क्षितिज(Kshitij-Textbook)-Additional Questions (CBSE (Central Board of Secondary Education- Board Exam) Class-10 Hindi): Questions 1566 - 1577 of 1621

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Passage

फसल

एक के नहीं,

दो के नहीं,

ढेर सारी नदियों के पानी का जादू:

एक के नहीं,

दो के नहीं,

लाख-लाख कोटि-कोटि हाथों के स्पर्श की गरिमा:

एक के नहीं,

दो के नहीं,

हज़ार-हज़ार खेतों की मिट्‌टी का गुण धर्म:

Question number: 1566 (2 of 6 Based on Passage) Show Passage

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कवि नागार्जुन द्वारा रचित उपर्युक्त प्रसंग के भाव-सौंदर्य क्या हैं?

Explanation

कवि नागार्जुन द्वारा रचित उपर्युक्त प्रसंग के भाव-सौंदर्य यह है कि इसमें कवि फसल के बारे बताते हुए कहता है एक फसल के निर्माण में अनेक लोगों के हाथ लगने व प्रकृति के योगदान से ही अच्छी प्रकार की फसल तैयार की जा सकती हैं जिससे उसका परिणाम भी अच्छा

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Question number: 1567 (3 of 6 Based on Passage) Show Passage

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कवि नागार्जुन द्वारा रचित प्रस्तुत पद्यांश के शिल्प-सौंदर्य क्या हैं?

Explanation

प्रस्तुत पद्यांश के शिल्प-सौंदर्य है कि इसमें कवि को पूरी भूमि व श्रम व मेहनत करने वालों से बेहद लगाव हैं। जिसका कवि ने बहुत ही मार्मिक चित्र प्रस्तुत किया हैं इसके अलावा उन्होंने खड़ी बोली, छंद, अलंकारों, भाषा आदि का बहुत ही सुंदर प्रयोग किया हैं।

क्योंकि- ताकि उपरोक्त

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Question number: 1568 (4 of 6 Based on Passage) Show Passage

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प्रस्तुत पद्यांश कवि नागार्जुन द्वारा रचित कविता में यहाँ कवि ने फसल के बारे में क्या बताया हैं?

Explanation

फसल स्वयं पैदा न होकर नदियों के जल, किसानों के परिश्रम और खेतों की विभिन्न प्रकार की मिट्‌टियों का फल होती है।

क्योंकि- कोई भी काम अकेले नहीं होता है जब उसे सब मिलकर करते है तो उसका फल भी अच्छा मिलता है।

प्रसंग- प्रस्तुत पद्यांश कवि नागार्जुन द्वारा रचित

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Question number: 1569 (5 of 6 Based on Passage) Show Passage

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कवि नागार्जुन द्वारा रचित उपर्युक्त प्रसंग में कवि के अनुसार फसल के बिना हमारा जीवन कैसे बताया हैं?

Explanation

कवि के अनुसार फसल के बिना हमारा जीवन निरर्थक हो जाता है।

क्योंकि- जब धरती पर अनाज ही नहीं रहेगा तो व्यक्ति कैसे जी पाएगा।

प्रसंग- प्रस्तुत पद्यांश कवि नागार्जुन द्वारा रचित कविता ’फसल’ से अवतरित है। यहाँ कवि ने फसल के बारे में बताना चाहा है कि एक फसल

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Question number: 1570 (6 of 6 Based on Passage) Show Passage

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प्रस्तुत पद्यांश कवि नागार्जुन द्वारा रचित कौनसी कविता से उद्धृत है।

Explanation

प्रस्तुत पद्यांश कवि नागार्जुन द्वारा रचित ’फसल’ कविता से उद्धृत है।

क्योंकि- उपरोक्त कविता कवि की मुख्य कविता हैं।

प्रसंग- प्रस्तुत पद्यांश कवि नागार्जुन द्वारा रचित कविता ’फसल’ से अवतरित है। यहाँ कवि ने फसल के बारे में बताना चाहा है कि एक फसल के निर्माण में एक नहीं अनेक

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Passage

(3)

मिला कहाँ वह सुख जिसका मैं स्वप्न देखकर जाग गया।

आलिंगन में आते-आते मुसक्या कर जो भाग गया।

जिसके अरूण-कपोलों की मतवाली सुदंर छाया में।

अनुरागिनी उषा लेती थी निज सुहाग मधुमाया में।

Question number: 1571 (1 of 3 Based on Passage) Show Passage

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जयशंकर प्रसाद दव्ारा रचित प्रस्तुत पद्यांश शिल्प-सौंदर्य क्या है?

