Reading Comprehension-Prose or Drama (CTET Paper-I Hindi): Questions 10 - 16 of 161

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Passage

1914 तक देश का औद्योगिक विकास बेहद धीमा रहा और साम्राज्यवादी शोषण अत्यन्त तीव्र हो गया। गाँवों की अर्थव्यवस्था पंगु हो गई। सबसे अधिक बुरा प्रभाव कारीगरों, हरिजनों और छोटे किसानों पर पड़ा। ग्रामीण जन साम्राज्य और उनके भारतीय एजेन्ट जमींदारों के दोहरे शोषण की चक्की में पिस रहे थे। ब्रिटिश काल में सूदखोर महाजनों काएक ऐसा वर्ग पैदा हुआ, जिनसे एक बार कर्ज लेने पर गाँव के किसान जीवन-भर गुलामी का पट्टा पहनने पर मजबूर हो जाते थे। उनके हिसाब के सूद का भुगतान करने में असमर्थ किसान महाजनों को खेत बेचने पर मजबूर होकर अपनी जमीन पर ही मजदूरी होता गया। इस प्रकार देश में एक और तो बड़े किसानों की संख्या बढ़ी, दूसरी ओर जमीन जोतने वाला किसान भूस्वामित्व के अधिकार से वंचित होकर खेतिहर मजदूर होने लगा। भुखमरी से बचने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण बड़े पैमाने पर रोजी-रोटी की तलाश में शहरों की ओर भागने लगे, परन्तु इन असहाय लोगों का स्वागत करने के लिए वहाँ भी कठिनाइयाँ और समस्याएँ ही थी। प्रेमचन्द ‘गोदान’ की ओर भागने लगे, परन्तु इन असहाय लोगों का स्वागत करने के लिए वहाँ भी कठिनाइयाँ और समस्याएँ ही थी। प्रेमचन्द ‘गोदान’ में होरी और गोबर के माध्यम से इस ऐतिहासिक प्रक्रिया को विस्तार से हमारे सामने प्रस्तुत करते हैं। यह अकेले होरी की ट्रेजिडी नहीं है, पूरे छोटे किसानों के साथ साम्राज्यवादी-पूँजीवादी व्यवस्था के शोषण तंत्र का क्रूर मजाक है, जो दूसरे ढंग से आज भी जारी है। 20वीं शताब्दी के आरम्भ में ग्रामीण गरीबी का प्रेमचन्द जो यथार्थ चित्रण करते हैं, यह यूरोप में किसी व्यक्ति के लिए अकल्पनीय है - ”टूटे-फूटे झोंपडे, मिट्टी की दीवारें, घरों के सामने कूडे-करकट के ढेर, कीचड़ में लिपटी भैंसें, दुर्बल गायें, हड्डी निकले किसान, जवानी में ही जिन पर बुढ़ापा आ गया है।“

Question number: 10 (5 of 8 Based on Passage) Show Passage

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Question

जिसकी कल्पना न की जा सके, उसे कहते हैं

Choices

Choice (4) Response

a.

अकल्पित

b.

अकल्प

c.

अकल्पनीय

d.

असम्भव

Question number: 11 (6 of 8 Based on Passage) Show Passage

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Question

छोटे किसानों के खेतीहर मजदूर बनने का कारण क्या था?

Choices

Choice (4) Response

a.

कर्ज चुकाने के लिए खेत बेचना

b.

स्वरोजगार की शुरूआत के लिए खेत बेचना

c.

खेती से लाभ न होना

d.

खेती में कोई रूचि न लेना

Question number: 12 (7 of 8 Based on Passage) Show Passage

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Question

‘बुढ़ापा’ शब्द है

Choices

Choice (4) Response

a.

जातिवाचक संज्ञा

b.

भाववाचक संज्ञा

c.

व्यक्तिवाचक संज्ञा

d.

द्रव्यवाचक संज्ञा

Passage

आजादी के नाम पर लेखिका को अपने घर में इतनी ही स्वतंत्रता प्राप्त थी कि वह घर आए विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के लोगों के पास उठे-बैठे और देश में घटित हो रही स्थितियों को समझे-जाने। इससे अधिक आगे बढ़कर सड़कों पर हड़तालें करना, भाषण देना, जलसे-जलूसों में लड़कों के साथ शामिल होना, घर वालों को स्वीकार नहीं था।

लेकिन उसके मन में आजादी का जोश इतनी प्रबलता के साथ समाया हुआ था कि उसकी रगों का खून लावा बन चुका था। इस कारण उसने घर वालों के सारे निषेद्ध, सारी सीमाएँ तोड़ डाली। उसे अनुभव हुआ कि उग्र जोश में सभी सीमाएँ तोड़ने की शक्ति होती है।

Question number: 13 (1 of 2 Based on Passage) Show Passage

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Question

लेखिका के मन में किसका जोश इतनी प्रबलता के साथ समाया हुआ था?

Choices

Choice (4) Response

a.

भाषण देने का।

b.

निषेध करने का।

c.

आजादी का।

d.

