क्षितिज(Kshitij-Textbook)-Additional Questions (CBSE Class-10 Hindi): Questions 1341 - 1353 of 1621

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Question number: 1341

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » जयशंकर प्रसाद आत्मकथ्य

Essay Question▾

Describe in Detail

जयशंकर प्रसाद जी ने अपनी रचनाओं को किस बोली में लिखना आरम्भ किया?

Explanation

उन्होंने अपनी रचनाओं को खड़ी बोली में लिखना आरम्भ किया।

क्योंकि-कवि को शुरूआत में ब्रज भाषा के बाद खड़ी बोली सरल लगी।

भाषा शैली- जयशंकर प्रसाद की रचनाएँ मौलिक व तीव्र अनुभूतियों से युक्त हैं। उनकी आरम्भिक कविताएँ ब्र्रज भाषा में थीं और उसके बाद उन्होंने खड़ी बोली में लिखना… (74 more words) …

Question number: 1342

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Describe in Detail

जयशंकर प्रसाद जी की विशेष रुचि किस कार्य में है?

Explanation

उनकी विशेष रूचियों में कसरत करना और घुड़सवारी करना थीं।

क्योंकि-हर इंसान की पसंद अलग-अलग होती है।

”छायावाद के श्रेष्ठ कवि जयशंकर प्रसाद एक ऐसे विलक्षण एवं विराट व्यक्तित्व को लेकर अवतरित हुए थे, जिसमें विभिन्न प्रकार की साहित्यिक प्रतिभाएँ समिश्रित व विद्यमान थीं। जो कि युग-युग से चली आ… (161 more words) …

Question number: 1343

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » नागार्जुन यह दंतुरित मुसकान, फसल

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Write in Short

कवि दव्ारा रचित रचनाओं में उन्होंने किन शब्दों को उदारता से अपनाया हैं?

Question number: 1344

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » नागार्जुन यह दंतुरित मुसकान, फसल

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Describe in Detail

किस सन्‌ में विदेश से लौटने के बाद उन्होंने क्या कार्य किया?

Explanation

सन्‌ 1938 में भारत लौटकर वे स्वतंत्रता की लड़ाई में कूद पड़े।

क्योंकि-कभी-कभी व्यक्ति की अन्य बातों में भी रूचि होती है।

”प्रख्यात कवि नागार्जुन जी के हृदय में शोषित व दलित वर्ग के प्रति अपार संवेदना देखने को मिलती है। उन्होंने अपनी कविताओं में पीड़ित व त्रस्त व्यक्तियों के… (182 more words) …

Question number: 1345

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » जयशंकर प्रसाद आत्मकथ्य

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Describe in Detail

जयशंकर प्रसाद जी दव्ारा रचित नाटक और कविता के क्षेत्र की तरह ही उन्होंने किस क्षेत्र में भी युगान्तर उपस्थित किया?

Explanation

उनके दव्ारा रचित नाटक और कविता के क्षेत्र की तरह ही कहानी क्षेत्र में भी युगान्तर उपस्थित किया।

क्योंकि-उनके दव्ारा रचित कहानियाँ भी बहुत अच्छी हैं।

काव्यगत विशेषताएँ- जयशंकर प्रसाद जी नाटक और काव्य क्षेत्र में मौलिकता लाने वाले प्रतिभा-सम्पन्न साहित्यकार हैं। उन्हे छायावादी काव्य धारा का प्रवर्तक माना जाता… (54 more words) …

Question number: 1346

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Describe in Detail

नागार्जुन दव्ारा रचित उन्होंने अपने काव्यों में किस बात की प्रेरणा दी है?

Explanation

उन्होंने अपने काव्य में अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने की भी प्रेरणा दी है।

क्योंकि-ताकि समाज में थोड़ा अन्याय कम हो सके।

”प्रख्यात कवि नागार्जुन जी के हृदय में शोषित व दलित वर्ग के प्रति अपार संवेदना देखने को मिलती है। उन्होंने अपनी कविताओं में पीड़ित व त्रस्त व्यक्तियों के… (182 more words) …

Question number: 1347

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Describe in Detail

जयशंकर प्रसाद जी की भाषा में प्रधान विशेषता क्या रही है?

