Reading Comprehension-Prose or Drama (CTET Paper-I Hindi): Questions 70 - 78 of 161

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Passage

भारत प्राचीन काल से ही विविध धर्मों का प्रांगण रहा है। प्राचीन भारत में हिन्दू, जैन, बौद्ध, धर्मों का उदय हुआ है परन्तु इन सभी धर्मों में सांस्कृतिक पारस्परिक समिश्र इस प्रकार हुआ कि लोग भले ही विभिन्न भाषाएँ बोलते हैं, विभिन्न धर्मों को मानते हैं फिर भी भिन्न सामाजिक रीतियों पर समूचे देश में सभी की एक समान जीवन पद्धति है। हमारे देश में विविधताओं के बावजूद भीतर से गहरी एकता, हिमालय से कन्याकुमारी पूर्व में ब्रह्मपुत्र की घाटी से पश्चिम में सिन्धु पार तक झलकती है। देश में भाषात्मक एवं सांस्कृतिक एकता स्थापित करने के लिए निरन्तर प्रयास होते हैं। ईसा पूर्व तीसरी सदी में प्राकृत देश भर की सम्पर्क भाषा (लिंगवाँ का) का काम करती थी। सारे देश के प्रमुख कार्यों में अशोक के शिलालेख प्राकृत व ब्रह्मी लिपि में लिखे गये थे। बाद में वह स्थान संस्कृत ने ले लिया और देश के कोने-कोने में राजभाषा के रूप में प्रचलित रही। यह सिलसिला ईसा की चौथी शताब्दी में आकर मजबूत हुआ। यद्यपि इसके बाद देश छोटे-छोटे राज्यों में बंट गया। फिर भी राजकीय दस्तावेज की भाषा संस्कृत ही रहीं। प्राचीन भारत के लोगों की लिपि का ज्ञान 2500 ई. पूर्व तक ही था जिसको हड़प्पा व मोहनजोदड़ों के सभ्यता में सिक्कों पर अंकित पाते हैं। यद्यपि अभी तक इस लिपि को पढ़ना सम्भव नहीं हो पाया है। हस्तलिपियों के मामले में उपलब्ध हस्तलिपियाँ ईसा की चौथी सदी से पहले की नहीं है। भारत में हस्तलिपियाँ भोज पत्र एवं ताम्र पत्रों पर लिखी मिलती है। परन्तु मध्य एशिया में जहाँ भारत से प्राकृत भाषा फैल गई थी। ये हस्तलिपियाँ मेष चर्म, कष्ठि पत्रों में लिखी गई हैं, संस्कृत में पुराणों, हस्तलिपियाँ लिखित दक्षिण-भारत तथा नेपाल से प्राप्त हुई हैं।

Question number: 70 (4 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

अशोक के शिलालेख किस लिपि में लिखे गए थे?

Choices

Choice (4) Response

a.

देवनागरी

b.

रोमन

c.

ब्राह्मी

d.

खरोष्ठी

Question number: 71 (5 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

‘बाद में वह स्थान संस्कृत ने ले लिया’ - इस वाक्य में रेखांकित शब्द है

Choices

Choice (4) Response

a.

पुरूषवाचक सर्वनाम

b.

निश्चयवाचक सर्वनाम

c.

संबंधवाचक सर्वनाम

d.

निजवाचक सर्वनाम

Question number: 72 (6 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

निम्नलिखित में से किस शब्द में तत्पुरूष समास नहीं है?

Choices

Choice (4) Response

a.

हस्तलिपि

b.

मेषचर्म

c.

भोज पत्र

d.

समिश्र

Question number: 73 (7 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

निम्नलिखित में से किस लिपि को अभी तक पढ़ा नहीं गया है?

Choices

Choice (4) Response

a.

रोमन

b.

खरोष्ठी

c.

सिन्धु घाटी सभ्यता की लिपि

d.

ब्राह्मी

Question number: 74 (8 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

भारत में हस्तलिपियाँ किन पर लिखीि मिलती है?

Choices

Choice (4) Response

a.

मेषचर्म

b.

