क्षितिज(Kshitij-Textbook)-Additional Questions (CBSE (Central Board of Secondary Education- Board Exam) Class-10 Hindi): Questions 1313 - 1325 of 1621

Get 1 year subscription: Access detailed explanations (illustrated with images and videos) to 2295 questions. Access all new questions we will add tracking exam-pattern and syllabus changes. View Sample Explanation or View Features.

Rs. 1650.00 or

Passage

सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’

Question number: 1313 (15 of 40 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नह

Essay Question▾

Describe in Detail

मुक्त छंद के कौनसे प्रवर्तक हिन्दी के सर्वोच्च कवियों में समाहित हैं।

Explanation

मुक्त छंद के प्रवर्तक सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ हिन्दी के सर्वोच्च कवियों में समाहित हैं।

क्योंकि-निराला जी ने भी हिंदी की कविताओं को बनाए रखने में अपना योगदान दिया है।

”महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो, वह महाकवि निराला ही

… (209 more words) …

Question number: 1314 (16 of 40 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नह

Essay Question▾

Describe in Detail

निराला जी किस प्रकार के साहित्यकार थे?

Explanation

निराला जी एक महान प्रकार के साहित्यकार थे।

क्योंकि-निराला कवि जी की रचनाएँ बहुत ही अच्छी हैं।

साहित्यक रचनाएँ- निराला जी एक महान साहित्यकार थे। उनका गद्य और काव्य दोनों ही विधाओं पर समान अधिकार था। उनकी प्रमुख रचनाएँ इस प्रकार हैं-

काव्य संग्रह- ’अनामिका, परिमल, तुलसीदास, गीतिका, अणिमा, कुकुरमुत्ता,

… (35 more words) …

Question number: 1315 (17 of 40 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नह

Essay Question▾

Describe in Detail

”महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो, वह महाकवि कौन थे?

Explanation

”महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो, वह महाकवि निराला ही थे।

क्योंकि-हिंदी साहित्य को आगे बढ़ाने के लिए कोई न कोई महापुरूष आते ही रहेे है।

”महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक

… (217 more words) …

Question number: 1316 (18 of 40 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नह

Short Answer Question▾

Write in Short

निराला जी ने भाषा का किस तरह से प्रयोग किया है?

Question number: 1317 (19 of 40 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नह

Essay Question▾

Describe in Detail

कवि निराला जी दव्ारा रचित उनकी कविताओं में किस विचारधारा को प्रकट किया है?

Explanation

कवि निराला जी दव्ारा रचित उन्होंने अपनी कविताओं में मानवतावादी विचारधारा को प्रकट किया है।

क्योंकि-कवि को उपरोक्त विचारधारओं से बहुत लगाव है।

साहित्यिक विशेषताएँ- कवि निराला एक महान्‌ साहित्यकार थे। वे छायावादी काव्यधारा के प्रतिष्ठित कवि थे। उनके काव्य में छायावाद की सभी विशेषताएँ देखी जा सकती हैं। निराला

… (75 more words) …

Question number: 1318 (20 of 40 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नह

Essay Question▾

Describe in Detail

निराला जी की माताजी का निधन कब हो गया था?

Explanation

शैशवावस्था में उनकी माताजी का निधन हो गया।

क्योकि-हर इंसान की मृत्यु निश्चत होती है अंतर इतना हैै कि किसी की पहले मृत्यु होती है किसी की बाद में।

”महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो, वह महाकवि निराला ही

… (209 more words) …

Question number: 1319 (21 of 40 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नह

Essay Question▾

Describe in Detail

कवि निराला जी छायावादी काव्यधारा के किस तरह के कवि थे?

Explanation

वे छायावादी काव्यधारा के प्रतिष्ठित कवि थे।

क्योंकि- कवि निराला जी उपरोक्त धारा में बेहतर अपना योगदान दिया है।

साहित्यिक विशेषताएँ- कवि निराला एक महान्‌ साहित्यकार थे। वे छायावादी काव्यधारा के प्रतिष्ठित कवि थे। उनके काव्य में छायावाद की सभी विशेषताएँ देखी जा सकती हैं। निराला जी के मन में

… (71 more words) …

Question number: 1320 (22 of 40 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नह

Essay Question▾

Describe in Detail

निराला जी छायावादी काव्यधारा के कौनसे स्तंभों में से एक है?

Explanation

वे छायावादी काव्यधारा के चार स्तंभों में से एक है।

क्योंकि-कवि निराला छायावादी काव्यधारा के दृढ़ कवि हैं

”महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो, वह महाकवि निराला ही थे। जिनके काव्यों में सुफियों का सादापन सूर-तुलसी की समन्वय प्रतिभा

… (198 more words) …

Question number: 1321 (23 of 40 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नह

Essay Question▾

Describe in Detail

निराला जी दव्ारा रचित रचनओं में उन्होंने किन संबंधों पर बल दिया है?

Explanation

उन्होंने आत्मा और परमात्मा के प्रणय संबंधों पर बल दिया है।

क्योंकि-कवि ने उपरोक्त संबंधों का गहराई से अध्ययन किया हैं।

साहित्यिक विशेषताएँ- कवि निराला एक महान्‌ साहित्यकार थे। वे छायावादी काव्यधारा के प्रतिष्ठित कवि थे। उनके काव्य में छायावाद की सभी विशेषताएँ देखी जा सकती हैं। निराला जी के

… (73 more words) …

Question number: 1322 (24 of 40 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नह

Short Answer Question▾

Write in Short

कवि निराला जी ने अपने काव्यों में किस शब्दावली का प्रयोग किया है?

Question number: 1323 (25 of 40 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नह

Short Answer Question▾

Write in Short

कवि निराला जी ने अपनी रचनाओं में किन शब्दाेें का सहज एवं भावानुकूल प्रयोग किया है?

Question number: 1324 (26 of 40 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नह

Short Answer Question▾

Write in Short

निराला जी की भाषा किनके अनुरूप परिवर्तित होती रहती है?

Question number: 1325 (27 of 40 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नह

Essay Question▾

Describe in Detail

किनके काव्यों में सुफियों का सादापन सूर-तुलसी की समन्वय प्रतिभा और प्रसाद की सौंदर्य चेतना सम्पूर्ण रूप से साकार हो उठी है?

Explanation

सूर्यकांत त्रिपाठी निराला जी के काव्यों में सुफियों का सादापन सूर-तुलसी की समन्वय प्रतिभा और प्रसाद की सौंदर्य चेतना सम्पूर्ण रूप से साकार हो उठी है।

क्योंकि-कोई कोई कवि पहले वाले कवियों की इच्छाओं की पूर्ति करते थे।

”महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं

… (218 more words) …

f Page
Sign In