Explanation

भावमयता उनकी भाषा की प्रधान विशेषता रही है।

क्योंकि-ताकि कवि की भाषा ओर अधिक दृढ़ बन सके।

भाषा शैली- जयशंकर प्रसाद की रचनाएँ मौलिक व तीव्र अनुभूतियों से युक्त हैं। उनकी आरम्भिक कविताएँ ब्र्रज भाषा में थीं और उसके बाद उन्होंने खड़ी बोली में लिखना आरम्भ किया। प्रसाद जी की… (69 more words) …

Question number: 1348

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Describe in Detail

जयशंकर प्रसाद जी के कठोर परिश्रम करने के कारण उन्हें कौनसा रोग हो गया?

Explanation

कठोर परिश्रम करने के कारण उनका स्वास्थ्य बिगड़ गया और वे तपेदिक के रोगी बन गए।

क्योंकि-हद से ज्यादा काम करने से कोई भी व्यक्ति बीमार हो जाएगा।

”छायावाद के श्रेष्ठ कवि जयशंकर प्रसाद एक ऐसे विलक्षण एवं विराट व्यक्तित्व को लेकर अवतरित हुए थे, जिसमें विभिन्न प्रकार की साहित्यिक… (172 more words) …

Question number: 1349

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Describe in Detail

कवि नागार्जुन जी किस व्यक्ति से प्रभावित हुए?

Explanation

कवि नागार्जुन जी महात्मा बुद्ध नामक व्यक्ति से प्रभावित हुए थे।

क्योंकि-ताकि कवि अपनी मंजिल तक सही तरह से पहुंच सके।

”प्रख्यात कवि नागार्जुन जी के हृदय में शोषित व दलित वर्ग के प्रति अपार संवेदना देखने को मिलती है। उन्होंने अपनी कविताओं में पीड़ित व त्रस्त व्यक्तियों के प्रति… (181 more words) …

Question number: 1350

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Write in Short

नागार्जुन दव्ारा रचित काव्य में कवि ने किस प्रकार के गहरे व्यंग्य किए हैं?

Question number: 1351

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Describe in Detail

जयशंकर प्रसाद जी ने किस-किस विषय की शिक्षा घर पर प्राप्त की है?

Explanation

उन्होंने घर पर ही अंग्रेजी, हिन्दी, संस्कृत, उर्दू का समुचित ज्ञान प्राप्त किया।

क्योंकि-कवि के अपने निजी या कोई अन्य कारण होने से।

”छायावाद के श्रेष्ठ कवि जयशंकर प्रसाद एक ऐसे विलक्षण एवं विराट व्यक्तित्व को लेकर अवतरित हुए थे, जिसमें विभिन्न प्रकार की साहित्यिक प्रतिभाएँ समिश्रित व विद्यमान थीं।… (167 more words) …

Question number: 1352

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Describe in Detail

जयशंकर प्रसाद किस प्रकार के विलक्षण एवं विराट व्यक्तित्व को लेकर अवतरित हुए थे?

Explanation

जयशंकर प्रसाद एक ऐसे विलक्षण एवं विराट व्यक्तित्व को लेकर अवतरित हुए थे कि उनमें विभिन्न प्रकार की साहित्यिक प्रतिभाएँ समिश्रित व विद्यमान थीं। जो कि युग-युग से चली आ रही प्राचीन धारा को एक नवीन मोड़ देने में समर्थ सिद्ध हुई।

क्योंकि-कवि में एक से अधिक खूबियाँ मौजूद थीं।… (194 more words) …

Question number: 1353

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Describe in Detail

नागार्जुन जी ने कितनी बार संपूर्ण भारत की यात्रा की?

Explanation

उन्होंने अनेक बार संपूर्ण भारत की यात्रा की।

क्योंकि- ताकि कवि को इन यात्राओं अधिक से अधिक जानकारी मिल सके।

”प्रख्यात कवि नागार्जुन जी के हृदय में शोषित व दलित वर्ग के प्रति अपार संवेदना देखने को मिलती है। उन्होंने अपनी कविताओं में पीड़ित व त्रस्त व्यक्तियों के प्रति अद्धितीय… (180 more words) …

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