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व्याकरण शिक्षण के उद्देश्य (Objectives of Grammar Teaching)

  • छात्रों को शुद्ध बोलने, लिखने तथा पढ़ने की प्रेरणा देना।
  • छात्रों को शुद्ध भाषा के प्रयोग सीखना।
  • व्याकरण के द्वारा छात्रों में रचना तथा सर्जनात्मकता।
  • छात्रों को ध्वनियों, ध्वनियों के सूक्ष्म अन्तर शब्द योजना, शब्द शक्तियों एवं शुद्ध वर्तनी का ज्ञान कराना।
  • छात्रों को वाक्य रचना के नियम, विराम चिन्हों का शुद्ध प्रयोग आदि का ज्ञान कराना।
  • छात्रों को शब्द सूक्ति, लोकोक्ति, मुहावरे आदि का प्रसंगानुकूल अर्थ निकालना और स्वराघात एवं बलाघात के अनुसार अर्थ बोध कराने के योग्य बनाना।
  • छात्रों में भाषा के गुण दोष परखने की रूचि उत्पन्न कराना।
  • भाषा रचना का ज्ञान प्राप्त करना।
  • नवीन भाषा को… (102 more words) …

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प्रत्यक्ष भाषा शिक्षण विधि (Direct Language Teaching Method)

यह विधि बिना व्याकरण नियमों का ज्ञान कराए भाषा के शुद्ध रूप का अनुकरण करने के अवसर प्रदान करता है। ऐसे लेखक जिनका भाषा पर पूर्णाधिकार है उनसे बालकों को वार्तालाप के अवसर प्रदान किए जाते हैं, प्राथमिक स्तर के लिए एक विधि उपयुक्त है।

लेखन कौशल के विकास में व्याकरण का महत्व (Importance of Grammar in Development of Writing Skill)

  • यह बच्चों को पढ़ी या सुनी हुई बातों को शुद्ध वर्तनी तथा विराम चिन्हों का सही प्रयोग करते हुए लेखन कौशल का विकास करने में सहायक है।
  • यह बच्चों के लेखन में संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया, विश्लेषण, प्रत्यय, उपसर्ग, तत्सम शब्द, तद्भव शब्द आदि के प्रयोग से उनके लेखन कौशल में विकास करने में सहायक है।
  • यह बच्चों में विभिन्न संदर्भ शब्दों की समक्ष पैदान करने में सहायक है।
  • यह बच्चों की लेखन शैली में मुहावरों का प्रयोग करने का शिक्षण देकर उनके लेखन कौशल में विकास करने में सहायक है।
  • यह बच्चों को लेखन क्रिया मेें गद्य-पद्य में अन्तर समझाकर… (9 more words) …

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