क्षितिज(Kshitij-Textbook)-Additional Questions (CBSE Class-10 Hindi): Questions 843 - 855 of 1621

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Question number: 843

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूरदास पद

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सूरदास जी को किस रस का सम्राट माना जाता हैं?

Question number: 844

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » गिरिजाकुमार माथुर छाया मत छूना

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माथुर जी दव्ारा रचित कविताएं क्या प्रकट करती है?

Passage

(4)

कौसिक सुनहु मंद येहु बालकु। कुटिलु कालबस निज कुल घालकु।।

भानुबंस राकेस कलंकू। निपट निरंकुसु अबुधु असंकू।।

कालकवलु होइहि छन माहीं। कहौं पुकारि खोरि माहि नाहीं।।

तुम्ह हटकहु जौ चहहु उबारा। कहि प्रतापु बलु रोषु हमारा।।

लखन कहेउ मुनि सुजसु तुम्हारा। तुम्हहि अछत को बरनै पारा।।

अपने मुहु तुम्ह आपनि करनी। बार अनेक भाँति बहु बरनी।।

नहि संतोषु त पुनि कछु कहहु। जनि रिस रोकि दुसह दुख सहहु।।

बीरब्रती तुम्ह धीर अछोभा। गारी देत न पावहु सोभा।।

सूर समर करनी करहिं कहि न जनावहिं आपु।

बिद्यमान रन पाइ रिपु कायर कथहिं प्रतापु।।

Question number: 845 (1 of 5 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » तुलसीदास राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद

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तुलसीदास जी दव्ारा रचित उपरोक्त प्रंसग का शिल्प-सौंदर्य क्या हैं?

Explanation

तुलसीदास जी दव्ारा रचित उपरोक्त प्रंसग का शिल्प-सौंदर्य है कि कवि ने यहाँ पर परशुराम के माध्यम से विश्वामित्र को कौसिक अर्थात विश्वामित्र का नाम लेकर बोला है। इसके साथ इस प्रसंग में अलंकारों, शैली, मुहावरे, भावों, रसों, भाषा, दोहा, छंद आदि का सुंदर समन्वय किया गया है।

क्योंकि- तुलसीदास… (339 more words) …

Question number: 846 (2 of 5 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » तुलसीदास राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद

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तुलसीदास जी दव्ारा रचित उपरोक्त प्रंसग का भाव-सौंदर्य क्या हैं?

Explanation

तुलसीदास जी दव्ारा रचित प्रसंग के भाव-सौदर्य में कवि ने यह बताया है कि परशुराम जी ने लक्ष्मण को डराना चाहा है किन्तु लक्ष्मण जी ने उस डर को अस्वीकारते हुए यह कहा है कि जो लोग सही में वीर होते है वे अपनी प्रशंसा अपने आप नहीं करते हैं।… (384 more words) …

Question number: 847 (3 of 5 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » तुलसीदास राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद

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तुलसीदास जी दव्ारा रचित प्रस्तुत प्रसंग में परशुराम जी विश्वामित्र जी को संबोधित करते हुए क्या कहते हैं?

Explanation

हे विश्वामित्र! सुनो, यह बच्चा बड़ा ही बुदव्हीन अर्थात मंदबुद्धि है। यह नालायक है समय के वशिभूत होकर अपने खानदान का खतरा बन रहा हैं यह सूर्यवंश रूपी चंद्र के लिए कलंक अर्थात दाग है। यह बहुत ही जिद्दी, शैतान, मूर्ख और निडर है। यह अभी एकपल में ही काल… (426 more words) …

Question number: 848 (4 of 5 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » तुलसीदास राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद

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तुलसीदास जी दव्ारा रचित प्रस्तुत प्रसंग में किस बात का वर्णन किया है?

Explanation

तुलसीदास जी दव्ारा रचित प्रसंग में कवि ने श्री राम के माध्यम से शिवजी का धनुष तोड़े जाने और अत्यधिक गुस्से की अवस्था में परशुरामजी के स्वयंवर के उत्सव में आने के बाद परशुराम और लक्ष्मण के संवाद का वर्णन किया है।

क्योंकि-वह शिव जी का धनुष होने के कारण… (341 more words) …

Question number: 849 (5 of 5 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » तुलसीदास राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद

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तुलसीदास जी दव्ारा रचित प्रस्तुत प्रसंग में परशुराम जी के उपरोक्त वचन सुनकर लक्ष्मण ने क्या कहा?

Explanation

परशुराम जी की यह सब बातें सुनकर लक्ष्मण जी ने फिर कहा कि हे मुनि! आपके यश का वर्णन आपके सिवाय और कौन कर सकता है? आपने अपने ही मुंह से अपने कार्यो का उल्लेख अनेकों बार कई प्रकार से किया हैं यदि इतना कहने पर भी आपको धीरज नहीं… (460 more words) …

Question number: 850

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » गिरिजाकुमार माथुर छाया मत छूना

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माथुर जी दव्ारा रचित काव्यों पर किसका प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है?

Question number: 851

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूरदास पद

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सूरदास जी ने अपनी रचनाओं में किन शब्दों का भी मनोहारी चित्रण किया है?

Question number: 852

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूरदास पद

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सूरदास जी की रचनाओं में बाल वर्णन कैसा है?

Question number: 853

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » देव सवैया, कवित्त

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आचार्य शुक्ल ने अपने इतिहास में देव के कितने ग्रंथों का उल्लेख किया है?

Question number: 854

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूरदास पद

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कवि सूरदास का देहांत कहाँ व किस सन्‌ में हुआ था?

Question number: 855

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » गिरिजाकुमार माथुर छाया मत छूना

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गिरिजा कुमार माथुर को अति विशिष्ट स्थान क्यों प्राप्त है?

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