CTET Paper-II Hindi: Questions 332 - 337 of 827

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Question number: 332

» Pedagogy of Language Development » Learning and Acquisition

MCQ▾

Question

जब बच्चा किसी सीखी हुई बात का प्रयोग करता है तो यह प्रक्रिया कहलाती है

Choices

Choice (4) Response

a.

प्रेरणा

b.

अधिगम

c.

शिक्षण

d.

अधिग्रहण

Question number: 333

» Pedagogy of Language Development » Language Skills

Appeared in Year: 2011

MCQ▾

Question

‘भाषा शिक्षण’ में शब्दार्थ पर अधिक बल नहीं देना चाहिए, क्योंकि

Choices

Choice (4) Response

a.

शब्दों के अर्थ शब्दकोश से देखे जा सकते हैं

b.

इसमें समय व्यर्थ होता है

c.

बच्चे सारे शब्दों के अर्थ जानते हैं

d.

बच्चे सन्दर्भ के अनुसार अनुमान लगाते हुए अर्थ ग्रहण कर लेते हैं

Passage

संस्कृति के निर्माण में एक सीमा तक देश और जाति का योगदान रहता है। संस्कृति के मूल उपादान तो प्राय: सभी सुसंस्कृत और सभ्य देशों के एक सीता तक समान रहते हैं, किन्तु बाह्य उपादानों में अन्तर अवश्य आता है। राष्ट्रीय संस्कृति का सबसे बड़ा योगदान यही है कि वह हमें अपने राष्ट्र की परम्परा से सम्पृक्त बनाती है, अपनी रीति-नीति की सम्पदा से विच्छिन्न नहीं होने देती। आज के युग में राष्ट्रीय एवं जातीय संस्कृतियों के मिलन के अवसर अति सुलभ हो गए हैं। संस्कृतियों का पारस्परिक संघर्ष भी शुरू हो गया है। कुछ नए विदेशी प्रभाव हमारे देश पर पड़ रहे है, जिनके आतंक ने हमें स्वयं अपनी संस्कृति के प्रति संशयालु बना दिया है। हमारी आस्था डगमगाने लगी है। यह हमारी वैचारिक दुर्बलता का फल है। अपनी संस्कृति को छोड़ विदेशी संस्कृति के विवेकहीन अनुकरण से हमारे राष्ट्रीय गौरव को जो ठेस पहुँच रही है, वह किसी राष्ट्र प्रेमी जागरूक व्यक्ति से छिपी नहीं है। भारतीय संस्कृति में त्याग और ग्रहण की अद्भुत क्षमता रही है। अत: आज के वैज्ञानिक युग में हम किसी भी विदेशी संस्कृति के जीवन्त तत्वों को ग्रहण करने में पीछे नहीं रहना चाहेंगे किन्तु अपनी सांस्कृतिक निधि की उपेक्षा करके नहीं। यह परावलम्बन राष्ट्र की गरिमा के अनुरूप नहीं है। यह स्मरण रखना चाहिए कि सूर्य की आलोप्रदायिनी किरणों से पौधे को चाहे जितनी जीवनशक्ति मिले किन्तु अपनी जमीन और अपनी जड़ों के बिना कोई पौधा जीवित नहीं रह सकता। अविवेकी अनुकरण, अज्ञान का ही पर्याय है।

Question number: 334 (1 of 7 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

MCQ▾

Question

हम विदेशी संस्कृति के महत्वपूर्ण तत्वों को ग्रहण कर सकते है, क्योंकि

Choices

Choice (4) Response

a.

आज के वैज्ञानिक युग में ऐसा करना परमावश्यक है

b.

विदेशी संस्कृतिक के जीवन तत्व हमारी संस्कृति को समृद्ध ही करेंगे

c.

भारतीय संस्कृति में त्याग केसाथ ग्रहण की अद्भुत क्षमता है

d.

भारतीय संस्कृति जड़ न होकर लेन-देन में विश्वास रखती है

Question number: 335 (2 of 7 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

MCQ▾

Question

‘परमाश्वयक’ में प्रयुक्त सन्धि है

Choices

Choice (4) Response

a.

दीर्घ

b.

विसर्ग

c.

यण

d.

व्यंजन

Question number: 336 (3 of 7 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

MCQ▾

Question

आधुनिक युग में संस्कृतियों में परस्पर संघर्ष प्रारम्भ होने का प्रमुख कारण यह है कि

Choices

Choice (4) Response

a.

विरोधी संस्कृतियाँ एक-दूसरे के निकट आई है

b.

भिन्न संस्कृतियों के निकट आने के कारण अतिक्रमण एवं विरोध स्वाभाविक है

c.

विरोधी संस्कृतियों ने अपनी सीमाओं का अतिक्रमण प्रारम्भ कर दिया है

d.

कुछ संस्कृतियाँ संघर्ष की भावना से ग्रस्त रहती है

Question number: 337 (4 of 7 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

MCQ▾

Question

राष्ट्रीय अथवा जातीय संस्कृति की हमारे प्रति सबसे बड़ी देन यह है कि वह हमें

Choices

Choice (4) Response

a.

अपने अतीत से जोड़े रखती है

b.

अपने राष्ट्र की परम्परा और रीति-नीति का बोध कराती है

c.

अपने राष्ट्र की परम्परा और रीति-नीति से जोड़े रखती है

d.

अपने राष्ट्र की परम्परा और रीति-नीति की याद दिलाती रहती है

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