क्षितिज(Kshitij-Textbook)-Additional Questions (CBSE Class-10 Hindi): Questions 1593 - 1604 of 1621

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Passage

यह दंतुरित मुसकान

(1)

तुम्हारी यह दंतुरित मुसकान

मृतक में भी डाल देगी जान

धूलि-धूसर तुम्हारे ये गात……

छोड़कर तालाब मेरी झोंपड़ी में खिल रहे जलजात

परस पाकर तुम्हारा ही प्राण,

पिघलकर जल बन गया होगा कठिन पाषाण

छू गया तुमसे कि झरने लग पड़े शेफालिका के फूल

बांस था कि बबूल?

तुम मुझे पाए नहीं पहचान?

देखते ही रहोंगे अनिमेष!

थक गए हो?

आँख लूँ मैं फेर?

क्या हुआ यदि हो सके परिचित न पहली बार?

यदि तुम्हारी माँ न माध्यम बनी होती आज

मैं न सकता देख

मै न पाता जान

तुम्हारी यह दंतुरित मुसकान

Question number: 1593 (11 of 13 Based on Passage) Show Passage

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Describe in Detail

कवि नागार्जुन द्वारा रचित प्रस्तुत प्रसंग में कवि ने कोनसा भाव प्रकट किया है?

Explanation

प्रस्तुत पद्यांश कवि नागार्जुन द्वारा रचित कविता ’यह दंतुरित मुसकान’ से अवतरित है। कवि ने छोटे बच्चे की दंतस्वरूप सुंदर मुसकान को देखकर हृदय में उत्पन्न होने वाले भावों को अनेक बिम्बों अर्थात उपमा के माध्यम से प्रकट किया है।

क्योंकि- छोटे से बच्चे की मुस्काराहट देखकर हर व्यक्ति के… (376 more words) …

Question number: 1594 (12 of 13 Based on Passage) Show Passage

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Describe in Detail

नागार्जुन द्वारा रचित प्रस्तुत प्रसंग में बच्चे के स्पर्श मात्र से कवि के जीवन में किसका संचार हो गया है?

Explanation

है बच्चे तुम्हारे स्पर्शमात्र से मेरे जीवन में सुख और खुशी उत्पन्न हो गई, मेरा जीवन खुशियों से भर गया है अर्थात बच्चे के स्पर्श मात्र से कवि केे जीवन में सुख और आनंद का संचार हो गया।

क्योंकि-बच्चे का छूना है ही इतना मोहक कि बस हम अपने सारे… (375 more words) …

Question number: 1595 (13 of 13 Based on Passage) Show Passage

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Describe in Detail

नागार्जुन द्वारा रचित प्रस्तुत प्रसंग में कवि ने बच्चे का मिट्‌टी से सना हुआ शरीर की उपमा किससे दी है?

Explanation

नागार्जुन द्वारा रचित प्रस्तुत प्रसंग में कवि ने बच्चे का मिट्‌टी से सना हुआ शरीर की उपमा कवि ने कमल तालाब को छोड़कर मेरी झोपड़ी में खिल रहे हो, ऐसा कहा है।

क्योंकि-बच्चे की सुंदरता में जितनी भी उपमा दो कम है क्योंकि वह अत्यधिक सुंदर है।

प्रसंग: - प्रस्तुत… (367 more words) …

Question number: 1596

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Describe in Detail

हिंदी साहित्यकार के रूप में प्रसाद जी की प्रतिभा किस प्रकार की है?

Explanation

हिंदी साहित्यकार के रूप में प्रसाद जी की प्रतिभा बहुमुखी है।

क्योंकि- कवि में बहुत सी खूबियाँ हैं।

प्रमुख रचनाएँ-हिंदी साहित्यकार के रूप में प्रसाद जी की प्रतिभा बहुमुखी है। उन्होंने कुल 27 कृतियों की रचना की हैं। उनकी प्रमुख रचनाएँ इस प्रकार हैं-

काव्य ग्रन्थ-कानून कुसुम, चित्राधार, झरना, आँसू,… (33 more words) …

Question number: 1597

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Write in Short

नागार्जुन दव्ारा रचित सभी रचनाएँ कितने भागों में प्रकाशित हैं?

Question number: 1598

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कवि नागार्जुन के हृदय में कौनसी संवेदना देखनों को मिलती है?

Explanation

”प्रख्यात कवि नागार्जुन जी के हृदय में शोषित व दलित वर्ग के प्रति अपार संवेदना देखने को मिलती है।

क्योंकि-यह कवि का स्वभाव है कि उनके मन में गरीबों के प्रति बहुत ही सहानुभूति हैं।

”प्रख्यात कवि नागार्जुन जी के हृदय में शोषित व दलित वर्ग के प्रति अपार संवेदना… (195 more words) …

Question number: 1599

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Write in Short

नागार्जुन कों किस बात के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से विभूषित किया गया।

Question number: 1600

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नागार्जुन दव्ारा रचित भस्मांकुर काव्य में भस्मासुर की कौनसी कथा का नवीनतम रूप प्रस्तुत किया गया है?

Passage

(3)

पत्तों से लदी डाल

कहीं हरी, कहीं लाल,

कहीं पड़ी है उर में

मंद-गंध- पुष्प-माल,

पाट-पाट शोभा-श्री

पट नहीं रही है।

Question number: 1601 (1 of 3 Based on Passage) Show Passage

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Describe in Detail

कवि निराला जी दव्ारा रचित प्रस्तुत पद्यांश के भाव-सौंदर्य क्या है?

Explanation

कवि निराला जी दव्ारा रचित प्रस्तुत पद्यांश के भाव-सौंदय है कि इसमें कवि ने फागुन महीने की सौंदर्यता का वर्णन बहुत ही मार्मिक चित्र प्रस्तुत किया है जिसमें प्रकृति के प्रत्येक हिस्से की सुंदरता को कवि ने अपनी कविता के माध्यम से प्रकट किया है प्रकृति की सुंदरता इतनी अधिक… (154 more words) …

Question number: 1602 (2 of 3 Based on Passage) Show Passage

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Describe in Detail

कवि निराला जी दव्ारा रचित प्रस्तुत पद्यांश के शिल्प-सौंदर्य क्या है?

Explanation

प्रस्तुत पद्यांश के शिल्प-सौंदर्य है कि इसमें कवि प्रकृति की खूबसुरती का बहुत ही सहजता से वर्णन किया है। साथ में शब्दों, अलंकारों व भाषा का बड़ी सहजता व सरलता से प्रयोग किया हैं।

क्योंकि-कवि दव्ारा रचित प्रसंग के शिल्प सौंदर्य पाठक को पढ़ने में सरल लगे।

प्रसंग- प्रस्तुत पद्यांश… (128 more words) …

Question number: 1603 (3 of 3 Based on Passage) Show Passage

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Describe in Detail

कवि निराला जी दव्ारा रचित प्रस्तुत पद्यांश में कवि ने किसका सजीव चित्रण किया है?

Explanation

प्रस्तुत पद्यांश में कवि सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ ने फागुन महीने की प्रकृति में मौजूद सुंदरता का साक्षात एवं मन को प्रभावित करने वाला चित्र प्रस्तुत किया है।

क्योंकि-इस महीन में प्रकृति की सुंदरता अपने चरम सीमा पर विद्यवान होती है जो देखते ही बनती है। इस प्रकृति के दृश्य बहुत… (135 more words) …

Question number: 1604

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Write in Short

नागार्जुन जी दव्ारा रचित उपन्यास कितने प्रकार के व कौन-कौन से है?

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