Reading Comprehension-Poetry (CTET Paper-I Hindi): Questions 75 - 84 of 89

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Passage

आँसू ये भाग्य पसीजा, हे मित्र, कहाँ इस जग में।

नित यहाँ शक्ति के आगे, दीपक जलते मग-मग में।

कुछ तनिक ध्यान से सोचो, धरती किसकी हो पाई?

बोलो युग-युग तक किसने, किसकी विरूदावलि गाई?

मधुमास मधु रूचिकर है, पर पतझर भी आता है

जग रंगमंच का अभिनय, जो आता सो जाता है।

सचमुच वह ही जीवित है, जिसमें कुछ बल-विक्रम है

पल-पल घुड़दौड़ यहाँ है, बल-पोरूष का संगम है।

दुर्बल को सहज मिटाकर, चुपचाप समय खा जाता

वीरों के ही गीतों को, इतिहास सदा दोहराता।

फिर क्या विषाद, भय, चिन्ता जो होगा सब सह लेंगे

परिवर्तन की लहरों में, जैसे होगा बह लेंगे।

Question number: 75 (4 of 6 Based on Passage) Show Passage

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Question

यहाँ लोग किसकी आराधना करते हैं?

Choices

Choice (4) Response
a.

समर्थ लोगों की

b.

करूणावान लोगों की

c.

दुर्बलों की

d.

दीन-दुखियों की

Question number: 76 (5 of 6 Based on Passage) Show Passage

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Question

क्या आशय है ”आँसू से भाग्य पसीजा, हे मित्र, कहाँ इस जग में।“

Choices

Choice (4) Response
a.

रोने-धोने से कुछ नहीं होता

b.

रोने-धोने से लोग पसीज जाते हैं

c.

रोने-धोने से भाग नहीं बनता

d.

रोने-धोने से भाग्य भी रोता है

Question number: 77 (6 of 6 Based on Passage) Show Passage

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Question

‘विषाद’ का पर्यायवाची लिखिए।

Choices

Choice (4) Response
a.

निराशा

b.

पराजय

c.

दु: ख

d.

नीरवता

Passage

रवि जग में शोभा सरसाता, सोम सुधा बरसाता।

सब हैं लगे कर्म में, कोई निष्क्रिय दृष्टि न आता।

है उद्देश्य नितान्त तुच्छ तृण के भी लघु जीवन का।

उसी पूर्ति में वह करता है अन्त कर्ममय तन का।

तुम मनुष्य हो, अमित बुद्धि-बल विलसित जन्म तुम्हारा।

क्या उद्देश्य रहित हो जग में, तुमने कभी विचारा?

बुरा न मानों एक बार सोचो तुम अपने मन में

क्या कर्तव्य समाप्त कर लिया तुमने निज जीवन में?

जिस पर गिरकर उदर-दरी से तुमने जन्म लिया है

जिसका खाकर अन्न सुधासम नीर, समीर पिया है

वही स्नेह की मूर्ति दयामयि माता तुल्य मही है

उसके प्रति कर्तव्य तुम्हारा क्या कुछ शेष नहीं है?

Question number: 78 (1 of 6 Based on Passage) Show Passage

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Question

यह कविता क्या प्रेरणा देती है?

Choices

Choice (4) Response
a.

देश-प्रेम

b.

निरन्तर कर्म

c.

निरन्तर गति

d.

सोच-विचार

Question number: 79 (2 of 6 Based on Passage) Show Passage

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Question

‘निष्क्रिय’ का विपरीतार्थक लिखिए

Choices

Choice (4) Response
a.

अक्रिय

b.

सक्रिय

c.

क्रियान्वयन

d.

क्रियान्वित

Question number: 80 (3 of 6 Based on Passage) Show Passage

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Question

निष्क्रिय में प्रयुक्त उपसर्ग है

Choices

Choice (4) Response
a.

नि

b.

निस्

c.

निति

d.

इय

Question number: 81 (4 of 6 Based on Passage) Show Passage

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Question

‘सोम’ का पर्यायवाची खोजिए

Choices

Choice (4) Response
a.

शराब

b.

शहद

c.

अमृत

d.

चन्द्रमा

Question number: 82 (5 of 6 Based on Passage) Show Passage

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Question

कवि को निरन्तर कर्म करने की प्रेरणा कौन देता है?

Choices

Choice (4) Response
a.

रवि

b.

चन्द्रमा

c.

तृण

d.

प्रकृति

Question number: 83 (6 of 6 Based on Passage) Show Passage

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Question

यह वाक्य किस प्रकार का है उसके प्रति कर्तव्य तुम्हारा क्या कुछ शेष नहीं है?

Choices

Choice (4) Response
a.

विधानवाचक

b.

विस्मयवाचक

c.

प्रश्नवाचक

d.

भाववाचक

Passage

अन्धकार की गुहा सरीखी उन आँखों से डरता है मन

भरा दूर तक उनमें दारूण दैन्य दु: ख का नीरव रोदन।

वह स्वाधीन किसान रहा, अभिमान भरा आँखों में इसका

छोड़ उसे मँझधार आज संसार कगार सदृश वह खिसका।

लहराते वे खेत दृगों में हुआ बेदखल वह अब जिन से

हँसती भी उसके जीवन की हरियाली जिनके तृन-तृन से।

आँखों ही में घूमा करता वह उसकी आँखों का तारा

कारकुनों की लाठी से जो गया जवानी ही में मारा।

बिना दावादर्पन के घरनी स्वरग चली - आँखे आती भर

देख-रेख के बिना दुधमुँही बिटिया दो दिन बाद गई मर।

Question number: 84 (6 of 6 Based on Passage) Show Passage

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Question

इस पद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक लिखिए

Choices

Choice (4) Response
a.

किसान की पीड़ा

b.

दारूण दु: ख

c.

वे आँखें

d.

जीवन का अन्धकार

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