CTET (Central Teacher Eligibility Test) Paper-II Hindi: Questions 398 - 404 of 835

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Question number: 398

» Pedagogy of Language Development » Grammar

MCQ▾

Question

निम्न में से क्या व्याकरण शिक्षण की विधि है?

Choices

Choice (4) Response

a.

प्रत्यक्ष भाषा शिक्षण विधि

b.

सिद्धान्त विधि

c.

आगमन विधि

d.

All a. , b. and c. are correct

Question number: 399

» Pedagogy of Language Development » Grammar

MCQ▾

Question

भाषा शिक्षण का सामान्य उद्देश्य है

Choices

Choice (4) Response

a.

भावानुकूल भाषा प्रयोग, स्वर निर्माण, अंग संचालन का अभ्यास करना

b.

छात्रों में सृजनात्मक शक्ति का विकास करना

c.

छात्रों में शुद्ध, सरल, स्पष्ट ढंग से आत्माभिव्यक्ति की योग्यता उत्पन्न करना

d.

All a. , b. and c. are correct

Question number: 400

» Pedagogy of Language Development » Teaching- Learning Materials

MCQ▾

Question

टेपरिकॉर्डर को किस प्रकार की शिक्षण सहायक सामग्री माना जाता है?

Choices

Choice (4) Response

a.

केवल दृश्य सहायक सामग्री के रूप में

b.

केवल श्रव्य सहायक सामग्री के रूप में

c.

दृश्य तथा श्रव्य दोनों प्रकार की सहायक सामग्री के रूप में

d.

Question does not provide sufficient data or is vague

Passage

‘अब पछताए होत क्या, जब चिड़िया चुग गई खेत।’ बिना विचार कार्य करने वाला जीवन भर नौ-नौ आसूँ रोया करता है। अत: कार्य को प्रारम्भ करने से पूर्व भली प्रकार से सोच-समझकर निर्णय लेना चाहिए। जिस पकार मुँह से निकली बात, कमान से छूटा तीर वापिस नहीं आते, उसी प्रकार बीता हुआ समय कभी लौटकर नहीं आता। अत: उचित समय पर उचित निर्णय करना ही मानव का परम कर्तव्य है। विचारपूर्वक आगे बढ़ना ही सफलता का मूल मंत्र है। गलती करके पश्चाताप करना तो एक गलती के ऊपर दूसरी गलती करना है। जो बात हो चुकी उस पर चिन्ता करना, खेद करना, पश्चाताप करना व्यर्थ है, क्योंकि इससे कोई लाभ है ही नहीं। यदि पृथ्वीराज मोहम्मद गौरी के विषैले दाँतों को पहली बार हराते ही तोड़ देता, तो भारत का इतिहास कुछ और ही होता। कैकेयी के अविवेकपूर्ण निर्णय से न केवल उसे वैधव्य ही झेलना पड़ा बल्कि वह सामाजिक निन्दा का शिकार भी बनी। उसने पश्चाताप स्वरूप राम को वापस लाने का प्रयास किया, किन्तु सब व्यर्थ। रावण जैसे पराक्रमी शिवभक्त राजा ने अविवेक के कारण सीता-हरण कर लिया और उसकी यही भूल उसके लिए ही नहीं, बल्कि उसके समस्त परिवार के लिए विनाश का कारण बनी। निष्कर्षस्वरूप कहा जा सकता है कि बना सोचे व विचार किए कार्य नहीं करना चाहिए क्योंकि उसका पराािम अमंगलकारी होता है।

Question number: 401 (1 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

शिव भक्त में प्रयुक्त समास है

Choices

Choice (4) Response

a.

कर्मधारय

b.

तत्पुरूष

c.

अव्ययी भाव

d.

बहुब्रीहि

Question number: 402 (2 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

कैकेयी के अविवेकपूर्ण निर्णय का क्या परिणाम निकला?

Choices

Choice (4) Response

a.

उसे न केवल वैधव्य ही झेलना पड़ा अपितु वह सामाजिक निन्दा का शिकार भी बनी

b.

उसे राजमाता की पदवी नहीं मिल पाई

c.

राजा दशरथ की मृत्यु हो गई

d.

श्री राम को वन जाना पड़ा

Question number: 403 (3 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

रावण का पर्यायवाची नहीं है

Choices

Choice (4) Response

a.

रा-वन

b.

दशमुख

c.

लंकापति

d.

दशानन

Question number: 404 (4 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

‘अब पछताए होत क्या, जब चिड़िया चुग गई खेत’ लोकोक्ति का अर्थ बताइए।

Choices

Choice (4) Response

a.

अब समय रहते चिड़िया को भगा दिया होता तो वह खेत नहीं चुगती

b.

अब पछताना व्यर्थ है क्योंकि चिड़िया तो अपना काम कर गई

c.

जब चिड़िया ने सारा खेत खा लिया तब भगाने का क्या लाभ

d.

अवसर निकलने पर पछताने का कोई फायदा नहीं

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