CTET Paper-II Hindi: Questions 459 - 466 of 827

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Passage

गाँधी मानते थे कि सामाजिक जीवन की ओर बढ़ने से पहले कौटुम्बिक जीवन का अनुभव प्राप्त करना आवश्यक है। इसलिए वे आश्रम जीवन बिताते थे। इससे समय और धन तो बचता ही था, सामूहिक जीवन का अभ्यास भी होता था। लेकिन यह सब होना चाहिए, समय-पालन, सुव्यवस्था और शुचिका के साथ।

इस ओर लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए गाँधीजी स्वयं भी सामूहिक रसोईघर में भोजन करते थे। भोजन के समय दो बार घण्टी बजती थी। जो दूसरे घण्टी बजने तक भोजनालय में नहीं पहुँच पाता था, उसे दूसरी पंक्ति के लिए बरामदे में इन्तजार करना पड़ता था। दूसरी घण्टी बजते ही रसोईघर का द्वार बन्द कर दिया जाता था, जिसके बाद आने वाले व्यक्ति अन्दर न आने पाएँ।

एक दिन गाँधीजी पिछड़ गए। संयोग से उस दिन आश्रमवासी श्री हरिभाऊ उपाध्याय भी पिछड़ गए। जब वे वहाँ पहुँचे तो देखा कि बापू बरामदे में खड़े हुए बैठने के लिए ने बैंच है, न कुर्सी। हरिभाऊ ने विनोद करते हुए कहा, ”बापूजी आज तो आप भी गुनहगारों के कठघरे में आ गए हैं।“

गाँधीजी खिलखिलाकर हंस पड़े, बोले ‘कानूनी के सामने तो सब बराबर होते हैं न’

हरिभाऊ जी ने कहा, ‘बैठने के लिए कुर्सी लाऊँ, बापू? ’ गाँधीजी बोले, ‘नहीं, उसकी जरूरत नहीं है। सजा पूरी भुगतनी चाहिए। उसी में सच्चा आनन्द है।’

Question number: 459 (4 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

‘भोजनालय’ का सन्धि विच्छेद है

Choices

Choice (4) Response

a.

भोजन + आलय

b.

भोजन + लय

c.

भोज + नालय

d.

भोजन + अलय

Question number: 460 (5 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

‘रसोई’ शब्द है

Choices

Choice (4) Response

a.

तत्सम

b.

रूढ़

c.

योगरूढ़

d.

यौगिक

Question number: 461 (6 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

दूसरी घण्टी के बाद रसोईघर का दरवाजा क्यों बन्द कर दिया जाता होगा?

Choices

Choice (4) Response

a.

ताकि लोग अन्दर ना आ सकें

b.

ताकि लोग समय का पालन करें और नियम का पालन भी

c.

ऐसा गाँधीजी का निर्देश था

d.

ताकि लोग एकाध दिन उपवास कर सकें

Question number: 462 (7 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

सभी भोजनालय में एक साथ भोजन करते थे। इससे

Choices

Choice (4) Response

a.

सुव्यवस्था रहती थी

b.

गाँधीजी और हरिभाऊ जी को बहुत असुविधा हुई

c.

सामूहिक जीवन का महत्व पता चलता था

d.

केवल धन की बचत होती थी

Question number: 463 (8 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

इनमें कौनसा ‘इक’ प्रत्यय का उदाहरण है?

Choices

Choice (4) Response

a.

कौटुम्बिक

b.

आधिक्य

c.

माणिक्य

d.

अत्यधिक

Question number: 464 (9 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

‘शुचिका’ शब्द का क्या अर्थ है?

Choices

Choice (4) Response

a.

सरलता

b.

निष्पक्षता

c.

पवित्रता

d.

निर्मलता

Passage

विकास के उच्च शिखर पर पताका फहराते हुए आज हम विज्ञान के उत्कर्ष काल में जी रहे हैं। परन्तु ये कैसी विडम्बना है कि मैला उठाने की सर्वाधिक घृणित प्रथा आज भी हमाने समाज में विद्यमान है। घर-घर मैला साफ करते नर-नारियों के प्रति हमारा समाज संवेदनशील न हो, ऐसा नहीं। हमारी संवेदनाएँ या तो तीव्रता से उठती नहीं या स्वार्थ के आवरण में आवृत्त होकर घुट-घुट कर मर जाती हैं। बड़ी नालियों-नालों में नंगे बदन सफाई करते इंसान देखकर अपने सभ्य होने पर हमें लज्जा क्यों नहीं आती? सड़क पर गाड़ियों, ठेलों और कमर पर मैला उठाते नर-नारियों को देखकर हम शर्म से धरती में क्यों नहीं गड़ जाते? सीवर टैंकों की सफाई के समय जहरीली गैसों के प्रभाव से असमय ही काल-कलवित हो जाने वाले युवकों की माताओं के कारूणिक रूदन का श्रवण हम क्यों नहीं कर पाते?

प्रतिकूल मौसमी दशाओं की मार झेलती, दुधमुँहे शिशुओं को रोता-बिलखता छोड़ घर-घर मैला उठाने वाली नारियाँ भोर होते ही निकल पड़ती है। हमारे लिए जो निकृष्ट और घृणित कर्म है, उनके लिए वही एक सत्कर्म है। हम देवत्व का मिथ्यावरण लपेटे घण्टो और शंख ध्वनियों के बीच पुरोहिती का राग अलपाते है और उन्हें तिरस्कृत कर पास भी नहीं फटकने देते। गन्दगी उठाने वाले इस वन्दनीय समाज की सेवा से हम सभी उऋण नहीं हो सकते। यह तिरस्कार नहीं वन्दना का पात्र है। इस कुप्रथा को समूल उखाड़ फेंकने के लिए सामूहिक प्रयास अपरिहार्य है।

Question number: 465 (1 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

‘कारूणिक’ शब्द में प्रयुक्त प्रत्यय है

Choices

Choice (4) Response

a.

अक

b.

एक

c.

इक

d.

Question number: 466 (2 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

लेखक ने हमें सभ्य होने पर भी लज्जाहीन क्यों कहा है?

Choices

Choice (4) Response

a.

हमारे समाज में आज भी मैला ढोने की प्रथा है

b.

हमने मैला ढोने वालों को तिरस्कृत कर रखा है

c.

विज्ञान के उत्कर्ष काल में भी मैला ढ़ोने की प्रथा प्रचलित है

d.

All of the above

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