क्षितिज(Kshitij-Textbook)-Additional Questions (CBSE Class-10 Hindi): Questions 915 - 928 of 1621

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Question number: 915

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूरदास पद

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सूरदास जी के आराध्य कौन हैं?

Passage

(2)

लखन कहा हसि हमरे जाना। सुनहु देव सब धनुष समाना।।

का छति लाभु जून धनु तोरें। देखा राम नयन के भोरें।।

छुअत टूट रघुपतिहु न दोसू। मुनि बिनु काज करिअ कत रोसू।।

बोले चितै परसु की ओरा। रे सठ सुनेहि सुभाउ न मोरा।

बालकु बोलि बधौं नहि तोही। केवल मुनि जड़ जानहि मोही।।

बाल ब्रह्यचारी अति कोही। बिस्वबिदित क्षत्रियकुल द्रोही।।

भुजबल भूमि भूप बिनू कीन्ही। बिपुल बार महिदेवन्ह दीन्ही।।

सहसबाहुभुज छेदनिहारा। परसु बिलोकु महीपकुमारा।।

मातु पितहि जनि सोचबस करसि महीसकिसोर।

गर्भन्ह के अर्भक दलन परसु मोर अति घोर।।

Question number: 916 (1 of 4 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » तुलसीदास राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद

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तुलसीदास जी दव्ारा रचित प्रस्तुत प्रद्यांश में परशुराम ने राम जी से क्या पूँछते है?

Explanation

प्रस्तुत प्रद्यांश में परशुराम जी ने राम जी से शिव का धनुष तोड़ने वाले के विषय में पूछते हैं।

क्योंकि- तुलसीदास जी दव्ारा रचित उपरोक्त संवाद में परशुराम जानना चाहते है यह धनुष किसने तोड़ा।

प्रसंग- पूर्ववत अर्थात जो पहले वाले संवाद में तुलसीदास जी ने धुनष तोड़े जाने के… (256 more words) …

Question number: 917 (2 of 4 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » तुलसीदास राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद

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तुलसीदास जी दव्ारा रचित उपरोक्त प्रद्यांश के शिल्प-सौंदर्य क्या है?

Explanation

तुलसीदास जी दव्ारा रचित उपरोक्त प्रद्यांश के शिल्प-सौंदर्य यह है कि इस सवांद में लक्ष्मण के वचनों को व परशुराम जी के वीरता व क्रोध को बड़े ही सहजता से प्रस्तुत किया गया है साथ में अलंकारो, शब्दों, रसों, छंदो, एवं भाषा का बहुत अच्छे ढंग से प्रस्तुत किया गया… (293 more words) …

Question number: 918 (3 of 4 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » तुलसीदास राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद

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तुलसीदास जी दव्ारा रचित उपरोक्त प्रद्यांश में लक्ष्मण जी परशुराम जी क्या करते है?

Explanation

तुलसीदास जी दव्ारा रचित उपरोक्त प्रद्यांश में लक्ष्मण जी परशुराम जी का उपहास करते हैं।

क्योंकि-कभी-कभी किसी व्यक्ति का स्वभाव ही इतना चंचल होता है कि वह महान लोगों की हँसी उड़ा देता है जैसे कि इस संवाद में लक्ष्मण ने परशुराम जी के साथ किया है।

प्रसंग- पूर्ववत अर्थात… (268 more words) …

Question number: 919 (4 of 4 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » तुलसीदास राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद

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तुलसीदास जी दव्ारा रचित उपरोक्त प्रद्यांश का भाव-सौंदर्य क्या हैं?

Explanation

तुलसीदास दव्ारा रचित प्रस्तुत संवाद के भाव सौदर्य में कवि ने राम और परशुराम दोनों के प्रताप अर्थात दोनों की वीरता को बड़ी ही सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया है। परशुराम के यश को व्यक्त किया गया है कि किस तरह पूरे विश्व में परशुराम जी विख्यात हैं।

क्योंकि- तुलसीदास… (288 more words) …

Question number: 920

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » मंगलेश डबराल संगतकार

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डबराल जी दव्ारा रचित उन्होंने अपनी नई कविताओं मेें कौनसी पहचान बनाई है?

Question number: 921

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूरदास पद

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सूरदास जी क्या थें?

Question number: 922

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » तुलसीदास राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद

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अब तक तुलसीदास दव्ारा रचित उनकी कितनी रचानाएँ प्राप्त हुई हैं?

Question number: 923

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » गिरिजाकुमार माथुर छाया मत छूना

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माथुर जी दव्ारा रचित उन्होंने अपनी रचनाओं में क्या अभिव्यक्ति प्रदान की है?

Question number: 924

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » गिरिजाकुमार माथुर छाया मत छूना

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शिक्षा समाप्त करने के बाद गिरिजा जी ने किस क्षेत्र में कार्य करना आरंभ किया?

Question number: 925

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » देव सवैया, कवित्त

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देव दव्ारा रचित रचनाओं में उन्होंने शब्दों का चयन कैसे किया है?

Question number: 926

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » देव सवैया, कवित्त

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देव किस रस के कवि थे?

Question number: 927

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » देव सवैया, कवित्त

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देव ने अपने दव्ारा रचित काव्यों में श्रृंगार रस के कौनसे पक्ष का वर्णन किया है?

Question number: 928

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » तुलसीदास राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद

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तुलसीदास जी दव्ारा रचित ’रामचरितमानस’ जैसे महाकाव्य की रचना कौनसे वर्ष में की?

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