कष्ठि पत्र

c.

भोज पत्र

d.

All of the above

Passage

बौद्ध शिक्षण पद्धति का आरम्भ स्वयं बुद्ध ने सरल तथा जनमानस की भाषा में तीवन के तत्वों के उपदेश तथा जगह-जगह चर्चा करके की। लोगों को शिक्षित करने के लिए महात्मा बुद्ध ने व्याख्यान, प्रश्नोत्तर प्रासंगिक उपमा, दृष्टान्त एवं कथा को माध्यम बनाया। बुद्ध के बाद से बौद्ध शिक्षा पद्धति भी एक निश्चित स्वरूप, संगठन के साथ हिन्दू शिक्षा पद्धति से अलग स्वतंत्र शिक्षा प; ति के रूप में विकसित हुई। प्रारम्भ में हिन्दू तथा बौद्ध शिक्षा पद्धति के मूल में कोई विशेष अन्तर नहीं था किन्तु बाद में आकर दोनों शिक्षा प्रणालियों के आदर्श एवं पद्धति में विशेष रूप से उस पाठ्यक्रम में जो विशेष रूप से आम उपासक की बजाय बौद्ध भिक्षु-भिक्षुणियों के लिए था, बहुत कम समानता रह गई थी।

बौद्ध धर्म में शिक्षा प्रारम्भ संस्कार ब्राह्मणों के उपनयन संस्कार की भाँति होता था। बौद्ध संघ में सम्मिलित होने के लिए दो संस्कार आवश्यक थे प्रथम था ‘पब्बज्जा’ तथा दूसरा ‘उपसम्पदा’। पब्बज्जा से उपासकत्व का प्रारम्भ होता था। उपनयन की भाँति इसे भी आध्यात्मिक जन्म कहा गया है। यह 8 वर्ष से अधिक आयु के किसी भी व्यक्ति को दी जा सकती थी। संरक्षक की अनुज्ञा इसके लिए आवश्यक थी। व्यक्ति को तीन प्रकार की शरण की शपथ एवं दस धर्मादेश दिए जाते थे। ये शरण बुद्ध धर्म एवं संघ की होती थी।

दस धर्मादेशों में निम्न की मनाही थी

1. पारिवारिक जीवन

2. ऐसी वस्तु ग्रहण करना जो दी ना हो

3. अशुद्ध आचरण

4. झूठ बोलना

5. मादक द्रव्यों का सेवन

6. असमय भोजन

7. नृत्य गायन

8. पुष्प माला, ईत्र गहने आदि का प्रयोग

9. उच्च आसन का प्रयोग

10. सोना एवं चांदी की प्राप्ति।

Question number: 75 (1 of 8 Based on Passage) Show Passage

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Question

संरक्षक की अनुमति किसके लिए आवश्यक थी?

Choices

Choice (4) Response

a.

शिक्षा के आरम्भिक संस्कार हेतु

b.

व्यक्ति को वेद की शिक्षा देने के लिए

c.

उपरोक्त दोनों

d.

None of the above

Question number: 76 (2 of 8 Based on Passage) Show Passage

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Question

ब्राह्मणों में शिक्षा का प्रारम्भ किस संस्कार से होता था?

Choices

Choice (4) Response

a.

पब्बज्जा

b.

उपनयन

c.

उपसम्पदा

d.

उपासकत्व

Question number: 77 (3 of 8 Based on Passage) Show Passage

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Question

‘प्रासंगिक’ शब्द में कौनसा प्रत्यय है?

Choices

Choice (4) Response

a.

गिक

b.

प्र

c.

इक

d.

प्रा

Question number: 78 (4 of 8 Based on Passage) Show Passage

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Question

‘बौद्ध धर्म में शिक्षा प्रारम्भ संस्कार ब्राह्मणों के उपनयन संस्कार की भाँति होता था।’ - इस वाक्य में रेखांकित पद में कौनसा कारक है?

Choices

Choice (4) Response

a.

करण कारक

b.

सम्प्रदान कारक

c.

अधिकरण कारक

d.

अपादान कारक

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