CTET (Central Teacher Eligibility Test) Paper-I Hindi: Questions 143 - 150 of 497

Get 1 year subscription: Access detailed explanations (illustrated with images and videos) to 497 questions. Access all new questions we will add tracking exam-pattern and syllabus changes. View Sample Explanation or View Features.

Rs. 300.00 or

Passage

साहित्य को समाज का प्रतिबिम्ब माना गया है अर्थात् समाज का पूर्ण रूप साहित्य में प्रतिबिम्बित होता रहता है। अनादि काल से साहित्य अपने इसी धर्म का पूर्ण निर्वाह करता चला आ रहा है। वह समाज के विभिन्न रूपों का चित्रण कर एक तरफ तो हमारे सामने समाज का यथार्थ चित्र प्रस्तुत करता है और दूसरी ओर अपनी प्रखर मेधा और स्वस्थ कल्पना द्वारा समाज के विभिन्न पहलुओं का विवेचन करता हुआ यह भी बताता है कि मानव समाज की सुख समृद्धि, सुरक्षा और विकास के लिए कौनसा मार्ग उपादेय है। एक आलोचक के शब्दों में - ”कवि वास्तव में समाज की व्यवस्था, वातावरण, धर्म-कर्म, रीति-नीति तथा सामाजिक शिष्टाचार या लोक व्यवहार से ही अपने काव्य के उपकरण चुनता है और उनका प्रतिपादन अपने आदर्शों के अनुरूप करता है। साहित्यकार उसी समाज का प्रतिनिधित्व करता है, जिसमें वह जन्म लेता है। वह अपनी समस्याओं का सुलझाव, अपने आदर्श की स्थापना अपने समाज के आदर्शों के अनुरूप ही करता है। अत: यह कहना सर्वथा असम्भव और अविवेकपूर्ण है कि साहित्यकार समाज से पूर्णत: निरपेक्ष या तटस्थ रहकर साहित्य सृजन करता है। वाल्मीकि, तुलसी, सूर, भारतेन्दु, प्रेमचन्द आदि का साहित्य इस बात का सर्वाधिक सशक्त प्रमाण है कि साहित्यकार समाज से घनिष्ट रूप से सम्बद्ध रखता हुआ ही साहित्य सृजन करता है। समाज की अवहेलना करने वाला साहित्य क्षणजीवी होता है।“

मानव का कला या साहित्य सृजन के प्रति उन्मुख होना उसके इन्द्रिय बोध का परिणाम रहा है। रूप, रस, ग्रन्थ, स्पर्श आदि के इन्द्रियबोध मानव और पशु दोनों में ही विद्यमान हैं, परन्तु मानव में पशु की अपेक्षा अधिक मात्रा में। मानव में एक विशिष्ट गुण और विवेक है। विवेक द्वारा उसने सामाजिक जीवन का विकास और अपने इन्द्रियबोध का परिष्कार किया है। समाज व्यवस्था बदलने के साथ मनुष्य का इन्द्रियबोध विचार और भावों की अपेक्षा स्थायी रहता है। भाव और विचार दोनों ही साहित्य के मूलाधार है और इनका उद्गम और परिष्कार सामाजिक परिवेश में ही सम्भव होता है, समाज से कटकर निरपेक्ष रहने पर नहीं।

Question number: 143 (4 of 8 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

MCQ▾

Question

कवि का आदर्श होता है

Choices

Choice (4) Response

a.

उसके समाज के आदर्श के अनुरूप

b.

उसके स्वयं के आदर्श के अनुरूप

c.

उसके परिवार के आदर्श के अनुरूप

d.

All of the above

Question number: 144 (5 of 8 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Prose or Drama

MCQ▾

Question

कवि अपने काव्य के उपकरण कहाँ से चुनता है?

Choices

Choice (4) Response

a.

धर्म-कर्म

b.

रीति-नीति

c.

लोक व्यवहार

d.

All a. , b. and c. are correct

Question number: 145

» Pedagogy of Language Development » Evaluating Language Comprehension & Proficiency

MCQ▾

Question

भाषा आंकलन में कौनसा तत्व सर्वाधिक महत्वपूर्ण है?

Choices

Choice (4) Response

a.

विविध अर्थ वाले प्रश्न पूछना

b.

श्रुतलेख

c.

सुलेख

d.

भाषित संरचनाओं पर आधारित प्रश्न

Question number: 146

» Pedagogy of Language Development » Role of Listening and Speaking

MCQ▾

Question

निम्नलिखित में से किस उद्देश्य के लिए प्राथमिक स्तर पर भाषा नहीं सीखी जाती?

Choices

Choice (4) Response

a.

जीवन की विभिन्न स्थितियों को साधना

b.

भाषा का व्याकरण सीखना

c.

मन की बात कहना-सुनना

d.

अपनी अनेक जरूरतों को पूरा करना

Question number: 147

» Pedagogy of Language Development » Evaluating Language Comprehension & Proficiency

MCQ▾

Question

बच्चों की भाषिक अभिव्यक्ति के आंकलन के लिए किस तरह के प्रश्न सहायक नहीं है?

Choices

Choice (4) Response

a.

बहुविकल्पी

b.

लघुत्तरात्मक

c.

निबन्धात्मक

d.

सारांश प्रस्तुत करना

Passage

उपयुक्त उस खल को न यद्यपि मृत्यु का भी दण्ड है,

पर मृत्यु से बढ़कर न जग में दण्ड और प्रचण्ड है।

अतएव कल उस नीच को रण-मध्य जो मारूँ न मैं,

तो सत्य कहता हूँ कभी शस्त्रास्त्र फिर धारूँ न मैं।

अथवा अधिक कहना वृधा हैं, पार्थ का प्रण है यही,

साक्षी रहे सुन ये बचन रवि, शशि, अनल, अम्बर, मही।

सूर्यास्त से पहले न जो मैं कल जयद्रथ-वधकरूँ,

तो शपथ करता हूँ स्वयं मैं ही अनल में जल मरूँ।

Question number: 148 (1 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

MCQ▾

Question

‘वृथा’ का समानार्थक है

Choices

Choice (4) Response

a.

उचित

b.

व्यर्थ

c.

पाप

d.

प्रण

Question number: 149 (2 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

MCQ▾

Question

कवि के अनुसार नीच को युद्ध क्षेत्र के मध्य न मारने पर पार्थ क्या शपथ लेता है? v

Choices

Choice (4) Response

a.

जल में मरने की

b.

मृत्युदण्ड की

c.

अस्त्र-शस्त्र धारण न करने की

d.

None of the above

Question number: 150 (3 of 6 Based on Passage) Show Passage

» Reading Comprehension » Poetry

MCQ▾

Question

संसार में सबसे बड़ा दण्ड है

Choices

Choice (4) Response

a.

मृत्युदण्ड

b.

अर्थदण्ड

c.

अग्निदण्ड

d.

All of the above

f Page
Sign In