क्षितिज(Kshitij-Textbook)-Additional Questions (CBSE (Central Board of Secondary Education- Board Exam) Class-10 Hindi): Questions 1289 - 1302 of 1621

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Passage

(2)

यह विडंबना! अरी सरलते तेरी हँसी उड़ाऊँ मैं।

भूले अपनी या प्रवंचना औरों की दिखलाऊँ मैं।

उज्ज्वल गाथा कैसे गाऊँ, मधुर चाँदनी रातों की।

और खिल-खिला कर हँसते होने वाली उन बातों की।

Question number: 1289 (4 of 4 Based on Passage) Show Passage

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जयशंकर दव्ारा रचित उपर्युक्त प्रसंग के भाव सौंदर्य क्या हैं?

Explanation

जयशंकर दव्ारा रचित उपर्युक्त प्रसंग के भाव सौंदर्य है कि इसमें कवि ने अपने जीवन को बहुत ही सरल बताया है लेकिन इस जीवन का कोई उपहास करे वह कवि को पसंद नहीं है। इसके साथ में कवि के अनुसार बीते हुए सुखी जीवन का उल्लेख करना कठिन होता है

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Question number: 1290

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नागार्जुन जी ने शिक्षा कहां से ग्रहण की है?

Explanation

उन्होंने बनारस और कोलकाता से शिक्षा ग्रहण की।

क्योंकि-कभी-कभी किसी व्यक्ति को अधिक शिक्षा प्राप्त करने के लिए कहीं दूर भी जाना पड़ता हैं।

”प्रख्यात कवि नागार्जुन जी के हृदय में शोषित व दलित वर्ग के प्रति अपार संवेदना देखने को मिलती है। उन्होंने अपनी कविताओं में पीड़ित व त्रस्त

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Question number: 1291

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नागार्जुन को किस बात लिए सम्मानित किया गया है?

Question number: 1292

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नागार्जुन का मूल नाम क्या था?

Explanation

उनका मूल नाम वैद्यनाथ मिश्र था।

क्योंकि-हर व्यक्ति का वास्तविक नाम कुंडली के अनुसार रखा जाता हैं।

”प्रख्यात कवि नागार्जुन जी के हृदय में शोषित व दलित वर्ग के प्रति अपार संवेदना देखने को मिलती है। उन्होंने अपनी कविताओं में पीड़ित व त्रस्त व्यक्तियों के प्रति अद्धितीय सहानुभूति प्रदर्शित किया

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Question number: 1293

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किस सन्‌ में उनका देहावसान हो गया?

Explanation

सन्‌ 1998 में उनका देहावसान हो गया।

क्योंकि-हर व्यक्ति की मृत्य भी इस संसार में निश्चित होती है।

”प्रख्यात कवि नागार्जुन जी के हृदय में शोषित व दलित वर्ग के प्रति अपार संवेदना देखने को मिलती है। उन्होंने अपनी कविताओं में पीड़ित व त्रस्त व्यक्तियों के प्रति अद्धितीय सहानुभूति प्रदर्शित

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Question number: 1294

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जयशंकर प्रसाद दव्ारा रचित उनकी आरम्भिक कविताएँ किस भाषा में थी? ं

Explanation

जयशंकर प्रसाद दव्ारा रचित उनकी आरम्भिक कविताएँ ब्र्रज भाषा में थीं।

क्योंकि-शुरूआत में कवि को लिखने के लिए ब्रज भाषा ही सरल लगी थी।

भाषा शैली- जयशंकर प्रसाद की रचनाएँ मौलिक व तीव्र अनुभूतियों से युक्त हैं। उनकी आरम्भिक कविताएँ ब्र्रज भाषा में थीं और उसके बाद उन्होंने खड़ी बोली

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Question number: 1295

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नागार्जुन जी दव्ारा रचित उन्होंने अपनी रचनाओं में किस पर बल दिया है?

Question number: 1296

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जयशंकर प्रसाद जी दव्ारा रचित उन्होंने अपने काव्यों किसको चित्रित किया है?

Explanation

जयशंकर प्रसाद जी दव्ारा रचित उन्होंने अपने काव्यों में प्रकृति, श्रृंगार, रहस्यवाद, दर्शन, प्रेम आदि से उत्पन्न अनुभूतियों का चित्रित किया है।

क्योंकि-ताकि कवि का काव्य ओर अधिक सुदंर दिखे।

भाषा शैली- जयशंकर प्रसाद की रचनाएँ मौलिक व तीव्र अनुभूतियों से युक्त हैं। उनकी आरम्भिक कविताएँ ब्र्रज भाषा में थीं

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Question number: 1297

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नागार्जुन जी दव्ारा रचित उन्होंने अपनी कविताओं में किस का चित्रांकन किया है?

Question number: 1298

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नागार्जुन दव्ारा रचित काव्यों में पीड़ा का अधिक महत्व क्यों है?

Explanation

बचपन दुखों में व्यतीत होने के कारण ही उनके काव्य में पीड़ा का अधिक महत्व है।

क्योंकि-कवि के जीवन में अपार दुख होने से वह किसी न किसी माध्यम से उसे व्यक्त अवश्य करता हैं।

”प्रख्यात कवि नागार्जुन जी के हृदय में शोषित व दलित वर्ग के प्रति अपार संवेदना

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Passage

सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’

Question number: 1299 (1 of 40 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी की भाषा किस रूप से परिपूर्ण है?

Question number: 1300 (2 of 40 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी दव्ारा रचित रचनओं में उन्होंने किन संबंधों पर बल दिया है?

Explanation

उन्होंने आत्मा और परमात्मा के प्रणय संबंधों पर बल दिया है।

क्योंकि-कवि ने उपरोक्त संबंधों का गहराई से अध्ययन किया हैं।

साहित्यिक विशेषताएँ- कवि निराला एक महान्‌ साहित्यकार थे। वे छायावादी काव्यधारा के प्रतिष्ठित कवि थे। उनके काव्य में छायावाद की सभी विशेषताएँ देखी जा सकती हैं। निराला जी के

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Question number: 1301 (3 of 40 Based on Passage) Show Passage

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कवि निराला जी ने अपनी रचनाओं में किन शब्दाेें का सहज एवं भावानुकूल प्रयोग किया है?

Question number: 1302 (4 of 40 Based on Passage) Show Passage

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कवि निराला जी ने अपने काव्यों में किस शब्दावली का प्रयोग किया है?

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