Reading Comprehension (CTET (Central Teacher Eligibility Test) Paper-I Hindi): Questions 121 - 130 of 250

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Passage

बौद्ध शिक्षण पद्धति का आरम्भ स्वयं बुद्ध ने सरल तथा जनमानस की भाषा में तीवन के तत्वों के उपदेश तथा जगह-जगह चर्चा करके की। लोगों को शिक्षित करने के लिए महात्मा बुद्ध ने व्याख्यान, प्रश्नोत्तर प्रासंगिक उपमा, दृष्टान्त एवं कथा को माध्यम बनाया। बुद्ध के बाद से बौद्ध शिक्षा पद्धति भी एक निश्चित स्वरूप, संगठन के साथ हिन्दू शिक्षा पद्धति से अलग स्वतंत्र शिक्षा प; ति के रूप में विकसित हुई। प्रारम्भ में हिन्दू तथा बौद्ध शिक्षा पद्धति के मूल में कोई विशेष अन्तर नहीं था किन्तु बाद में आकर दोनों शिक्षा प्रणालियों के आदर्श एवं पद्धति में विशेष रूप से उस पाठ्यक्रम में जो विशेष रूप से आम उपासक की बजाय बौद्ध भिक्षु-भिक्षुणियों के लिए था, बहुत कम समानता रह गई थी।

बौद्ध धर्म में शिक्षा प्रारम्भ संस्कार ब्राह्मणों के उपनयन संस्कार की भाँति होता था। बौद्ध संघ में सम्मिलित होने के लिए दो संस्कार आवश्यक थे प्रथम था ‘पब्बज्जा’ तथा दूसरा ‘उपसम्पदा’। पब्बज्जा से उपासकत्व का प्रारम्भ होता था। उपनयन की भाँति इसे भी आध्यात्मिक जन्म कहा गया है। यह 8 वर्ष से अधिक आयु के किसी भी व्यक्ति को दी जा सकती थी। संरक्षक की अनुज्ञा इसके लिए आवश्यक थी। व्यक्ति को तीन प्रकार की शरण की शपथ एवं दस धर्मादेश दिए जाते थे। ये शरण बुद्ध धर्म एवं संघ की होती थी।

दस धर्मादेशों में निम्न की मनाही थी

1. पारिवारिक जीवन

2. ऐसी वस्तु ग्रहण करना जो दी ना हो

3. अशुद्ध आचरण

4. झूठ बोलना

5. मादक द्रव्यों का सेवन

6. असमय भोजन

7. नृत्य गायन

8. पुष्प माला, ईत्र गहने आदि का प्रयोग

9. उच्च आसन का प्रयोग

10. सोना एवं चांदी की प्राप्ति।

Question number: 121 (5 of 8 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

बौद्ध शिक्षा पद्धति में किसे आध्यात्मिक जन्म माना जाता था?

Choices

Choice (4) Response

a.

पब्बज्जा

b.

उपसम्पदा

c.

ब्रह्मचर्य

d.

Question does not provide sufficient data or is vague

Passage

वह आता

दो टूक कलेजे के करता पछताता

पथ पर आता।

पेट पीट दोनों मिलकर हैं एक

चल रहा लकुटिया टेक

मुट्ठी भर दाने को भूख मिटाने को

मुँह फटी पुरानी झोली का फैलाता

दो टूक कलेजे के करता पछताता पथ पर आता।

साथ दो बच्चे भी हैं सदा हाथ फैलाए

बाएँ से वे मलते हुए पेट को चलते

और दाहिना दया-दृष्टि पाने की ओर बढ़ाए।

भूख से सूख ओंठ जब जाते

दाता-भाग्य विधाता से क्या पाते?

घूँट आँसुओं के पीकर रह जाते?

चाट रहे जूठी पत्तल वे सभी सड़क पर खड़े हुए

और झपट लेने को उनके कुत्ते भी अड़े हुए

Question number: 122 (1 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

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Question

भिखारी की इच्छा है

Choices

Choice (4) Response

a.

सोना पाने की

b.

पैसा पाने की

c.

अनाज पाने की

d.

कपड़ा पाने की

Question number: 123 (2 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

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Question

किस पर व्यंग्य किया गया है

Choices

Choice (4) Response

a.

सामाजिक विषमता पर

b.

आर्थिक न्याय पर

c.

राजनीतिक सत्य पर

d.

मध्यवर्गीय जीवन पर

Question number: 124 (3 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

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Question

बच्चे भिखरी के साथ क्यों हैं?

Choices

Choice (4) Response

a.

घूमने के लिए

b.

भीख माँगने के लिए

c.

रास्ता ढूँढने के लिए

d.

पिता के साथ के लिए

Question number: 125 (4 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

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Question

इस काव्यांश का शीर्षक होगा

Choices

Choice (4) Response

a.

गरीबी

b.

विषमता

c.

भिक्षुक

d.

बेबसी

Question number: 126 (5 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

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Question

‘झपट’ का समानार्थी है

Choices

Choice (4) Response

a.

झाड़ना

b.

छीनना

c.

फेंकना

d.

All of the above

Passage

है जन्म लेते जगह में एक ही

एक ही पौधा उन्हें है पालता

रात में उन पर चमकता चाँद भी

एक ही-सी चाँदनी है डालता

छेद कर काँटा किसी की उँगलियाँ

फाड़ देता है किसी का वर वसन।

प्यार डूबी तितलियों के पर कतर

भौंर का है बेध देता श्याम तन

फूल लेकर तितलियों को गोद में

भौंर को अपना अनूठा रस पिला

निज सुगन्धों का निराले ढंग से

है सदा देता काली का जी खिला।

है खटकता एक सबकी आँख में

दूसरे है सोहता सुर-सीस पर।

किस तरह कुल की बड़ाई काम दे

जो किसी में हो बड़प्पन की कसर।

Question number: 127 (1 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

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Question

‘फूल’ किसे कहा गया है?

Choices

Choice (4) Response

a.

सज्जन पुरूष

b.

मित्र

c.

दुर्जन पुरूष

d.

शत्रु

Question number: 128 (2 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

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Question

इस पद्यांश में किसे महत्व दिया गया है?

Choices

Choice (4) Response

a.

कुल गोत्र

b.

चरित्र एवं स्वभाव

c.

चरित्र

d.

स्वभाव

Question number: 129 (3 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

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Question

इस काव्यांश का उचित शीर्षक होगा

Choices

Choice (4) Response

a.

फूल का जीवन

b.

काँटों का जीवन

c.

फूल और काँटे

d.

फूल और जीवन

Question number: 130 (4 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

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Question

बड़ाई में प्रयुक्त प्रत्यय है

Choices

Choice (4) Response

a.

b.

ड़ाई

c.

d.

आई

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