क्षितिज(Kshitij-Textbook) (CBSE Class-10 Hindi): Questions 1083 - 1093 of 1777

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Question number: 1083

» क्षितिज(Kshitij-Textbook) » Additional Questions » जयशंकर प्रसाद आत्मकथ्य

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Describe in Detail

जयशंकर प्रसाद जी को हम कवि के रूप में क्या कह सकते हैं?

Explanation

प्रसाद जी को हम कवि के रूप में युग प्रवर्तक कह सकते हैं।

क्योंकि-उन्होंने हिंदी साहित्य को इस युग में नई पहचान दी है।

काव्यगत विशेषताएँ- जयशंकर प्रसाद जी नाटक और काव्य क्षेत्र में मौलिकता लाने वाले प्रतिभा-सम्पन्न साहित्यकार हैं। उन्हे छायावादी काव्य धारा का प्रवर्तक माना जाता है। उन्होंने… (52 more words) …

Passage

(2)

विकल विकल, उन्मन थे उन्मन

विश्व के निदाघ के सकल जन,

आए अज्ञात दिशा से अनंत के घन!

तप्त धरा, जल से फिर

शीतल कर दो-

बादल, गरजो!

Question number: 1084 (1 of 10 Based on Passage) Show Passage

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कवि निराला जी दव्ारा रचित प्रस्तुत पद्यांश के अनुसार कवि का क्या उद्देश्य है?

Explanation

प्रस्तुत पद्यांश के अनुसार कवि का यह उद्देश्य है कि विश्व में होने वाली सामाजिक क्रांतियों से बैचेन और अनमने लोगों को दिलासा देना ही साहित्यकार का उद्देश्य होता है।

क्योंकि-हर व्यक्ति का जीवन में कोई न कोई उद्देश्य अवश्य होता है तभी वह अपनी मंजिल तक पहुँच पाता है।… (214 more words) …

Question number: 1085 (2 of 10 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी दव्ारा रचित प्रस्तुत पद्यांश में कवि के अनुसार किसके द्वारा ही समाज में चेतना का भाव आने का भरोसा बना है?

Explanation

साहित्य के माध्यम से ही समाज में जागृत का भाव आने का भरोसा बना है।

क्योंकि-किसी न किसी के माध्यम से समाज को जाग्रत करना जरूरी होता है।

प्रसंग- निराला जी दव्ारा रचित प्रस्तुत पद में यहाँ कवि ने बादल को नई कल्पना, सोच और नये अंकुर (नवजात शिशु) अर्थात… (192 more words) …

Question number: 1086 (3 of 10 Based on Passage) Show Passage

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कवि निराला जी दव्ारा रचित प्रस्तुत पद्यांश के शिल्प-सौंदर्य क्या है?

Explanation

प्रस्तुत पद्यांश के शिल्प-सौंदर्य यह है इसमें कवि ने लोगों के जीवन को व्यापक व समग्र दोनों रूप में देखकर उसकों प्रस्तुत किया हैं। उसमें अलकांरों, शैली, भाषा, छंद व स्वर का बहुत ही मनोरम तरीके से प्रयोग किया है।

क्योंकि-उपरोक्त प्रंसग का शिल्प-सौंदर्य बहुत ही अनोखा नज़र आए।

प्रसंग-… (213 more words) …

Question number: 1087 (4 of 10 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी दव्ारा रचित प्रस्तुत पद्यांश में कवि के अनुसार संसार के संपूर्ण मानव-समुदाय में बदलाव के कारण कैसा वातावरण बना हुआ था?

Explanation

मनुष्य-समुदाय अर्थात प्राणियों में परिवर्तन के परिणामस्वरूप बैचनी और अनमनी परिस्थितियों का माहौल बना हुआ था।

क्योंकि-गर्मी के कारण पृथ्वी का हर इंसान बैचेन है।

प्रसंग- निराला जी दव्ारा रचित प्रस्तुत पद में यहाँ कवि ने बादल को नई कल्पना, सोच और नये अंकुर (नवजात शिशु) अर्थात नया जीवन के… (189 more words) …

Question number: 1088 (5 of 10 Based on Passage) Show Passage

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कवि निराला जी दव्ारा रचित प्रस्तुत पद्यांश के भाव-सौंदर्य क्या है?

