क्षितिज(Kshitij-Textbook)-Additional Questions (CBSE Class-10 Hindi): Questions 1292 - 1305 of 1621

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Question number: 1292

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » नागार्जुन यह दंतुरित मुसकान, फसल

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नागार्जुन का मूल नाम क्या था?

Explanation

उनका मूल नाम वैद्यनाथ मिश्र था।

क्योंकि-हर व्यक्ति का वास्तविक नाम कुंडली के अनुसार रखा जाता हैं।

”प्रख्यात कवि नागार्जुन जी के हृदय में शोषित व दलित वर्ग के प्रति अपार संवेदना देखने को मिलती है। उन्होंने अपनी कविताओं में पीड़ित व त्रस्त व्यक्तियों के प्रति अद्धितीय सहानुभूति प्रदर्शित किया… (177 more words) …

Question number: 1293

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » नागार्जुन यह दंतुरित मुसकान, फसल

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किस सन्‌ में उनका देहावसान हो गया?

Explanation

सन्‌ 1998 में उनका देहावसान हो गया।

क्योंकि-हर व्यक्ति की मृत्य भी इस संसार में निश्चित होती है।

”प्रख्यात कवि नागार्जुन जी के हृदय में शोषित व दलित वर्ग के प्रति अपार संवेदना देखने को मिलती है। उन्होंने अपनी कविताओं में पीड़ित व त्रस्त व्यक्तियों के प्रति अद्धितीय सहानुभूति प्रदर्शित… (178 more words) …

Question number: 1294

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » जयशंकर प्रसाद आत्मकथ्य

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Describe in Detail

जयशंकर प्रसाद दव्ारा रचित उनकी आरम्भिक कविताएँ किस भाषा में थी? ं

Explanation

जयशंकर प्रसाद दव्ारा रचित उनकी आरम्भिक कविताएँ ब्र्रज भाषा में थीं।

क्योंकि-शुरूआत में कवि को लिखने के लिए ब्रज भाषा ही सरल लगी थी।

भाषा शैली- जयशंकर प्रसाद की रचनाएँ मौलिक व तीव्र अनुभूतियों से युक्त हैं। उनकी आरम्भिक कविताएँ ब्र्रज भाषा में थीं और उसके बाद उन्होंने खड़ी बोली… (76 more words) …

Question number: 1295

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Write in Short

नागार्जुन जी दव्ारा रचित उन्होंने अपनी रचनाओं में किस पर बल दिया है?

Question number: 1296

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जयशंकर प्रसाद जी दव्ारा रचित उन्होंने अपने काव्यों किसको चित्रित किया है?

Explanation

जयशंकर प्रसाद जी दव्ारा रचित उन्होंने अपने काव्यों में प्रकृति, श्रृंगार, रहस्यवाद, दर्शन, प्रेम आदि से उत्पन्न अनुभूतियों का चित्रित किया है।

क्योंकि-ताकि कवि का काव्य ओर अधिक सुदंर दिखे।

भाषा शैली- जयशंकर प्रसाद की रचनाएँ मौलिक व तीव्र अनुभूतियों से युक्त हैं। उनकी आरम्भिक कविताएँ ब्र्रज भाषा में थीं… (82 more words) …

Question number: 1297

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नागार्जुन जी दव्ारा रचित उन्होंने अपनी कविताओं में किस का चित्रांकन किया है?

Question number: 1298

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नागार्जुन दव्ारा रचित काव्यों में पीड़ा का अधिक महत्व क्यों है?

Explanation

बचपन दुखों में व्यतीत होने के कारण ही उनके काव्य में पीड़ा का अधिक महत्व है।

क्योंकि-कवि के जीवन में अपार दुख होने से वह किसी न किसी माध्यम से उसे व्यक्त अवश्य करता हैं।

”प्रख्यात कवि नागार्जुन जी के हृदय में शोषित व दलित वर्ग के प्रति अपार संवेदना… (195 more words) …

Passage

सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’

Question number: 1299 (1 of 40 Based on Passage) Show Passage

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » सूर्यकांत त्रिपाठी ’निराला’ उत्साह, अट नह

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निराला जी ने अपनी रचनाओं में किन बंधनों का विरोध किया है?

