क्षितिज(Kshitij-Textbook)-Additional Questions (CBSE (Central Board of Secondary Education- Board Exam) Class-10 Hindi): Questions 1332 - 1345 of 1621

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Passage

सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’

Question number: 1332 (34 of 40 Based on Passage) Show Passage

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कवि निराला जी दव्ारा रचित आलोचना और निबंध में कौनसी रचनाएँ है?

Explanation

कवि निराला जी दव्ारा रचित आलोचना और निबंधमेंप्रबंध-पद्म, प्रबंध-प्रतिभा, प्रबंध-परिचय। रचनाएँ है।

क्योंकि- आलोचना और निबंध दोनों ही कवि की प्रमुख रचनाएँ हैं।

साहित्यक रचनाएँ- निराला जी एक महान साहित्यकार थे। उनका गद्य और काव्य दोनों ही विधाओं पर समान अधिकार था। उनकी प्रमुख रचनाएँ इस प्रकार हैं-

काव्य संग्रह-… (41 more words) …

Question number: 1333 (35 of 40 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी दव्ारा रचित उनके काव्य संग्रह में कौन-कौन सी रचनाएँ है?

Explanation

निराला जी दव्ारा रचित उनके काव्य संग्रह में ’अनामिका, परिमल, तुलसीदास, गीतिका, अणिमा, कुकुरमुत्ता, बेला, अर्चना, आराधना, नये पत्ते, गीत -गूँज आदि उनके काव्य संग्रह की रचनाएँ है।

क्योंकि- कवि की काव्य रचनाएँ बहुत अधिक रोचक होने केे कारण उनके अनगिनत नाम होते है। उपरोक्त लिखी गई काव्य संग्रह कवि… (72 more words) …

Question number: 1334 (36 of 40 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी किन व्यक्तियों से बहुत अधिक प्रभावित थे?

Explanation

निराला जी स्वामी रामकृष्ण परमहंस और विवेकानंद जी से बहुत अधिक प्रभावित थे।

क्योंकि-हर इंसान अपने जीवन में किसी न किसी से प्रेरित जरूर होता है। जो उनके जीवन को बदल देते है।

”महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो,… (213 more words) …

Question number: 1335 (37 of 40 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी का सम्पूर्ण जीवन कैसे व्यतीत हुआ?

Explanation

निराला जी का सम्पूर्ण जीवन संघर्षो में व्यतीत हुआ।

क्योंकि-कवि का जीवन कठिनाईयों से भरा हुआ था।

”महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो, वह महाकवि निराला ही थे। जिनके काव्यों में सुफियों का सादापन सूर-तुलसी की समन्वय प्रतिभा और… (197 more words) …

Question number: 1336 (38 of 40 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी के मन में किसके प्रति सहानुभूति थी?

Explanation

निराला जी के मन में दीन-दुखियों के प्रति सहानुभूति थी।

क्योंकि-हर व्यक्ति का अपना एक स्वभाव होता हैं।

साहित्यिक विशेषताएँ- कवि निराला एक महान्‌ साहित्यकार थे। वे छायावादी काव्यधारा के प्रतिष्ठित कवि थे। उनके काव्य में छायावाद की सभी विशेषताएँ देखी जा सकती हैं। निराला जी के मन में दीन-दुखियों… (70 more words) …

Question number: 1337 (39 of 40 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी का निधन किस सन्‌ में हुआ?

Explanation

सन्‌ 1961 में निराला जी का निधन हो गया।

क्योंकि-जिस प्रकार हर इंसान का जन्म भगवान के अनुसार निश्चत होता है उसी प्रकार इंसान की मृत्यु भी निश्चत होती है।

”महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो, वह महाकवि निराला… (210 more words) …

Question number: 1338 (40 of 40 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी छायावादी काव्यधारा के कौनसे स्तंभों में से एक है?

Explanation

वे छायावादी काव्यधारा के चार स्तंभों में से एक है।

क्योंकि-कवि निराला छायावादी काव्यधारा के दृढ़ कवि हैं

”महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो, वह महाकवि निराला ही थे। जिनके काव्यों में सुफियों का सादापन सूर-तुलसी की समन्वय प्रतिभा… (198 more words) …

Question number: 1339

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जयशंकर प्रसाद जी के कितने विवाह हुए थे?

