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वाचन/पठन संबंधी त्रुटियाँ (Errors Related to Reading)

  • अटक-अटक कर पढ़ना।
  • वाचन के समय अनुचित मुद्रा, पुस्तक को आँखों सन्निकट या दूर रखना।
  • अशुद्ध उच्चारण।
  • वाचन में गति का न होना।
  • दृष्टि दोष से अक्षरों का ठीक दिखाई न देना।
  • पाठ्य सामग्री का कठिन होना।
  • अक्षर या संयुक्ताक्षरों संबंधी त्रुटियाँ।
  • भावानुकूल आरोह-अवरोह का अभाव।
  • वाचन संबंधी मार्ग दर्शन का अभाव।
  • अध्यापक का व्यवहार।

वाचन/पठन संबंधी दोषों का निवारण (Prevention of Reading Related Defects)

  • आवृत्ति-पुनरावृत्ति इसका अभिप्राय यह है कि बार-बार आवृत्ति या पुनरावृत्ति के माध्यम से अभ्यास कराकर उच्चारण संबंधी दोषों का निवारण किया जा सकता है।
  • वातावरण परिवर्तन बच्चों को सिखाई जाने वाली भाषा हेतु उपयुक्त वातावरण उपलब्ध करवाकर पठन संबंधी दोषों का निवारण किया जा सकता है।
  • चिकित्सा विधि यदि किसी अंग में कोई खराबी के कारण या भय, घबराहट आदि के कारण बच्चों के वाचन संबंधी कठिनाई हो, तो उसे चिकित्सकों की मदद से दूर किया जा सकता है।
  • छात्रों के मानसिक स्तर के अनुकूल पाठ्य सामग्री का चुनाव बच्चों के पठन संबंधी दोषों का निवारण तभी सम्भव है, जब… (12 more words) …

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लेखन कौशल (Writing Skill)

मौखिक रूप के अन्तर्गत भाषा का ध्वन्यात्मक रूप एवं भावों की मौखिक अभिव्यक्ति है। जब इन ध्वनियों को प्रतीकों के रूप में व्यक्त किया जाता है और इन्हें लिपिबऋ करके स्थायित्व प्रदान करते हैं, तो वह भाषा का लिखित रूप कहलाता है। भाषा के इस प्रतीक रूप की शिक्षा, प्रतीकों को पहचान कर उन्हें बनाने की क्रिया अथवा ध्वनि को लिपिबद्ध करना लिखना है।

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