Reading Comprehension-Prose or Drama (CTET (Central Teacher Eligibility Test) Paper-I Hindi): Questions 158 - 161 of 161

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Passage

हमारे देश में आधुनिक शिक्षा नामक एक चीज प्रकट हुई है। इसके नाम पर यत्रतय स्कूल और कॉलेज कुकुरमुत्तों की तरह सिर उठाकर खड़े हो गए हैं। इनका गठन इस तरह किया गया है कि इनका प्रकाश कॉलेज व्यवस्था के बाहर मुश्किल से पहुँचता। सूरज की रोशन चाँद से टकराकर जितनी निकलती है, इनसे उससे भी कम रोशनी निकलती है। एक परदेशी भाषा की मोटी दीवार इसे चारों ओर से घेरे हुए हैं। जब मैं अपनी मातृभाषा के जरिए शिक्षा के प्रसार के बारे में सोचता हूँ तो उस विचार से साहस क्षीण होता है। घर की चहारदीवारी में बन्द दुल्हन की तरह यह भयभीत रहती है। बरामदे तक ही इसकी स्वतंत्रता का साम्राज्य है। एक इंच आगे बढ़ी की घूँघट निकल आता है। हमारी मातृभाषा का राज प्राथमिक शिक्षा तक सीमित है दूसरे शब्दों में, यह केवल बच्चों की शिक्षा के लिए उपयुक्त है। माना यह कि जिसे कोई दूसरी भाषा सीखने का अवसर नहीं मिला, हमारी जनता की उस विशाल भीड़ को शिक्षा के उनके अधिकार के प्रसंग में बच्चा ही समझा जाएगा। उन्हें कभी पूर्ण विकसित मनुष्य नहीं बनना है और तब भी हम प्रेमपूर्वक सोचते हैं कि स्वराज मिलने पर उन्हें सम्पूर्ण मनुष्य के अधिकार हासिल होंगे।

Question number: 158 (6 of 8 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

Appeared in Year: 2013

MCQ▾

Question

स्कूल और कॉलेजों का कुकुरमुत्तों की तरह उठाने से तात्पर्य है कि स्कूल और कॉलेज

Choices

Choice (4) Response

a.

वांछित रूप से खुलवाए गए हैं

b.

नियम के तहत खोले गए हैं

c.

अवांछनीय रूप से खोले गए हैं

d.

योजना के तहत खोले गए हैं

Question number: 159 (7 of 8 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

Appeared in Year: 2011

MCQ▾

Question

आधुनिक शिक्षा के नाम पर ऐसा क्या हुआ जो लेखक को अप्रिय है?

Choices

Choice (4) Response

a.

लोगों को शिक्षा का अधिकार प्राप्त न होना

b.

सूर्य की रोशनी का चाँद से टकराना

c.

स्कूल-कॉलेजों का अनियोजित तरीके से खुलना

d.

मातृभाषा के जरिए शिक्षा देना

Question number: 160

» Reading Comprehension » Prose or Drama

Appeared in Year: 2013

MCQ▾

Question

किस तरह के परिवेश में बच्चों का भाषा विकास अपेक्षाकृत बेहतर होगा?

Choices

Choice (4) Response

a.

शिक्षक द्वारा मानक भाषा का प्रयोग करना

b.

एकल परिवार, जहाँ माता-पिता मानक भाषा का प्रयोग करते हैं

c.

संयुक्त परिवार, जहाँ परिवार के सभी सदस्य बच्चों के साथ निरन्तर अन्त: क्रिया करते है

d.

आधुनिक तकनीक से लैस कक्षा जहाँ भाषा प्रयोगशाला का निरन्तर प्रयोग होता है

Passage

हमारे देश में आधुनिक शिक्षा नामक एक चीज प्रकट हुई है। इसके नाम पर यत्रतय स्कूल और कॉलेज कुकुरमुत्तों की तरह सिर उठाकर खड़े हो गए हैं। इनका गठन इस तरह किया गया है कि इनका प्रकाश कॉलेज व्यवस्था के बाहर मुश्किल से पहुँचता। सूरज की रोशन चाँद से टकराकर जितनी निकलती है, इनसे उससे भी कम रोशनी निकलती है। एक परदेशी भाषा की मोटी दीवार इसे चारों ओर से घेरे हुए हैं। जब मैं अपनी मातृभाषा के जरिए शिक्षा के प्रसार के बारे में सोचता हूँ तो उस विचार से साहस क्षीण होता है। घर की चहारदीवारी में बन्द दुल्हन की तरह यह भयभीत रहती है। बरामदे तक ही इसकी स्वतंत्रता का साम्राज्य है। एक इंच आगे बढ़ी की घूँघट निकल आता है। हमारी मातृभाषा का राज प्राथमिक शिक्षा तक सीमित है दूसरे शब्दों में, यह केवल बच्चों की शिक्षा के लिए उपयुक्त है। माना यह कि जिसे कोई दूसरी भाषा सीखने का अवसर नहीं मिला, हमारी जनता की उस विशाल भीड़ को शिक्षा के उनके अधिकार के प्रसंग में बच्चा ही समझा जाएगा। उन्हें कभी पूर्ण विकसित मनुष्य नहीं बनना है और तब भी हम प्रेमपूर्वक सोचते हैं कि स्वराज मिलने पर उन्हें सम्पूर्ण मनुष्य के अधिकार हासिल होंगे।

Question number: 161 (8 of 8 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

Appeared in Year: 2008

MCQ▾

Question

इन स्कूल-कॉलेजों में किस भाषा में पढ़ाई होती है?

Choices

Choice (4) Response

a.

गृहभाषा में

b.

देशी भाषा में

c.

मानक भाषा में

d.

विदेशी भाषा में

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