क्षितिज(Kshitij-Textbook)-Additional Questions (CBSE (Central Board of Secondary Education- Board Exam) Class-10 Hindi): Questions 1304 - 1317 of 1621

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Passage

सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’

Question number: 1304 (6 of 40 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी दव्ारा रचित आधुनिक हिन्दी कविता को उन्होंने कौनसी दिशा प्रदान की?

Explanation

निराला जी दव्ारा रचित उन्होंने आधुनिक हिन्दी कविता को एक नई दिशा प्रदान की।

क्योंकि-ताकि इन कविताओं का ओर अधिक विस्तार हो सके।

“महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो, वह महाकवि निराला ही थे। जिनके काव्यों में सुफियों का सादापन सूर-तुलसी की समन्वय प्रतिभा और प्रसाद की सौंदर्य चेतना सम्पूर्ण रूप से साक

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Question number: 1305 (7 of 40 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी की आरम्भिक शिक्षा कहाँ हुई थी?

Explanation

निराला जी की आरम्भिक शिक्षा बंगाल में ही हुई थी।

क्योंकि-किसी भी व्यक्ति की शिक्षा उसके निजी कारणों के अनुसार होती है।

“महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो, वह महाकवि निराला ही थे। जिनके काव्यों में सुफियों का सादापन सूर-तुलसी की समन्वय प्रतिभा और प्रसाद की सौंदर्य चेतना सम्पूर्ण रूप से साकार हो उठ

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Question number: 1306 (8 of 40 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी दव्ारा रचित उनके काव्य संग्रह में कौन-कौन सी रचनाएँ है?

Explanation

निराला जी दव्ारा रचित उनके काव्य संग्रह में ’अनामिका, परिमल, तुलसीदास, गीतिका, अणिमा, कुकुरमुत्ता, बेला, अर्चना, आराधना, नये पत्ते, गीत -गूँज आदि उनके काव्य संग्रह की रचनाएँ है।

क्योंकि- कवि की काव्य रचनाएँ बहुत अधिक रोचक होने केे कारण उनके अनगिनत नाम होते है। उपरोक्त लिखी गई काव्य संग्रह कवि के लिए प्रमुख हैं।

साहित्यक रचनाएँ- निराला जी एक महान

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Question number: 1307 (9 of 40 Based on Passage) Show Passage

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कवि निराला जी छायावादी काव्यधारा के किस तरह के कवि थे?

Explanation

वे छायावादी काव्यधारा के प्रतिष्ठित कवि थे।

क्योंकि- कवि निराला जी उपरोक्त धारा में बेहतर अपना योगदान दिया है।

साहित्यिक विशेषताएँ- कवि निराला एक महान्‌ साहित्यकार थे। वे छायावादी काव्यधारा के प्रतिष्ठित कवि थे। उनके काव्य में छायावाद की सभी विशेषताएँ देखी जा सकती हैं। निराला जी के मन में दीन-दुखियों के प्रति सहानुभूति थी। उन्होंने अपनी कविताओं म

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Question number: 1308 (10 of 40 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी दव्ारा रचित रचनाओं में किसका यथार्थ चित्रण मिलता है?

Explanation

उनके दव्ारा रचित रचनाओं में तत्कालीन राजनीतिक, सामाजिक तथा आर्थिक विषमता का यथार्थ चित्रण मिलता है।

क्योंकि- कवि ने अपने आस-पास की स्थितियों को देखकर उसका चित्रण करता है।

साहित्यिक विशेषताएँ- कवि निराला एक महान्‌ साहित्यकार थे। वे छायावादी काव्यधारा के प्रतिष्ठित कवि थे। उनके काव्य में छायावाद की सभी विशेषताएँ देखी जा सकती हैं। निराला जी के मन मे

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Question number: 1309 (11 of 40 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी के दव्ारा रचित रेखाचित्र में कौनसी रचनाएँ है?

Explanation

निराला जी के दव्ारा रचित रेखाचित्र में कुल्ली भाट, बिल्ले सुर, बकरिहा। रचनाएँ है।

क्योंकि-इन कवि की रेखाचित्र की रचनाएँ भी खूब रौचक हैं। जो कवि की प्रमुख रेखाचित्र है।

साहित्यक रचनाएँ- निराला जी एक महान साहित्यकार थे। उनका गद्य और काव्य दोनों ही विधाओं पर समान अधिकार था। उनकी प्रमुख रचनाएँ इस प्रकार हैं-

काव्य संग्रह- ’अनामिका, परिमल, तुलसीदास,

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Question number: 1310 (12 of 40 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी ने भाषा का किस तरह से प्रयोग किया है?