Explanation

जयशंकर प्रसाद दव्ारा रचित प्रस्तुत पद्यांश शिल्प-सौंदर्य है कि यहां कवि ने जीवन की सत्यता व अभावों के बारे में बहुत मनोरम चित्र प्रस्तुत किया है जिसमें अलंकारों, बिम्बों, शब्दों व मिश्रित भाषा का बहुत ही सुंदर रूप प्रकट किया है।

क्योंकि- ताकि कवि दव्ारा रचित प्रस्तुत पद का यह

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Question number: 1572 (2 of 3 Based on Passage) Show Passage

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जयशंकर प्रसाद दव्ारा रचित प्रस्तुत पद्यांश भाव-सौंदर्य क्या है?

Explanation

जयशंकर प्रसाद दव्ारा रचित प्रस्तुत पद्यांश भाव-सौंदर्य यह है कि कवि अपने जीवन की उन सुखी दिनों की कल्पना कर लिख रहा है जिसका आनंद कवि को नहीं मिल पाया है वे सुख बहुत पास होते हुए भी समय अभाव के कारण दूर हो गए। इसलिए कवि कहता है हम

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Question number: 1573 (3 of 3 Based on Passage) Show Passage

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जयशंकर प्रसाद दव्ारा रचित प्रस्तुत पद्यांश में कवि क्या कहना चाह रहा है?

Explanation

प्रस्तुत पद्यांश में कवि क्या कहना चाह रहा है कि कवि ने अपने जीवन के उन सुखद क्षणों का उल्लेख करना चाहा है जो कवि के बहुत पास आकर बहुत दूर चले गए अर्थात वह अपने सुख का थोड़ा सा भी उपभोग नहीं कर पाया।

क्योंकि-कभी इसांन के समय न

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Question number: 1574

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जयशंकर प्रसाद जी दव्ारा रचित कहानी संग्रह व निबंध कौन-कौन से है?

Explanation

उनके दव्ारा रचित कहानी संग्रह व निबंध निम्नलिखत है-

कहानी संग्रह-आँधी, इन्द्रजाल, छाया, प्रतिध्वनि आदि।

निबंध-काव्यकला एवं अन्य निबंध

क्योंकि-कवि ने अपनी रचनाओं में अनेक कृतियों के अलावा कहानी संग्रह व निबंध भी लिखे हैं।

प्रमुख रचनाएँ-हिंदी साहित्यकार के रूप में प्रसाद जी की प्रतिभा बहुमुखी है। उन्होंने

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Question number: 1575

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हिंदी साहित्य के अमर कवि व लेखक जयशंकर प्रसाद का जन्म कहाँ व किस सन्‌ में हुआ?

Explanation

हिंदी साहित्य के अमर कवि व लेखक जयशंकर प्रसाद का जन्म काशी के ’सुघंनी साहू’ के प्रसिद्ध परिवार में सन्‌ 1889 में हुआ।

क्योंकि-हर व्यक्ति का जन्म ईश्वर के माध्यम से तय होता हैं।

”छायावाद के श्रेष्ठ कवि जयशंकर प्रसाद एक ऐसे विलक्षण एवं विराट व्यक्तित्व को लेकर अवतरित हुए

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Question number: 1576

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जयशंकर प्रसाद जी ने संस्कार किस से प्राप्त किये?

Explanation

उन्होंने उदारता, विद्वानों का आदर और विद्याभ्यास जैसे संस्कार तो पूर्वजों की परंपरा से ही प्राप्त किये।

क्योंकि-ऐसे संस्कार व्यक्ति में पूर्वजों से स्वत: ही अनुकरण के माध्यम से अपनेआप आ जाते हैं।

”छायावाद के श्रेष्ठ कवि जयशंकर प्रसाद एक ऐसे विलक्षण एवं विराट व्यक्तित्व को लेकर अवतरित हुए थे,

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Question number: 1577

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जयशंकर प्रसाद जी नाटक और काव्य क्षेत्र में क्या लाने वाले प्रतिभा-सम्पन्न साहित्यकार हैं?

Explanation

जयशंकर प्रसाद जी नाटक और काव्य क्षेत्र में मौलिकता लाने वाले प्रतिभा-सम्पन्न साहित्यकार हैं।

क्योंकि-कभी कोई कवि हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा लाने में सफल हो जाता हैं।

काव्यगत विशेषताएँ- जयशंकर प्रसाद जी नाटक और काव्य क्षेत्र में मौलिकता लाने वाले प्रतिभा-सम्पन्न साहित्यकार हैं। उन्हे छायावादी काव्य धारा का प्रवर्तक

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