CTET (Central Teacher Eligibility Test) Paper-II Hindi: Questions 371 - 378 of 827

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Question number: 371

» Pedagogy of Language Development » Evaluating Language Comprehension & Proficiency

MCQ▾

Question

भाषा शिक्षण में उद्देश्य निष्ठ मूल्यांकन की विशेषताएँ है

Choices

Choice (4) Response

a.

वस्तुनिष्ठता और विभेदकारी

b.

व्यापकता और व्यावहारिकता

c.

विश्वसनीयता और वैधता

d.

All a. , b. and c. are correct

Question number: 372

» Pedagogy of Language Development » Role of Listening and Speaking

MCQ▾

Question

”मानसिक विकास के लिए भाषा उतनी ही आवश्यक है जितना की शिशु के शारीरिक विकास के लिए माँ का दूध।“ निम्न में से किसका कथन है?

Choices

Choice (4) Response

a.

महात्मा गाँधी

b.

जीन पियाजे

c.

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन

d.

स्किनर

Passage

लोभ का सबसे प्रशस्त रूप वह है, जो रक्षा मात्र की इच्छा का प्रवर्तक होता है, जो मन में यही वासना उत्पन्न करता है कि कोई वस्तु बनी रहे, चाहे वह हमारे किसी उपयोग में आए या न आए। इस लोभ में दोष का लेश उसी अवस्था में आ सकता है, जबकि वह वस्तु ऐसी हो, जिससे किसी को कोई बाधा या हानि पहुँचती हो। कोई सुन्दर कृष्णसार मृग नित्य आकर खेती की हानि किया करता है।उ सके सौन्दर्य पर मुग्ध होकर उसकी रक्षा चाहने वाला यदि बराबर उसकी रक्षा में प्रवृत्त रहेगा, तो बहुतों सेउसकी अनबन हो सकती है। वह लोभ धन्य है, जिससे किसी के लोभ का विरोध नहीं और लोभ की जो वस्तु अपने सब लोभियों को एक-दूसरे का लोभी बनाए रहती है, वह भी परम पूज्य है। घर का प्रेम, पुर या ग्राम का प्रेम, देश का प्रेम इसी पवित्र लोभ के क्रमश: विस्तृत रूप हैं। मनुष्य के प्रयत्नों की पहुँच बहुत ही परिमित होती है। अत: जो प्रेम क्षेत्र जितना ही निकटस्थ होगा उसमें उतने ही अधिक प्रयन्त की आवश्यकता होगी और जो जितनी ही दूर होगा, प्रयत्नों का उतना ही कम अंश उसके लिए आवश्यक होगा। सबसे अधिक घर की रक्षा का, फिर पुर या ग्राम की रक्षा का और भी देश की रक्षा का ध्यान जनसाधारण के लिए स्वाभाविक है, पर जिनकी दृष्टि बहुत व्यापक होती है, जिनके अन्त: करण में परार्थ को छोड़ स्वार्थ के लिए अलग जगह नहीं होती। वे इस क्रम का विपर्यय कर दिखाते हैं। वे देश की रक्षा के लिए अवसर पड़ने पर घर का लोभ क्या प्राण तक का लोभ छोड़ देते हैं। पर ऐसे लोग विरले होते हैं। सबसे ऐसी आशा नहीं की जा सकती।

Question number: 373 (1 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

लाभ का प्रशस्त रूप है

Choices

Choice (4) Response

a.

वस्तु की मात्र रक्षा की इच्छा

b.

वस्तु के मात्र उपभोग की इच्छा

c.

वस्तु के मात्र उपयोग की इच्छा

d.

वस्तु को मात्र अधिकार में रखने की इच्छा

Question number: 374 (2 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

इस गद्यांश का मुख्य विषय है

Choices

Choice (4) Response

a.

स्वार्थ

b.

वासना

c.

लोभ

d.

प्रेम

Question number: 375 (3 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

विस्तृत का विपरीतार्थी शब्द है

Choices

Choice (4) Response

a.

संक्षिप्त

b.

छोटा

c.

सिमटना

d.

सिकुड़ना

Question number: 376 (4 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

व्यापक का समानार्थक शब्द है

Choices

Choice (4) Response

a.

विस्तृत

b.

संकुचित

c.

उचित

d.

अधिक

Question number: 377 (5 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

निम्न में से कौनसा मृग का पर्यायवाची नहीं है?

Choices

Choice (4) Response

a.

कुरंग

b.

सारंग

c.

हिरन

d.

मतंग

Question number: 378 (6 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

लोभ का वह रूप धन्य है

Choices

Choice (4) Response

a.

जो वैयक्तिक स्वार्थ से प्रेरित हो

b.

जिसके कारण किसी से विरोध न हो

c.

जिसमें अपनी हानि की चिन्ता न हो

d.

जिसमें पराई हानि की परवाह न हो

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