CTET Paper-I Hindi: Questions 192 - 197 of 497

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Question number: 192

» Pedagogy of Language Development » Learning and Acquisition

MCQ▾

Question

निम्नलिखित में से कौनसा मनोवैज्ञानिक तत्व दव्तीय भाषा सीखने की प्रक्रिया को प्रभावित करता है?

Choices

Choice (4) Response

a.

अभिवृत्ति एवं अभिप्रेरणा

b.

सीखने वाले के प्रति शिक्षक का रवैया

c.

माता-पिता/अभिभावक से मिला प्रोत्साहन

d.

All a. , b. and c. are correct

Question number: 193

» Pedagogy of Language Development » Learning and Acquisition

MCQ▾

Question

भाषा अर्जन

Choices

Choice (4) Response

a.

शिक्षक की आवश्यकता उपस्थिति की मांग करता है

b.

भाषा की कक्षा में ही सम्भव है

c.

सहज, स्वाभाविक होता है

d.

प्रयासपूर्ण होता है

Question number: 194

» Pedagogy of Language Development » Teaching in Classroom

MCQ▾

Question

बच्चों में भाषा सीखने की क्षमता जन्मजात होती है

Choices

Choice (4) Response

a.

भाषा शिक्षण का कार्य नहीं किया जाना चाहिए

b.

भाषा शिक्षण का कार्य घर पर किया जाना चाहिए

c.

उनकी इस क्षमता का भरपूर प्रयोग करते हुए भाष्ज्ञायी नियम सिखाए जाने चाहिए

d.

बच्चों को समृद्ध भाषित परिवेश उपलब्ध कराया जाना चाहिए

Question number: 195

» Pedagogy of Language Development » Grammar

MCQ▾

Question

निम्नलिखित में से कौनसा स्वर भक्ति उच्चारण दोष का उदाहरण है?

Choices

Choice (4) Response

a.

‘अमृत’ को ‘अम्रित’ कहना

b.

‘क्षत्रिय’ को ‘छत्री’ कहना

c.

‘बृजेन्द्र’ को बढ़ाकर ‘बरजेन्दर’ कहना

d.

‘स्नान’ को ‘अस्नान्’ कहना

Question number: 196

» Pedagogy of Language Development » Teaching- Learning Materials

MCQ▾

Question

श्रव्य-दृश्य साधनों के प्रयोग का तर्काधार इस तथ्य पर आधारित है कि

Choices

Choice (4) Response

a.

इससे अध्यापन-अधिगम प्रक्रिया सुगम हो जाती है

b.

इससे अधिगम स्थूल हो जाता है

c.

इससे हमारी दोनों इन्द्रियाँ सक्रिय हैं

d.

यह मात्र किसी चीज को करने का दूसरा तरीका है

Passage

पत्र-पत्रिकाएँ मानव समाज की दिशा-निर्देशिका मानी जाती हैं। समाज के भीतर घटती घटनाओं से लेकर परिवेश की समझ उत्पन्न करने का कार्य पत्रकारिता का प्रथम व महत्वपूर्ण कर्तव्य है। राजनीतिक-सामाजिक चिन्तन की समझ पैदा करने के साथ विचार की सामर्थ्य पत्रकारिता के माध्यम से ही उत्पन्न होती है। पत्रकारिता ने युगों से अपने इस दायित्व का निर्वाह किया तथा दायित्व निर्वहन की समस्त कसौटियों को पूर्ण करते हुए समय-समय पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज की। यह अध्ययन करना अपने-आपमें अत्यन्त रोचक है कि पत्रकारिता की यह यात्रा कब और कैसे आरम्भ हुई और किन पड़ावों से गुजरकर राष्ट्रीयता के मिशन से व्यावसायिकता तक की यात्रा को उसने सम्पन्न किया। आजादी से पूर्व का युग राष्ट्रीयता और राष्ट्रीय चेतना की अनुभूति के विकास का युग था। इस युग का मिशन और जीवन का उद्देश्य एक ही था - स्वाधीनता की चाह और प्राप्ति का प्रयास। इस प्रयास के तहत ही हिन्दी पत्र-पत्रिकाओं का आरम्भ हुआ। इस संदर्भ में इस तथ्य को भी ध्यान में रखना होगा कि हिन्दी क्षेत्रों के बाहर भी विशेषकर हिन्दीतर भाषी क्षेत्रों को राष्ट्रीय अस्मिता का वाहक मानकर सभी पत्रकारों ने हिन्दी को ही अपनी ‘भाषा’ के रूप में चुना और हिन्दी भाषा के पत्र-पत्रिकाओं के संवर्द्धन में अपना योगदान दिया।

Question number: 197 (1 of 9 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

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Question

पत्रकारिता का प्रथम कर्तव्य क्या है?

Choices

Choice (4) Response

a.

समाज की घटनाओं से अवगत कराना

b.

समाज में अपना वर्चस्व स्थापित करना

c.

अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाना

d.

निर्धन लोगों की सहायता करना

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