CTET (Central Teacher Eligibility Test) Paper-I Hindi Pedagogy of Language Development-Remedial Teaching Revision (Page 2 of 6)

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सस्वर वाचन संबंधी उपचारी शिक्षण में ध्यान रखने योग्य बातें (Remember Points Related to Recitation Reading of Remedial Teaching)

  • दोषपूर्ण सस्वर वाचन करने वाले छात्रों की योग्यता को ध्यान में रखते हुए उनके अनुकूल विषय सामग्री द्वारा उनका शिक्षण प्रारम्भ करना चाहिए, भले ही कुछ समय के लिए कक्षा स्तर से नीचे उतरना पड़े। पठन सामग्री उनके अनुकूल सरल और रोचक होनी चाहिए। जिससे धीरे-धीरे पठन में उसकी रूचि बढ़े, गति बढ़े और अर्थ ग्रहण की शक्ति भी बढ़े। वाचन को सोद्देश्य बनाकर ऐसे बालकों में पढ़ने के प्रति प्रेरणा उत्पन्न करनी चाहिए।
  • ऐसे अभ्यास दिए जाए जिनकी उपयोगिता का छात्र की अनुभव करते चले।
  • बालकों को स्वयं अपनी प्रगति जा

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शैक्षणिक निदान एवं उपचारी शिक्षण का महत्व (Academic Diagnosis and Importance of Remedial Teaching)

  • आधुनिक शिक्षण में ‘शैक्षणिक निदान एवं उपचारी शिक्षण’ एक नवीन प्रयोग है और इससे जन बालकों को विशेष लाभ है जो किन्हीं कारणों से सीखने की क्रिया में पिछड़ जाते हैं और अपेक्षित प्रगति नहीं कर पाते।
  • शैक्षणिक निदान द्वारा बालकों की सीखने संबंधी कठिनाइयों का पता चल जाता है।
  • कठिनाइयाँ एवं कारणों को दूर करने में समुचित शिक्षण प्रक्रिया अपनाई जाती है।
  • शिक्षण प्रक्रिया प्रभावशाली होती है और बालकों को अपनी शक्ति एवं योग्यतानुसार शैक्षिक प्रगति करने का अवसर मिलता है।
  • उपचारी शिक्षण द्वारा छात्रों

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