Explanation

कवि निराला जी दव्ारा रचित प्रस्तुत पद्यांश के भाव-सौंदर्य यह है कि कवि इस कविता के माध्यम से बादल को बहुत ही बैचेन होकर बुलाता है ताकि वे बादल हर तरफ से आकर इस पृथ्वी में बरसकर पृथ्वी के हर इंसान को जल से राहत पहुंचाकर वहां की गर्मी दूर… (249 more words) …

Question number: 1089 (6 of 10 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी दव्ारा रचित प्रस्तुत पद्यांश में कवि ने बादल को क्या बताया है?

Explanation

निराला जी दव्ारा रचित प्रस्तुत पद में यहाँ कवि ने बादल को नई कल्पना, सोच और नये अंकुर (नवजात शिशु) अर्थात नया जीवन के लिए देने के लिए और विनाश, विप्लव और चमक उत्पन्न को संभव करने वाला बताया है।

क्योंकि-बादल लोगों के मन एक जोश भर देता है।

प्रसंग-… (213 more words) …

Question number: 1090 (7 of 10 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी दव्ारा रचित प्रस्तुत पद्यांश में कवि के अनुसार संसार के सभी लोग केसे हो रहे थे।

Explanation

संसार के सभी लोग गर्मी के कारण बैचेन और अनमने हो रहे थे।

क्योंकि-कवि के अनुसार उस संसार में अत्यधिक गर्मी है।

प्रसंग- निराला जी दव्ारा रचित प्रस्तुत पद में यहाँ कवि ने बादल को नई कल्पना, सोच और नये अंकुर (नवजात शिशु) अर्थात नया जीवन के लिए देने के… (186 more words) …

Question number: 1091 (8 of 10 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी दव्ारा रचित प्रस्तुत पद्यांश में कवि के अनुसार साहित्यकार किन की रचनाओं के माध्यम से लोगों को क्या प्रेरित करें?

Explanation

साहित्यकार अपनी रचनाओं के माध्यम से लोगों को इस प्रकार से प्रेरित करें कि संसार में विचारों की मतभेदों व अनभन से होने वाली क्रांतियों (लड़ाई) का वातावरण शांत हो जाए।

क्योंकि-ताकि संसार के सभी लोग सुखपूर्वक रह सके।

प्रसंग- निराला जी दव्ारा रचित प्रस्तुत पद में यहाँ कवि ने… (203 more words) …

Question number: 1092 (9 of 10 Based on Passage) Show Passage

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कवि निराला जी दव्ारा रचित प्रस्तुत पद्यांश में कवि ने जीवन को किन रूपों में देखा है?

Explanation

कवि ने जीवन को व्यापक और समग्र दोनों रूपों में देखा है।

क्योंकि-जीवन में दुख व सुख दोनों ही रूप होते है जिनकी कारण से जीवन चलता है।

प्रसंग- निराला जी दव्ारा रचित प्रस्तुत पद में यहाँ कवि ने बादल को नई कल्पना, सोच और नये अंकुर (नवजात शिशु) अर्थात… (192 more words) …

Question number: 1093 (10 of 10 Based on Passage) Show Passage

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निराला जी दव्ारा रचित प्रस्तुत पद्यांश में कवि ने बादलों को कहाँ पर आने के लिए छा जाने को कह रहा है?

Explanation

हे बादल! तुम तेज ध्वनि करते हुए आकाश में मंडरा जाओ अर्थात कवि बादलों को घोर गर्जना करते हुए आकाश मण्डल में छा जाने को कह रहा है।

क्योंकि-ताकि वह रिमझिम बरसात करके पृथ्वी वासियों की गर्मी की तपन को शीतलता प्रदान कर सके।

प्रसंग- निराला जी दव्ारा रचित प्रस्तुत… (208 more words) …

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