सीमाएँ तोड़ने का।

Question number: 14 (2 of 2 Based on Passage) Show Passage

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Question

आजादी के नाम पर लेखिका की अपने घर में क्या सीमाएँ थी?

Choices

Choice (4) Response

a.

घर आए विभिन्न राजीनिक पार्टियों के लोगों के पास उठे-बैठे।

b.

भाषण देना।

c.

जलसे में जाना।

d.

हड़ताल करना।

Passage

भाषा के उद्योग को लेकर यह कहना उचित है कि जब तक उसे बोलने व लिखने में सुविधा नहीं होती, तब तक उसने विकास की सम्भावना अवरूद्ध होती है। संस्कृत में इस तरह के अवरोधक हटाने का कार्य पाणिनी ने किया खासकर दर्शन में इस तरह से पुट पाए हैं जो इस बात की पुष्टि करता है। संगीत पर भी यह बात लागू होती है, लेकिन फिर भी ध्यान देने योग्य बात यह है कि शास्त्रीय संगीत कभी जनता द्वारा बड़े पैमाने पर स्वीकृत नहीं होता था। उस समय के व्यक्ति संस्कृत भाषा के अध्ययन करते थे और बोलते भी थे, सम्भवत: बहुत कुछ निम्न वर्ग के व्यक्ति भी इसे समझ लेते होंगे। सम्पूर्ण भारत के लिए संस्कृत राष्ट्र भाषा के रूप में समझी जाती थी और आज भी समानता का परिचय देती नजर आती है। प्राचीन भारत के साहित्य और इतिहास में अनेकों मानव जातियों का संगम हुआ है। प्राक, आर्य, भारतीय आय, यूनानी, शक, हुण और तुर्क आदि अनेक जातियों ने भारत को अपना घर बनाया। प्रत्येक जातियों ने सामाजिक व्यवस्था, शिल्पकला, वास्तुकला और साहित्य के विकास में यथासत्य अपना व्योम दान दिया। ये सभी समुदाय इस तरह भारतीय सम्भावना एवं संस्कृति के आत्मसात् कर लिया कि आज इसे मूल रूप में साथ-साथ भारतीय संस्कृति की विशेषता इसमें उत्तर-दक्षिण तथा पूर्व-पश्चिम के सांस्कृतिक उपादान रूप में समाहित हो गए हैं।

आर्य आतीय उपादान, उत्तर भारत के वैदिक और सांस्कृतिक मूलक, संस्कृति के अंग हैं, जो प्राक, आर्य जातीय उपादान दक्षिण के द्रविड़ व तमिल संस्कृति के इन सभी संस्कृति में उन शब्दों का भी आदान-प्रदान जो मौजूद स्थिति में भिन्न भाषा रूप संस्कृति के रूप में मौजूद है। इसी प्रकार पाली और संस्कृत में बहुत से शब्द जो गंगा के मैदानों में विकसित भावनाओं और समस्याओं के द्योतक हैं, लगभग 300 ई. पूर्व से 600 ई. पूर्व के संगम से प्रसिद्ध प्राचीनतम, तमिल ग्रन्थों से मिलते हैं। इसमें भारत के पूर्वांचल ने भी जहाँ प्राक, आर्य जातियाँ बसी हुई हैं, अपना योगदान दिया है। यहाँ के लोग मुण्डा या कोल भाषा बोलते हैं। यह सभी भी झारखण्ड, बिहार, पश्चिम बंग, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के आदिवासियों की मुख्य भाषा हैं। भाषा वैज्ञानिकों ने यह सिद्ध किया है कि आर्य भाषा में फाहा, नौका, सन्ती आदि सूचक शब्द मिलते हैं, जो मुण्डा भाषाओं से लिया है। ब्राह्मण संस्कृति, मुण्डा संस्कृति के साथ घुल-मिल गई। ऐसा माना जाता है कि वैदिक भाषा में जो ध्वन्यात्मक व शब्दात्मक परिवर्तन मिलते हैं उसकी व्याख्या मुण्डा प्रसंग के आधार पर जितनी की जाती है उतनी द्रविड़ प्रभाव के आधार पर नहीं।

Question number: 15 (1 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

निम्नलिखित में से कौनसा कथन सत्य नहीं है?

Choices

Choice (4) Response

a.

भारत के पूर्वांचल क्षेत्र में बहुत पहले बोली जाने वाली भाषाओं के शब्द दक्षिण भारतीय भाषाओं में भी मिलते हैं।

b.

आर्य संस्कृति में दक्षिण के द्रविड़ व तमिल संस्कृति का कोई योगदान नहीं है।

c.

पाली के बहुत से शब्द गंगा के मैदानों में बोले जाने वाले शब्द हैं।

d.

Question does not provide sufficient data or is vague

Question number: 16 (2 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

प्रस्तुत गद्यांश में निम्नलिखित में से किस राज्य का उल्लेख नहीं है?

Choices

Choice (4) Response

a.

मध्य प्रदेश

b.

छत्तीसगढ़

c.

तमिलनाडु

d.

ओडिशा

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