Explanation

उन्होंने अपनी रचनाओं में साहित्य में बंधनों का विरोध किया है।

क्योंकि-कवि किसी भी प्रकार के बंधन में नहीं रहना चाहता हैं।

साहित्यिक विशेषताएँ- कवि निराला एक महान्‌ साहित्यकार थे। वे छायावादी काव्यधारा के प्रतिष्ठित कवि थे। उनके काव्य में छायावाद की सभी विशेषताएँ देखी जा सकती हैं। निराला जी… (74 more words) …

Question number: 1300 (2 of 40 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी किस प्रकार के साहित्यकार थे?

Explanation

निराला जी एक महान प्रकार के साहित्यकार थे।

क्योंकि-निराला कवि जी की रचनाएँ बहुत ही अच्छी हैं।

साहित्यक रचनाएँ- निराला जी एक महान साहित्यकार थे। उनका गद्य और काव्य दोनों ही विधाओं पर समान अधिकार था। उनकी प्रमुख रचनाएँ इस प्रकार हैं-

काव्य संग्रह- ’अनामिका, परिमल, तुलसीदास, गीतिका, अणिमा, कुकुरमुत्ता,… (35 more words) …

Question number: 1301 (3 of 40 Based on Passage) Show Passage

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Describe in Detail

कवि निराला जी दव्ारा रचित आलोचना और निबंध में कौनसी रचनाएँ है?

Explanation

कवि निराला जी दव्ारा रचित आलोचना और निबंधमेंप्रबंध-पद्म, प्रबंध-प्रतिभा, प्रबंध-परिचय। रचनाएँ है।

क्योंकि- आलोचना और निबंध दोनों ही कवि की प्रमुख रचनाएँ हैं।

साहित्यक रचनाएँ- निराला जी एक महान साहित्यकार थे। उनका गद्य और काव्य दोनों ही विधाओं पर समान अधिकार था। उनकी प्रमुख रचनाएँ इस प्रकार हैं-

काव्य संग्रह-… (41 more words) …

Question number: 1302 (4 of 40 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी की भाषा किनके अनुरूप परिवर्तित होती रहती है?

Question number: 1303 (5 of 40 Based on Passage) Show Passage

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कवि निराला जी दव्ारा रचित उनकी कविताओं में किस विचारधारा को प्रकट किया है?

Explanation

कवि निराला जी दव्ारा रचित उन्होंने अपनी कविताओं में मानवतावादी विचारधारा को प्रकट किया है।

क्योंकि-कवि को उपरोक्त विचारधारओं से बहुत लगाव है।

साहित्यिक विशेषताएँ- कवि निराला एक महान्‌ साहित्यकार थे। वे छायावादी काव्यधारा के प्रतिष्ठित कवि थे। उनके काव्य में छायावाद की सभी विशेषताएँ देखी जा सकती हैं। निराला… (75 more words) …

Question number: 1304 (6 of 40 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी की भाषा किस रूप से परिपूर्ण है?

Question number: 1305 (7 of 40 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी दव्ारा रचित काव्यों में क्या देखा जा सकता हैं?

Explanation

उनके दव्ारा रचित काव्यों में छायावाद की सभी विशेषताएँ देखी जा सकती हैं।

क्योंकि-कवि निराला जी को छायावाद से बेहद लगाव था। अर्थात उनको छायावाद में बेहद रूचि थी।

साहित्यिक विशेषताएँ- कवि निराला एक महान्‌ साहित्यकार थे। वे छायावादी काव्यधारा के प्रतिष्ठित कवि थे। उनके काव्य में छायावाद की सभी… (81 more words) …

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