Subscribe now to access pointwise, categorized & easy to understand notes on 133 key topics of CTET Paper-I Hindi covering entire 2016 syllabus. All the updates for one year are also included. View Features or .

Rs. 200.00 or

शिक्षण में दव्-भाषिकतावाद के लाभ (Advantages of Bi-Language in Teaching)

  • बहुत समय तक यह विश्वास किया जाता रहा है कि दव्-भाषिकता का संज्ञानात्मक वृद्धि और शैक्षिक सम्प्राप्ती पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। किन्तु विद्वान शिक्षाविद् सायर (1923) ने साबित किया कि 7 - 14 वर्ष की आयु के वे बच्चे जो दोनों भाषाएँ बोलते हैं, का एक भाषा बोलने वाले अपने ही सहपाठी की तुलना में आई. क्यू. (बुद्धिलब्धि) स्तर कम होता है।
  • हाल में कुछ अध्ययनों से भी यह साबित हुआ कि दव्-भाषिकता संज्ञानात्मक लचीलेपन व विदव्त् उपलब्धि में सकारात्मक रिश्ता है। दो भाषा बोलने वाले बच्चे न केवल अन्य भाषाओं पर अच्छा नियंत्रण रखते हैं बल्कि अकादमिक स्तर… (95 more words) …

Subscribe & login to view complete study material.

भाषायी विविधता या बहुभाषिकता (Language Diversities or Multilingualism)

  • बहुभाषिकतावाद भारतीय अस्मिता का अभिन्न अंग है। यहाँ तक की दूर दराज स्थित गाँव में तथाकथित एक भाषा बोलने वाला एक ऐसे शाब्दिक भण्डार को नियंत्रित करता है जो उसमें कई तरह की संवादात्मक परिस्थितियों का सामना करने की योग्यता प्रदान करता है। वस्तुत: भारतीय भाषिक व सामाजिक भाषिक मैट्रिक्स में भारतीय भाषिक स्वरों की बहुलता एक-दूसरे से परस्पर संवाद करती है, जो कि कई तरह के साझे भाषिक व सामाजिक भाषिक खासियतों पर खड़ी होती है।
  • हाल के कई अध्ययनों ने दिखाया है कि दव्-भाषिकता का संज्ञानात्मक विकास एवं विद्धत उपलब्धि से गहरा सकारात्मक संबंध है।
  • भारत एक बहुभाषी… (256 more words) …

Subscribe & login to view complete study material.

Sign In