CTET (Central Teacher Eligibility Test) Paper-I Hindi: Questions 49 - 54 of 497

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Passage

भाषा के उद्योग को लेकर यह कहना उचित है कि जब तक उसे बोलने व लिखने में सुविधा नहीं होती, तब तक उसने विकास की सम्भावना अवरूद्ध होती है। संस्कृत में इस तरह के अवरोधक हटाने का कार्य पाणिनी ने किया खासकर दर्शन में इस तरह से पुट पाए हैं जो इस बात की पुष्टि करता है। संगीत पर भी यह बात लागू होती है, लेकिन फिर भी ध्यान देने योग्य बात यह है कि शास्त्रीय संगीत कभी जनता द्वारा बड़े पैमाने पर स्वीकृत नहीं होता था। उस समय के व्यक्ति संस्कृत भाषा के अध्ययन करते थे और बोलते भी थे, सम्भवत: बहुत कुछ निम्न वर्ग के व्यक्ति भी इसे समझ लेते होंगे। सम्पूर्ण भारत के लिए संस्कृत राष्ट्र भाषा के रूप में समझी जाती थी और आज भी समानता का परिचय देती नजर आती है। प्राचीन भारत के साहित्य और इतिहास में अनेकों मानव जातियों का संगम हुआ है। प्राक, आर्य, भारतीय आय, यूनानी, शक, हुण और तुर्क आदि अनेक जातियों ने भारत को अपना घर बनाया। प्रत्येक जातियों ने सामाजिक व्यवस्था, शिल्पकला, वास्तुकला और साहित्य के विकास में यथासत्य अपना व्योम दान दिया। ये सभी समुदाय इस तरह भारतीय सम्भावना एवं संस्कृति के आत्मसात् कर लिया कि आज इसे मूल रूप में साथ-साथ भारतीय संस्कृति की विशेषता इसमें उत्तर-दक्षिण तथा पूर्व-पश्चिम के सांस्कृतिक उपादान रूप में समाहित हो गए हैं।

आर्य आतीय उपादान, उत्तर भारत के वैदिक और सांस्कृतिक मूलक, संस्कृति के अंग हैं, जो प्राक, आर्य जातीय उपादान दक्षिण के द्रविड़ व तमिल संस्कृति के इन सभी संस्कृति में उन शब्दों का भी आदान-प्रदान जो मौजूद स्थिति में भिन्न भाषा रूप संस्कृति के रूप में मौजूद है। इसी प्रकार पाली और संस्कृत में बहुत से शब्द जो गंगा के मैदानों में विकसित भावनाओं और समस्याओं के द्योतक हैं, लगभग 300 ई. पूर्व से 600 ई. पूर्व के संगम से प्रसिद्ध प्राचीनतम, तमिल ग्रन्थों से मिलते हैं। इसमें भारत के पूर्वांचल ने भी जहाँ प्राक, आर्य जातियाँ बसी हुई हैं, अपना योगदान दिया है। यहाँ के लोग मुण्डा या कोल भाषा बोलते हैं। यह सभी भी झारखण्ड, बिहार, पश्चिम बंग, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के आदिवासियों की मुख्य भाषा हैं। भाषा वैज्ञानिकों ने यह सिद्ध किया है कि आर्य भाषा में फाहा, नौका, सन्ती आदि सूचक शब्द मिलते हैं, जो मुण्डा भाषाओं से लिया है। ब्राह्मण संस्कृति, मुण्डा संस्कृति के साथ घुल-मिल गई। ऐसा माना जाता है कि वैदिक भाषा में जो ध्वन्यात्मक व शब्दात्मक परिवर्तन मिलते हैं उसकी व्याख्या मुण्डा प्रसंग के आधार पर जितनी की जाती है उतनी द्रविड़ प्रभाव के आधार पर नहीं।

Question number: 49 (6 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

निम्नलिखित में से कौनसा कथन सत्य नहीं है?

Choices

Choice (4) Response

a.

भारत के पूर्वांचल क्षेत्र में बहुत पहले बोली जाने वाली भाषाओं के शब्द दक्षिण भारतीय भाषाओं में भी मिलते हैं।

b.

आर्य संस्कृति में दक्षिण के द्रविड़ व तमिल संस्कृति का कोई योगदान नहीं है।

c.

पाली के बहुत से शब्द गंगा के मैदानों में बोले जाने वाले शब्द हैं।

d.

Question does not provide sufficient data or is vague

Question number: 50 (7 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

भाषा के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौनसा कथन सत्य है?

Choices

Choice (4) Response

a.

बोलने व लिखने में सुविधाजनक भाषा के विकास की सम्भावना अधिक होती है।

b.

संस्कृत भाषा के विकास में पाणिनी का अहम् योगदान रहा है।

c.

प्राचीन काल में भारत में संस्कृत भाषा बोली व समझी जाती थी।

d.

All a. , b. and c. are correct

Question number: 51 (8 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

निम्नलिखित में से कौनसा शब्द आर्य भाषा के साथ-साथ मुख्य भाषाओं में भी है?

Choices

Choice (4) Response

a.

फाहा

b.

नौका

c.

सन्ती

d.

All a. , b. and c. are correct

Question number: 52

» Pedagogy of Language Development » Role of Listening and Speaking

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Question

भाषा का प्राथमिक रूप है

Choices

Choice (4) Response

a.

सांकेतिक

b.

व्याकरणिक

c.

लिखित

d.

मौखिक

Question number: 53

» Pedagogy of Language Development » Role of Listening and Speaking

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Question

एकांकी पाठों का सर्वप्रमुख उद्देश्य है

Choices

Choice (4) Response

a.

एकांकी की समीक्षा करना सिखाना

b.

एकांकी विधा से परिचय कराना

c.

विभिन्न संदर्भों में संवाद बोलने की क्षमता का विकास

d.

एकांकी लिखना सिखाना

Passage

एक दिन तने ने भी कहा था, जड़?

जड़ तो जड़ ही है; जीवन से सदा डरी रही है

और यही है उसका सारा इतिहास

कि जमीन में मुँह गड़ा पड़ी रही है

लेकिन मैं जमीन से ऊपर उठा

बाहर निकला, बढ़ा हूँ, मजबूत बना हूँ, इसी से तो तना हूँ

एक दिन डालों ने भी कहा था, तना?

किस बात पर है तनात्र

जहाँ बिठाल दिया था वहीं पर है बना

प्रगतिशील जगती में तिल भर नहीं डोला है

खाना है, मोटापा है, सहलाया चोला है

लेकिन हम तने से फूटीं, दिशा-दिशा में गई

ऊपर उठीं, नीचे आईं, हर हवा के लिए दोल बनी, लहराई

इसी से तो डाल कहलाई।

Question number: 54 (1 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

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Question

तने ने अपने बारे में क्या कहा?

Choices

Choice (4) Response

a.

मेरा सारा इतिहास है

b.

जमीन से ऊपर उठा बढ़ा है

c.

जमीन में मुँह गड़ाए पड़ा है

d.

जीवन से सदा डरा हूँ

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