Question number: 1311 (13 of 40 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी किस प्रकार के साहित्यकार थे?

Explanation

निराला जी एक महान प्रकार के साहित्यकार थे।

क्योंकि-निराला कवि जी की रचनाएँ बहुत ही अच्छी हैं।

साहित्यक रचनाएँ- निराला जी एक महान साहित्यकार थे। उनका गद्य और काव्य दोनों ही विधाओं पर समान अधिकार था। उनकी प्रमुख रचनाएँ इस प्रकार हैं-

काव्य संग्रह- ’अनामिका, परिमल, तुलसीदास, गीतिका, अणिमा, कुकुरमुत्ता, बेला, अर्चना, आराधना, नये पत्ते, गीत -गूँज आदि

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Question number: 1312 (14 of 40 Based on Passage) Show Passage

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जीवन के संघर्षों से जुझते हुए भी निराला जी किस कार्य में लगे रहे?

Explanation

जीवन के संघर्षों से जुझते हुए भी निराला जी साहित्य रचना के कार्य में लगे रहे।

क्योंकि-कवि अपने दुख को दूर करने के लिए वह किसी न किसी काम में अपने आप को व्यस्त कर सके।

“महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो, वह महाकवि निराला ही थे। जिनके काव्यों में सुफियों का सादापन सूर-तुलसी की समन्वय प्रतिभा और प्र

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Question number: 1313 (15 of 40 Based on Passage) Show Passage

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कवि निराला जी दव्ारा रचित आलोचना और निबंध में कौनसी रचनाएँ है?

Explanation

कवि निराला जी दव्ारा रचित आलोचना और निबंधमेंप्रबंध-पद्म, प्रबंध-प्रतिभा, प्रबंध-परिचय। रचनाएँ है।

क्योंकि- आलोचना और निबंध दोनों ही कवि की प्रमुख रचनाएँ हैं।

साहित्यक रचनाएँ- निराला जी एक महान साहित्यकार थे। उनका गद्य और काव्य दोनों ही विधाओं पर समान अधिकार था। उनकी प्रमुख रचनाएँ इस प्रकार हैं-

काव्य संग्रह- ’अनामिका, परिमल, तुलसीदास, गीतिका, अणि

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Question number: 1314 (16 of 40 Based on Passage) Show Passage

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किनके काव्यों में सुफियों का सादापन सूर-तुलसी की समन्वय प्रतिभा और प्रसाद की सौंदर्य चेतना सम्पूर्ण रूप से साकार हो उठी है?

Explanation

सूर्यकांत त्रिपाठी निराला जी के काव्यों में सुफियों का सादापन सूर-तुलसी की समन्वय प्रतिभा और प्रसाद की सौंदर्य चेतना सम्पूर्ण रूप से साकार हो उठी है।

क्योंकि-कोई कोई कवि पहले वाले कवियों की इच्छाओं की पूर्ति करते थे।

“महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो, वह महाकवि निराला ही थे। जिनके काव्यों में सु

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Question number: 1315 (17 of 40 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी छायावादी काव्यधारा के कौनसे स्तंभों में से एक है?

Explanation

वे छायावादी काव्यधारा के चार स्तंभों में से एक है।

क्योंकि-कवि निराला छायावादी काव्यधारा के दृढ़ कवि हैं

“महात्मा कबीर के बाद हिन्दी साहित्य जगत में यदि कोई फक्कड़ एवं निर्भीक कवि पैदा हुआ तो, वह महाकवि निराला ही थे। जिनके काव्यों में सुफियों का सादापन सूर-तुलसी की समन्वय प्रतिभा और प्रसाद की सौंदर्य चेतना सम्पूर्ण रूप से साकार हो उठी है।”

जीवन-परि

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Question number: 1316 (18 of 40 Based on Passage) Show Passage

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Write in Short

कवि निराला जी ने अपने काव्यों में किस शब्दावली का प्रयोग किया है?

Question number: 1317 (19 of 40 Based on Passage) Show Passage

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कवि निराला जी दव्ारा रचित उनकी कविताओं में किस विचारधारा को प्रकट किया है?

Explanation

कवि निराला जी दव्ारा रचित उन्होंने अपनी कविताओं में मानवतावादी विचारधारा को प्रकट किया है।

क्योंकि-कवि को उपरोक्त विचारधारओं से बहुत लगाव है।

साहित्यिक विशेषताएँ- कवि निराला एक महान्‌ साहित्यकार थे। वे छायावादी काव्यधारा के प्रतिष्ठित कवि थे। उनके काव्य में छायावाद की सभी विशेषताएँ देखी जा सकती हैं। निराला जी के मन में दीन-दुखियों के प्रति सहानुभ

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