (8 of 8 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

संस्कृति के मूल तत्वों की उपेक्षा क्यों होने लगती है?

Choices

Choice (4) Response

a.

संस्कृति के मूल्य तत्व इतने दु: साध्य हैं कि उन्हें हर समय बनाए रखना कठिन है

b.

पुरानी रूढ़ियों और परम्पराएँ हम पर हावी हो जाती है। इसलिए हम ठीक प्रकार से नहीं सोच पाते

c.

उसका निर्माण अलग-अलग लोग करते हैं इसलिए कोई अपना उत्तरदायित्व नहीं मानता

d.

संस्कृति अदृश्य है अत: सामान्य जनता उसके महत्व को नहीं जानती

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