Explanation

जयशंकर प्रसाद जी के तीन विवाह हुए थे।

क्योंकि-पहले जमाने में राजा महाराजाओं के भी अनगिनत विवाह होते है।

”छायावाद के श्रेष्ठ कवि जयशंकर प्रसाद एक ऐसे विलक्षण एवं विराट व्यक्तित्व को लेकर अवतरित हुए थे, जिसमें विभिन्न प्रकार की साहित्यिक प्रतिभाएँ समिश्रित व विद्यमान थीं। जो कि युग-युग से… (163 more words) …

Question number: 1340

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Describe in Detail

नागार्जुन जी दव्ारा रचित उनकी काव्य रचनाएँ कौन-कौन सी हैं?

Explanation

नागार्जुन जी दव्ारा रचित उनकी काव्य रचनाएँ निम्न है-

-युगधारा, प्यासी पथराई आँखे, सतरंगे पंखों वाली, तालाब की मछलियाँ, प्यासी परछाई, हज़ार-हज़ार बाँहो वाली, तुमने कहा था, खून और शोले, पुरानी जूतियों का कोरस, चना और गर्म है।

क्योंकि-ताकि इनके काव्य की रचनाओं को हर व्यक्ति पढ़ सके।

काव्य-रचनाएँ -युगधारा,… (27 more words) …

Question number: 1341

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जयशंकर प्रसाद जी ने अपनी रचनाओं को किस बोली में लिखना आरम्भ किया?

Explanation

उन्होंने अपनी रचनाओं को खड़ी बोली में लिखना आरम्भ किया।

क्योंकि-कवि को शुरूआत में ब्रज भाषा के बाद खड़ी बोली सरल लगी।

भाषा शैली- जयशंकर प्रसाद की रचनाएँ मौलिक व तीव्र अनुभूतियों से युक्त हैं। उनकी आरम्भिक कविताएँ ब्र्रज भाषा में थीं और उसके बाद उन्होंने खड़ी बोली में लिखना… (74 more words) …

Question number: 1342

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जयशंकर प्रसाद जी की विशेष रुचि किस कार्य में है?

Explanation

उनकी विशेष रूचियों में कसरत करना और घुड़सवारी करना थीं।

क्योंकि-हर इंसान की पसंद अलग-अलग होती है।

”छायावाद के श्रेष्ठ कवि जयशंकर प्रसाद एक ऐसे विलक्षण एवं विराट व्यक्तित्व को लेकर अवतरित हुए थे, जिसमें विभिन्न प्रकार की साहित्यिक प्रतिभाएँ समिश्रित व विद्यमान थीं। जो कि युग-युग से चली आ… (161 more words) …

Question number: 1343

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Write in Short

कवि दव्ारा रचित रचनाओं में उन्होंने किन शब्दों को उदारता से अपनाया हैं?

Question number: 1344

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किस सन्‌ में विदेश से लौटने के बाद उन्होंने क्या कार्य किया?

Explanation

सन्‌ 1938 में भारत लौटकर वे स्वतंत्रता की लड़ाई में कूद पड़े।

क्योंकि-कभी-कभी व्यक्ति की अन्य बातों में भी रूचि होती है।

”प्रख्यात कवि नागार्जुन जी के हृदय में शोषित व दलित वर्ग के प्रति अपार संवेदना देखने को मिलती है। उन्होंने अपनी कविताओं में पीड़ित व त्रस्त व्यक्तियों के… (182 more words) …

Question number: 1345

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Describe in Detail

जयशंकर प्रसाद जी दव्ारा रचित नाटक और कविता के क्षेत्र की तरह ही उन्होंने किस क्षेत्र में भी युगान्तर उपस्थित किया?

Explanation

उनके दव्ारा रचित नाटक और कविता के क्षेत्र की तरह ही कहानी क्षेत्र में भी युगान्तर उपस्थित किया।

क्योंकि-उनके दव्ारा रचित कहानियाँ भी बहुत अच्छी हैं।

काव्यगत विशेषताएँ- जयशंकर प्रसाद जी नाटक और काव्य क्षेत्र में मौलिकता लाने वाले प्रतिभा-सम्पन्न साहित्यकार हैं। उन्हे छायावादी काव्य धारा का प्रवर्तक माना जाता… (54 more words) …

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