CTET Paper-II Hindi: Questions 1 - 7 of 827

Get 1 year subscription: Access detailed explanations (illustrated with images and videos) to 827 questions. Access all new questions we will add tracking exam-pattern and syllabus changes. View Sample Explanation or View Features.

Rs. 400.00 or

Question number: 1

» Pedagogy of Language Development » Role of Listening and Speaking

MCQ▾

Question

बोलने के माध्यम से बच्चों में

Choices

Choice (4) Response
a.

भाषा प्रवाह कुशल नहीं हो पाता है

b.

ज्ञान को अभिव्यक्त करने की क्षमता का विकास रूक जाता है

c.

झिझक समाप्त हो जाती है

d. All of the above

Question number: 2

» Pedagogy of Language Development » Role of Listening and Speaking

MCQ▾

Question

निम्न में से क्या भाषा का एक कार्य नहीं है?

Choices

Choice (4) Response
a.

विचार विनिमय को कठोर बनाना

b.

सामाजिक जीवन में प्रगति करना

c.

व्यक्तित्व का निर्माण करना

d.

राष्ट्र एकता की भावना जाग्रत करना

Question number: 3

» Pedagogy of Language Development » Language Skills

Appeared in Year: 2011

MCQ▾

Question

‘पठन कुशलता’ का मूल्यांकन करने के लिए आप क्या करेंगे?

Choices

Choice (4) Response
a.

पढ़ी गई सामग्री पर तथ्यात्मक प्रश्न पूछेंगे

b.

पढ़ी गई सामग्री पर प्रश्न बनवायेंगे

c.

पुस्तक के किसी पाठ की पंक्तियाँ पढ़वायेंगे

d.

बच्चों से जोर-जोर से बोलकर पढ़ने के लिए कहेंगे ताकि उच्चारण की जाँच हो सके

Passage

साहित्य में आदर्श शब्द का प्रयोग दर्शन अथवा राजनीति की भाँति किसी रूढ़िगत अर्थ में नहीं किया जाता है। साहित्य का आदर्शवाद मानव जीवन के आन्तरिक पक्ष पर जोर देता है। जीवन के दो पक्ष हैं आन्तरिक और बाह्य। आन्तरिक पक्ष में मानसिक सुख, प्रसन्नता, परितोश, आनन्द आ जाते हैं। बाह्य पक्ष में ऐश्वर्य, वैभव तथा भौतिक उन्नति का स्थान है। आदर्शवादी साहित्यकार का विश्वास है कि मनुष्य जब तक आन्तरिक सुख प्राप्त नहीं करता, उसे वास्तविक आनन्द की उपलब्धि नहीं हो सकती। मानव की चेतना तब तक भटकती रहेगी जब तक वह शाश्वत, चिरन्तन सत्य अथवा आनन्द नहीं प्राप्त कर लेता। इस प्रकार आदर्शवाद मानव जीवन की आन्तरिक व्यवस्था करता है, उसकी उच्च सम्भावनाओं के प्रकाशन में तत्पर होता है। वह उन मानव मूल्यों को ग्रहण करता है, जो कल्याणकारी है, शुभ है, सर्जनात्मक हैं। भारतीय साहित्यशास्त्र में रस की जो महत्ता है, वह जीवन के आन्तरिक परितोष अथवा आनन्द का ही दूसरा रूप है। आदर्शवादी साहित्यकार भाव और कला की महत्तर ऊँचाइयों पर जाने का प्रयास करता है। अन्तर्मुखी होने के कारण कभी-कभी उसकी चेतना आध्यात्मिक, यहाँ तक कि रहस्यवादी हो जाती है। यूरोप का मध्यकालीन साहित्य इसका प्रमाण है। चिरन्तन मानव मूल्यों को महत्व देने के कारण लगभग प्रत्येक महान् साहित्यकार किसी सीमा तक आदर्शवादी होता है क्योंकि महान् साहित्य सर्जन के लिए शाश्वत मानव मूल्यों के ग्रहण के साथ मानव की उच्चतम सम्भावनाओं का प्रकाशन आवश्यक है। एक विदेशी विचारक के अनुसार ”आदर्श काव्य में आनन्द और उपदेश का एक सुन्दर समन्वय होता है।“ साहित्य में आदर्शवाद के विरोध में यथार्थवादी जीवन दृष्टि है, जो जीवन के भौतिक मूल्यों को प्रमुखता देती है। यथार्थवादी साहित्य वस्तुजगत को नग्न रूप में प्रस्तुत करने का पक्षपाती है। यथार्थवादी का वर्ण्य विषय है धरती, जो कुछ भी है वह है जबकि आदर्शवादी का वर्ण्य विषय है धरती, जो कुछ उसे होना चाहिए।

Question number: 4 (1 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

MCQ▾

Question

आदर्शवादी साहित्यकारों के अनुसार मानव चेतना तब तक भटकती रहेगी जब तक

Choices

Choice (4) Response
a.

वह आध्यात्मिक और रहस्यवादी नहीं हो जाती

b.

उसे जीवन के बाह्य सुख प्राप्त नहीं हो जाते

c.

वह शाश्वत, चिरन्तन सत्य प्राप्त नहीं कर लेती

d.

उसे जीवन के यथार्थ का ज्ञान नहीं हो जाता

Question number: 5 (2 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

MCQ▾

Question

शाश्वत शब्द का विपरीतार्थी है

Choices

Choice (4) Response
a.

क्षणिक

b.

अचानक

c.

सहसा

d.

एकदम

Question number: 6 (3 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

MCQ▾

Question

आध्यात्मिक शब्द में कौनसा प्रत्यय है?

Choices

Choice (4) Response
a.

इस

b.

आत्मिक

c.

ईक

d.

Question number: 7 (4 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

MCQ▾

Question

आदर्शवादी साहित्यकार जीवन के किस पक्ष का निरूपण करता है?

Choices

Choice (4) Response
a.

दार्शनिक पक्ष का

b.

आन्तरिक पक्ष का

c.

आनन्ददायक पक्ष का

d.

यथार्थ पक्ष का

Sign In