Subscribe now to access pointwise, categorized & easy to understand notes on 133 key topics of CTET Paper-I Hindi covering entire 2017 syllabus. All the updates for one year are also included. View Features or .

Rs. 200.00 or

सह सम्बन्ध विधि (Coordination Method)

इस विधि का प्रयोग शब्द शिक्षण, वर्तनी, शिक्षण, उच्चारण शिक्षण आदि के समय किया जाता है। यह व्याकरण शिक्षण की कोई पृथक विधि न होकर गद्य रचना के अभ्यास के दौरान आए व्याकरण के नियमों की जानकारी प्रदान करती है।

भाषा एवं व्याकरण (Language and Grammar)

  • भाषा के शुद्ध प्रयोग के लिए चार कौशलों की आवश्यकता होती है पढ़ना, लिखना, बोलना एवं सुनना। इन चारों कौशलों से भाषा में अशुद्ध आती है। शुद्ध भाषा सिखाने के लिए व्याकरण का ज्ञान एवं प्रयोग मुख्य आधार है।
  • मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है, विचारों के आदान-प्रदान के लिए कुछ सार्थक ध्वनि प्रतीकों को अपनाया। ये ध्वनि प्रतीक ही भाषा कहलाए। कालान्तर में भाषाओं के सर्वमान्य रूपों का विश्लेषण कर उनमें कुछ नियम निकाले गए। ये नियम ही भिन्न-भिन्न भाषाओं के अपने व्याकरण के अंग हैं। यहाँ हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि पहले भाषा का विकास हुआ, फिर व्याकरण… (269 more words) …

Subscribe & login to view complete study material.

व्यावहारिक व्याकरण शिक्षण विधि (Behavioral Grammar Teaching Method)

इसमें भाषा शिक्षक द्वारा रोचक व आकर्षक विधि द्वारा ज्ञान कराते हुए ध्वनि, वर्तनी, वचन, शब्द, लिंग, क्रिया, काल आदि विकारों को दूर करने का प्रयास किया जाता है। इसके सोपान हैं उदाहरण, प्रश्नोत्तर, नियमीकरण।

Sign In