Reading Comprehension (CTET (Central Teacher Eligibility Test) Paper-I Hindi): Questions 86 - 93 of 250

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Passage

संसार के सभी देशों में शिक्षित व्यक्ति की सबसे पहली पहचान यह होती है कि वह अपनी मातृभाषा में दक्षता से काम कर सकता है। केवल भारत ही एक ऐसा देश है, जिसमें शिक्षित व्यक्ति वह समझा जाताहै जो अपनी मातृभाषा में दक्ष हो या न हो किन्तु अंग्रेजी में जिसकी दक्षता असंदिग्ध हो। संसार के अन्य देशों में सुसंस्कृत व्यक्ति वह समझा जाता है कि जिसके घर में अपनी भाषा की पुस्तकों का संग्रह हो और जिसे बराबर यह पता रहे कि उसकी भाषा के अच्छे लेकख और कवि कौन हैं? तथा समय-समय पर उनकी कौनसी कृतियाँ प्रकाशित हो रही हैं? भारत में स्थिति दूसरी है। यहाँ घर में प्राय: साज-सज्जा के आधुनिक उपकरण तो होते हैं किन्तु अपनी भाषा की कोई पुस्तक नहीं होती है। यह दुर्वस्था भले ही किसी ऐतिहासिक प्रक्रिया का परिणाम है, किन्तु वह सुदशा नहीं है दुर्वस्था ही है। इस दृष्टि से भारतीय भाषाओं के लेखक केवल यूरोपीय और अमेरिकी लेखकों से ही हीन नहीं है बल्कि उनकी किस्मत चीन, जापान के लेखकों की किस्तम से भी खराब है क्योंकि इन सभी लेखकों की कृतियाँ वहाँ के अत्यन्त सुशिक्षित लोग भी पढ़ते हैं। केवल हम ही नहीं है जिनकी पुस्तकों पर यहाँ के तथाकथित शिक्षित समुदाय की दृष्टि प्राय: नहीं पड़ती। हमारा तथाकथित उच्च शिक्षित समुदाय जो कुछ पढ़ना चाहता है, उसे अंग्रेजी में ही पढ़ लेता है यहाँ तक उसकी कविता और उपन्यास पढ़ने की तृष्णा भी अंग्रेजी की कविता और उपन्यास पढ़कर ही समाप्त हो जाती है और उसे यह जानने की इच्छा नहीं होती कि शरीर से वह जिस समाज का सदस्य है, उसके मनोभाव उपन्यास और काव्य में किस अदा से व्यक्त हो रहे हैं।

Question number: 86 (3 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

भारतीय लेखकों की समस्या क्या है?

Choices

Choice (4) Response

a.

उन्हें यहाँ के सामान्य लोग खूब पढ़ते हैं

b.

उच्च शिक्षा प्राप्त लोग प्राय: उन्हें नहीं पढ़ते

c.

उनकी कई रचनाएँ प्रकाशित होती हैं

d.

समाज में उनकी कोई पहचान नहीं होती

Question number: 87 (4 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

‘संसार’ शब्द का समानार्थी शब्द है

Choices

Choice (4) Response

a.

राष्ट्र

b.

देश

c.

समाज

d.

जगत

Question number: 88 (5 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

भारत का उच्च शिक्षित वर्ग किस भाषा में गद्य या पद्य पढ़ना पसन्द करता है?

Choices

Choice (4) Response

a.

लैटिन

b.

हिन्दी

c.

अंग्रेजी

d.

उर्दू

Question number: 89 (6 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

किसी समाज की वास्तविकता किस भाषा में सर्वाधिक सही ढंग से अभिव्यक्त हो सकती है?

Choices

Choice (4) Response

a.

विदेशी भाषा

b.

अंग्रेजी

c.

हिन्दी

d.

उस समाज की अपनी भाषा

Question number: 90 (7 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

भारतीय भाषाओं के साहित्य के प्रति समाज के किस वर्ग में अरूचि की भावना है?

Choices

Choice (4) Response

a.

अशिक्षित वर्ग

b.

कमजोर वर्ग

c.

अत्यन्त सुशिक्षित वर्ग

d.

धनी वर्ग

Question number: 91 (8 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

भारत में शिक्षित व्यक्ति की क्या पहचान है?

Choices

Choice (4) Response

a.

पूर्ण रूप से शिक्षित

b.

अंग्रेजी में निपुण

c.

अपनी मातृभाषा में दक्ष

d.

अनेक भाषाओं का ज्ञाता

Question number: 92 (9 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

इस गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक निम्नलिखित में से क्या हो सकता है?

Choices

Choice (4) Response

a.

शिक्षित मनुष्य का महत्व

b.

भाषा का ज्ञान

c.

मातृभाषा का महत्व

d.

शिक्षित समुदाय

Passage

भारत प्राचीन काल से ही विविध धर्मों का प्रांगण रहा है। प्राचीन भारत में हिन्दू, जैन, बौद्ध, धर्मों का उदय हुआ है परन्तु इन सभी धर्मों में सांस्कृतिक पारस्परिक समिश्र इस प्रकार हुआ कि लोग भले ही विभिन्न भाषाएँ बोलते हैं, विभिन्न धर्मों को मानते हैं फिर भी भिन्न सामाजिक रीतियों पर समूचे देश में सभी की एक समान जीवन पद्धति है। हमारे देश में विविधताओं के बावजूद भीतर से गहरी एकता, हिमालय से कन्याकुमारी पूर्व में ब्रह्मपुत्र की घाटी से पश्चिम में सिन्धु पार तक झलकती है। देश में भाषात्मक एवं सांस्कृतिक एकता स्थापित करने के लिए निरन्तर प्रयास होते हैं। ईसा पूर्व तीसरी सदी में प्राकृत देश भर की सम्पर्क भाषा (लिंगवाँ का) का काम करती थी। सारे देश के प्रमुख कार्यों में अशोक के शिलालेख प्राकृत व ब्रह्मी लिपि में लिखे गये थे। बाद में वह स्थान संस्कृत ने ले लिया और देश के कोने-कोने में राजभाषा के रूप में प्रचलित रही। यह सिलसिला ईसा की चौथी शताब्दी में आकर मजबूत हुआ। यद्यपि इसके बाद देश छोटे-छोटे राज्यों में बंट गया। फिर भी राजकीय दस्तावेज की भाषा संस्कृत ही रहीं। प्राचीन भारत के लोगों की लिपि का ज्ञान 2500 ई. पूर्व तक ही था जिसको हड़प्पा व मोहनजोदड़ों के सभ्यता में सिक्कों पर अंकित पाते हैं। यद्यपि अभी तक इस लिपि को पढ़ना सम्भव नहीं हो पाया है। हस्तलिपियों के मामले में उपलब्ध हस्तलिपियाँ ईसा की चौथी सदी से पहले की नहीं है। भारत में हस्तलिपियाँ भोज पत्र एवं ताम्र पत्रों पर लिखी मिलती है। परन्तु मध्य एशिया में जहाँ भारत से प्राकृत भाषा फैल गई थी। ये हस्तलिपियाँ मेष चर्म, कष्ठि पत्रों में लिखी गई हैं, संस्कृत में पुराणों, हस्तलिपियाँ लिखित दक्षिण-भारत तथा नेपाल से प्राप्त हुई हैं।

Question number: 93 (1 of 9 Based on Passage) Show Passage

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Question

निम्नलिखित में से किस शब्द में तत्पुरूष समास नहीं है?

Choices

Choice (4) Response

a.

हस्तलिपि

b.

मेषचर्म

c.

भोज पत्र

d.

समिश्र

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