CTET Paper-II Hindi: Questions 512 - 517 of 827

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Question number: 512

» Pedagogy of Language Development » Teaching in Classroom

MCQ▾

Question

एक अध्यापक के लिए मौखिक पठन कराना आवश्यक है क्योंकि इससे

Choices

Choice (4) Response

a.

लिखित भाषा संबंधी त्रुटियाँ दूर होती हैं

b.

मौखिक भाषा संबंधी त्रुटियाँ दूर होती हैं

c.

कोई लाभ नहीं होता है

d.

Both a. and b. are correct

Question number: 513

» Pedagogy of Language Development » Principles of Language Teaching

MCQ▾

Question

भाषा शिक्षण के अन्तर्गत आवश्यक है कि बालकों में ध्यान रखा जाए

Choices

Choice (4) Response

a.

रूचियों का

b.

प्रवृत्तियों का

c.

व्यक्तिगत विभिन्नताओं का

d.

All a. , b. and c. are correct

Question number: 514

» Pedagogy of Language Development » Role of Listening and Speaking

MCQ▾

Question

भाषा प्रवाह को कुशल बनाने में सर्वाधिक भूमिका होती है

Choices

Choice (4) Response

a.

बोलने की

b.

सुनने की

c.

लिखने की

d.

पढ़ने की

Question number: 515

» Pedagogy of Language Development » Teaching in Classroom

Appeared in Year: 2011

MCQ▾

Question

आप सस्वर पठन में अनिवार्यत: किस साहित्यिक विधा का समर्थन करेंगे?

Choices

Choice (4) Response

a.

एकांकी का

b.

यात्रावृतान्त का

c.

जीवनी का

d.

आत्मकथा का

Question number: 516

» Pedagogy of Language Development » Language Skills

Appeared in Year: 2012

MCQ▾

Question

भाषा की पाठ्य पुस्तक में लोकगीतों को स्थान देना

Choices

Choice (4) Response

a.

भारत की सांस्कृतिक विशेषताओं से परिचित होने में मदद करता है

b.

बच्चों को ‘संगीत’ सिखाने से जुड़ा है

c.

गायन को महत्व देना है

d.

परम्परा का निर्वाह करना है

Passage

बच्चे और खिलौने का सम्बन्ध सदैव से ही रहा है। हम यह भी कह सकते हैं कि खिलौनों के बिना हम बच्चों की दुनिया की कल्पना भी नहीं कर सकते। चाहे हम बच्चों को खिलौने खरीदकर दें या न दें, बच्चे अपने लिए किसी न किसी चीज (चाहे वे टूटे-फेटे डिब्बे हों या इसी तरह की अन्य सामग्री) को खिलौने की शक्ल दे ही देते हैं।

अजीबों-गरीब आवाजें निकालकर हमें बहलाते हैं और बच्चे बहल भी जाते हैं। यही बच्चे जैसे-जैसे बड़े होते हैं, खुद भी चीजों को जोड़-तोड़कर खिलौने बनानेमें अपनी रचनात्मक ऊर्जा का खूब इस्तेमाल करते हैं। इसलिए भी यह जरूरी है कि बच्चों को इस रचनात्मक ऊर्जा को उभारने के लिए उन्हें भरपूर मौके दिए जाएँ।

पहले हम गौर करें कि बच्चे अपने रोजमर्रा के जीवन में कौन-कौन सी चीजें बनाते है। इसके लिए अगर हम अपनी अतीत में गोता लगाएँ और अपने बचपन की दुनिया में झाँकें, तो तरह-तरह के खिलौनों का खजाना हमारी स्मृति में से निकलकर आता है - ढेर सारी माचिक की खाली डिब्बियों को बिल्कुल सरल तरीके से जोड़कर बनती रेलगाड़ी, कागज से बनाई जाने वाली ढ़ेरों चीजें जैसे नाव, हवाई जहाज, तितली, नाग आदि क्या-क्या नहीं बनाते थे इन सब से।

Question number: 517 (1 of 8 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

Appeared in Year: 2012

MCQ▾

Question

बच्चों की रचनात्मक ऊर्जा को उभारने के लिए

Choices

Choice (4) Response

a.

सारा टूटा-फूटा सामान दे देना चाहिए

b.

उन्हें खिलौने बनाने का औपचारिक प्रशिक्षण देना चाहिए

c.

घर का सारा सामान उन्हें दे देना चाहिए

d.

अनुपयोगी परन्तु सुरक्षित सामान दे सकते हैं

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